जनता की जेब पर वार नहीं सहेगा, कांग्रेस का ऐलान – 400 यूनिट बिल हाफ योजना तत्काल बहाल करे सरकार
बिलासपुर।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा लागू 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को बहाल करने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर एवं ग्रामीण) ने आज सीएसईबी कार्यालय, तिफरा का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने ईडी श्री अम्बष्ट को ज्ञापन सौंपा और चेताया कि अगर आमजन विरोधी नीतियों पर सरकार पुनर्विचार नहीं करती, तो कांग्रेस सड़कों पर आंदोलन और तेज करेगी।


कांग्रेस भवन से बिजली कार्यालय तक आंदोलन की रैली
इस प्रदर्शन से पहले शहर अध्यक्ष विजय पांडेय और ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कांग्रेस भवन में प्रेस वार्ता कर सरकार पर तीखा हमला बोला। इसके पश्चात दोपहर 2 बजे कांग्रेस जन कांग्रेस भवन में एकत्र हुए और वहां से जुलूस की शक्ल में सीएसईबी तिफरा कार्यालय पहुंचे।

प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में हाथ से झेलने वाले पंखे रखे थे, जो प्रतीकात्मक रूप से आमजन की पीड़ा को दर्शा रहा था। ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी स्वयं एक टेबल फैन लेकर मौजूद थे।
सीएसईबी के दोनों गेट पर ताले और भारी पुलिस बल तैनात
घेराव से पहले सीएसईबी तिफरा कार्यालय के दोनों प्रवेश द्वारों को ताले जड़कर बंद कर दिया गया था, जबकि भारी संख्या में पुलिस बल गेट पर तैनात था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कांग्रेसजन वहां पहुंचे और राज्य सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
नारे गूंजते रहे:
“जनता का हाय-हाय, विष्णुदेव साय-साय”, “छत्तीसगढ़ को बचाना है – अडानी को भगाना है”, “मोदी-अडानी भाई-भाई”
ज्ञापन सौंपकर योजना बहाली की मांग
शहर अध्यक्ष विजय पांडेय और ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी ने मिलकर ईडी श्री अम्बष्ट को ज्ञापन सौंपा और स्पष्ट रूप से कहा कि कांग्रेस की 400 यूनिट तक बिल हाफ योजना को तत्काल बहाल किया जाए।
विजय केशरवानी ने कहा कि “पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजना से राज्य के करीब 44 लाख परिवारों को प्रतिमाह लाभ होता था। 5 वर्षों में हर परिवार को औसतन 40 से 50 हजार रुपये की राहत मिली थी।” लेकिन **भाजपा सरकार ने योजना को बंद कर मात्र 100 यूनिट तक ही बिल हाफ करने की घोषणा कर जनता के साथ धोखा किया है।
उन्होंने बताया कि अब यदि उपभोक्ता 101 यूनिट बिजली का उपयोग करता है, तो उसे पूरे 101 यूनिट का भुगतान करना होगा, जबकि कांग्रेस सरकार में 400 यूनिट तक की राहत सभी को मिलती थी।
विजय केशरवानी ने यह भी कहा कि पिछले डेढ़ साल में चार बार बिजली दरों में वृद्धि की गई है। कृषि उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा बोझ डाला गया है। स्मार्ट मीटरों की गड़बड़ी से हजारों रुपये का फर्जी बिल उपभोक्ताओं को थमाया जा रहा है। शिकायत करने पर समाधान के बजाय पैसा संयोजन की बात की जाती है।
“उद्योगपतियों की कठपुतली बन गई है सरकार” – कांग्रेस का आरोप
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार अब पूरी तरह उद्योगपतियों के इशारों पर काम कर रही है। गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है, ट्रांसफार्मर गायब हैं, खंभे जर्जर हैं, मेंटेनेंस का नामोनिशान नहीं और ऊपर से जनता से बढ़ा-चढ़ाकर बिल वसूला जा रहा है। यह अंधेरगर्दी नहीं तो और क्या है?
“बिजली, जंगल, किसान – सब पर हमला कर रही भाजपा सरकार”
शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि राज्य की जनता दोहरी मार झेल रही है। एक तरफ प्रदेश के जल, जंगल, जमीन को पूंजीपतियों को बेचा जा रहा है, दूसरी ओर जनता को महंगी बिजली खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ खुद विद्युत उत्पादक राज्य है।
विजय पांडेय ने कहा कि हसदेव अरण्य और तमनार के जंगलों की कटाई के कारण वन्यजीवों का रिहायशी इलाकों की ओर रुख बढ़ा है, जिससे ग्रामीणों की जान पर बन आई है।
“भाजपा सरकार छत्तीसगढ़ को राख के ढेर में तब्दील करने पर आमादा है”, यह कहते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि यह जनहित के खिलाफ है।
आमजन पर बढ़ते बोझ का विरोध
उन्होंने कहा कि राज्य के किसान, मजदूर, छोटे व्यवसायी और गरीब महंगाई की मार झेल रहे हैं। पेट्रोल-डीजल, घरेलू गैस, दैनिक वस्तुएं महंगी हैं, ऊपर से अब बिजली बिल भी बर्दाश्त से बाहर होता जा रहा है।
कांग्रेस पार्टी की मांग है कि 100 यूनिट बिल हाफ योजना को बंद कर तत्काल पूर्व की 400 यूनिट योजना को फिर से लागू किया जाए।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख नेता:
शहर अध्यक्ष विजय पांडेय, ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी,
पूर्व विधायक सियाराम कौशिक, श्रीमती रश्मि सिंह,
राजेन्द्र शुक्ला, राजेन्द्र साहू, प्रमोद नायक, रविन्द्र सिंह,
नरेंद्र बोलर, देवेंद्र सिंह, महेंद्र गंगोत्री, जितेंद्र पांडेय,
राकेश शर्मा, ऋषि पांडेय, समीर अहमद, जगदीश कौशिक,
शिवा मिश्रा, राजू यादव, महेश दुबे, अशोक शुक्ला,
लक्ष्मीनाथ साहू, गीतांजलि कौशिक, जावेद मेमन, अरविंद शुक्ला,
सीमा घृतेश, शहज़ादी कुरैशी, शेख असलम, अन्नपूर्णा ध्रुव,
संगीता कश्यप, किरण धुरी, उत्तरा सक्सेना, मोहन श्रीवास,
अनिल यादव, ओम कश्यप, सुनील सोनकर, दिलीप पाटिल,
शंकर कश्यप, जीतू यादव, तजम्मुल हक, आदेश पांडेय,
राम दुलारे रजक, संतोष ढीमर, अयाज खान, रमज़ान गौरी,
गौरव सिंह, शेर सिंह, मुकेश मरावी, बबलू मगर,
राजेश ताम्रकार, देवदत्त शर्मा, हरमेन्द्र शुक्ला,
बालचंद साहू, पिंटू कश्यप, दाऊ ठाकुर, नरेंद्र श्रीवास,
कमल कश्यप, आशीष यादव, शंकर वर्मा, गौरव कश्यप,
राजा ढीमर, सुरेंद्र तिवारी, तस्लीम खान, सालोमन सिंह,
अभिलाष रजक, महेतराम सिंगरौल, नवल किशोर सोनी,
अनिल पांडेय, शिशिर कश्यप, सुबोध केसरी, असद अख्तर,
शहजादा, संतोष साहू, राम प्रसाद साहू, प्रतीक तिवारी,
सुनील पांडेय, कंवलजीत चावला, हेरि डेनिएल, राज बंजारे,
राम कृष्ण राव, सहित सैकड़ों कांग्रेसजन उपस्थित थे।



