बिलासपुर
न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावशाली, पारदर्शी और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बिलासपुर पुलिस और न्यायपालिका ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। E-Summons मोबाइल ऐप और पोर्टल के उपयोग को लेकर पुलिस और न्यायालय से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को आज पुलिस लाइन स्थित बिलासागुड़ी सभागार में विशेष प्रशिक्षण दिया गया।



यह प्रशिक्षण कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (आईपीएस) के निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें 7th डिस्ट्रिक्ट एंड एडिशनल सेशंस जज श्री वेंसेस्लास टोप्पो ने भी विशेष रूप से सहभागिता की। उन्होंने ई-समन की विधिक प्रक्रिया, तकनीकी उपयोगिता और न्यायिक महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
ई-समन: समय, संसाधन और जवाबदेही का डिजिटल समाधान
ई-समन प्रणाली के माध्यम से अब समन की तामीली प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित होगी। इस तकनीक से न केवल मैनपावर की बचत होगी, बल्कि तामीली में त्रुटियों की संभावना नगण्य होगी। मोबाइल ऐप के जरिये समन प्राप्त करना, तामील करना और उसकी रिपोर्टिंग करना कहीं अधिक सुगम और प्रभावी होगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने कहा,
“पुलिसिंग को वर्तमान तकनीकी दौर के अनुरूप ढालना जरूरी है। ई-समन, ई-साक्ष्य, ई-चालान जैसे डिजिटल टूल्स पुलिस व्यवस्था की पारदर्शिता और दक्षता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।“
उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रशिक्षण, निरंतर समीक्षा और तकनीकी नवाचारों के समावेश से पुलिस बल की कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह और जनोन्मुखी बनेगी।
कौन रहे मौजूद:
इस कार्यक्रम में जिले के सभी थाना/चौकी प्रभारी, कोर्ट मोहर्रिर, समन ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मी और न्यायालय में कार्यरत तकनीकी स्टाफ ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र जयसवाल, अर्चना झा, यातायात प्रभारी रामगोपाल करियारे, डीएसपी हेड क्वार्टर रश्मित कौर चावला, सीएसपी सरकंडा सिद्धार्थ बघेल, रक्षित निरीक्षक भूपेंद्र गुप्ता सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
न्यायालय से बृजेंद्र सिंह (असिस्टेंट प्रोग्रामर) और सूर्यकांत पांडेय (कंप्यूटर असिस्टेंट) ने ऐप की तकनीकी कार्यप्रणाली का प्रदर्शन भी किया।
डिजिटल दिशा में ले जाने की तैयारी
ई-समन मोबाइल ऐप व पोर्टल के माध्यम से बिलासपुर जिला न्यायिक तामीली व्यवस्था को एक नई, डिजिटल दिशा में ले जाने की तैयारी कर चुका है। यह पहल न सिर्फ कार्यक्षमता बढ़ाएगी, बल्कि न्याय प्रक्रिया की गति और पारदर्शिता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



