“❝अवैध प्लाटिंग साबित हो जाए, तो हर सजा भुगतने को तैयार हूं: कांग्रेस नेता❞
बिलासपुर | नगर निगम एवं राजस्व विभाग द्वारा बीते दिन कोनी-बिरकोना क्षेत्र में की गई अवैध प्लाटिंग की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता त्रिलोक चंद्र श्रीवास ने बड़ा बयान दिया है। श्री श्रीवास ने स्पष्ट किया है कि न तो उन्होंने और न ही उनके किसी परिजन ने कभी कोई अवैध प्लाटिंग की है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन यह साबित कर दे कि वह किसी अवैध प्लाटिंग में शामिल हैं, तो वे हर प्रकार की सजा भुगतने को तैयार हैं।
दरअसल, कल की कार्रवाई के बाद कुछ समाचार माध्यमों में यह खबर प्रसारित हुई थी कि कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास और उनके परिजनों द्वारा खसरा नंबर 172 में 13 टुकड़ों में अवैध प्लाटिंग कर बिक्री की गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री श्रीवास ने प्रेस बयान जारी कर सफाई दी है कि जिस जमीन की बात की जा रही है वह मूलतः स्व. के.सी. पांडे एवं उनके भाइयों की पारिवारिक संपत्ति है, जिसे पारिवारिक जरूरतों के चलते सीमित लोगों को बेचा गया था। न तो वहां कोई नाली, सड़क या बाउंड्रीवॉल बनाकर प्लाटिंग की गई है और न ही उनके द्वारा कोई अवैध निर्माण कार्य किया गया है।
इसके उलट, श्री श्रीवास ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कोनी के महल नंबर 2 स्थित खसरा नंबर 147/3, 173 में राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से लगभग एक एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर 32 टुकड़ों में नामांतरण किया गया, जिसकी शिकायत वे और उनके परिजन बीते तीन वर्षों से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आश्चर्यजनक यह है कि उस अवैध कब्जे पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, और उल्टा जनहित में आवाज़ उठाने वाले उनके ऊपर ही आरोप गढ़े जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कल की कार्रवाई में उनके नाम की कोई संपत्ति शामिल नहीं थी, और न ही उन्हें कभी कोई नोटिस मिला है। उनका मानना है कि उनकी जनहित की लड़ाई को कुंद करने के उद्देश्य से यह दुष्प्रचार रचा गया है।
अंत में श्री श्रीवास ने कहा —
“जनहित के मुद्दों को उठाना मेरा धर्म है, और मैं आज भी कहता हूं कि यदि एक इंच भी अवैध प्लाटिंग मेरे द्वारा हुई हो, तो जो सजा निर्धारित हो, मैं भुगतने को तैयार हूं। लेकिन मैं झुकूंगा नहीं, और सच्चाई की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ता रहूंगा।”



