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आईजी संजीव शुक्ला ने बिलासपुर रेंज के पुलिस कप्तानों की ली क्लास, बेसिक पुलिसिंग पर फोकस और नशे के खिलाफ चल रहे अभियान को और आक्रामक बनाने का फरमान,  और क्या-क्या दिए आदेश…

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर।
बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला ने कानून-व्यवस्था की कसौटी पर जिलों के पुलिस कप्तानों की सख्त क्लास लेते हुए बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने का फरमान जारी किया है। रेंज स्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में उन्होंने लंबित विवेचनाओं, महिला व बाल अपराधों और गंभीर किस्म के प्रकरणों के शीघ्र निराकरण पर विशेष ज़ोर देते हुए कप्तानों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अब लापरवाही नहीं चलेगी, हर थाना, हर केस पर पैनी निगरानी रखी जाए। साथ ही, नशे के खिलाफ चल रहे अभियानों को और आक्रामक बनाने, विवेचकों को विधिक प्रशिक्षण दिलाने और अनुशासन में चूक करने वालों पर त्वरित कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।

  • पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला द्वारा ली गई बिलासपुर रेंज के पुलिस अधीक्षकों की बैठकl

लंबित विवेचनाओं एवं चालान की स्थिति को दुरुस्त करने हेतु पुलिस अधीक्षक स्तर पर नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने दिये गये निर्देश।

  • महिला और बाल अपराध के मामलों में प्राथमिकता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु दिये गये निर्देश।
  • मादक पदार्थों के विरूद्ध कार्यवाही में सक्रियता बढ़ाते हुए नशे के विरुद्ध अभियान को और प्रभावी बनाने दिये गये निर्देश।
  • अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को समय-समय पर विधिक प्रशिक्षण दिए जाने के दिये गये निर्देश।
  • वर्ष के आगामी माहों के लिये लक्ष्य निर्धारित कर बेसिक पुलिसिंग पर विशेष रूप से ध्यान देते हुए जिले में और अधिक बेहतर तरीके से कार्य करने पर दिया ज़ोरl दिनांक 30.0डॉ. संजीव शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर द्वारा बिलासपुर रेंज के पुलिस अधीक्षकों की अपराध समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में वर्ष 2023, 2024 तथा 2025 (01 जनवरी से 30 जून तक की अवधि) के अपराध आंकड़ों, विवेचना की स्थिति, लंबित अपराध की समीक्षा, महिला एवं बाल अपराध, गंभीर अपराधों में विवेचना की प्रगति, एनडीपीएस की कार्यवाही, अवैध संपत्ति जब्ती, समंस-वारंट की तामीली, शिकायतों की स्थिति एवं लघु अधिनियम व प्रतिबंधात्मक कार्यवाही अंतर्गत की गई कार्यवाही सहित जिले के कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई तथा आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा राजपत्रित अधिकारियों को सभी विषयों पर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिये गये। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इस बात पर विशेष बल दिया गया कि गंभीर किस्म के प्रकरणों में सतत विवेचना करते हुए यथाशीघ्र विधिसम्मत निराकरण किया जावे, प्रकरण लंबी अवधि तक विवेचना में लंबित न रहे। महिलाओं और बच्चों से संबंधित मामलों में तत्काल संज्ञान लेकर विधिसम्मत कार्यवाही किये जाने निर्देश दिये गये साथ ही इस बात पर विशेष बल दिया गया कि महिलाओं, बच्चों से संबंधित प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही करते हुए समय-सीमा के भीतर त्वरित निराकरण किया जावे। जिले में अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों, विभागीय जांॅच तथा शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जावे। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि जिले में लंबित सभी गंभीर प्रकरणों-विशेषकर हत्या, हत्या का प्रयास, बलात्कार, अपहरण एवं महिला व बच्चों संबंधी अपराध, मर्ग आदि के प्रकरणों के निराकरण की ओर विशेष ध्यान दिये जाने तथा लंबित ऐसे सभी प्रकरणों की साप्ताहिक समीक्षा की जाकर समयबद्ध निराकरण करने निर्देशित किया गया। जिले में गंभीर किस्म के प्रकरणों में जिनमें अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है तथा अनसुलझे प्रकरण जिनका निराकरण नहीं हो पाया है, ऐसे प्रकरणों में विशेष टीम गठित कर प्रकरणों का यथाशीघ्र निराकरण किये जाने निर्देशित किया गया। पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्रांतर्गत थानों के लंबित अपराधों का समयावधि में निराकरण हेतु प्रकरणवार समीक्षा प्रतिदिन स्वतः करें एवं संबंधित विवेचकों को समय-सीमा के भीतर प्रकरणों के निराकरण के संबंध में दिशा-निर्देश व मार्गदर्शन करें। गंभीर अपराधों की विवेचना में गुणवत्ता, समयबद्धता और अभियोजन समन्वय को सर्वोच्च प्राथमिकता दिये जाने पर विशेष रूप से बल दिया गया। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा निर्देशित किया गया कि संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने हेतु प्रभावी गश्त-पेट्रोलिंग, आदतन पूर्व सिद्धदोष तथा संदिग्ध व्यक्तियों पर निगाह रखते हुए आवश्यक कार्यवाही करायी जावे। जुआ-सट्टा, अवैध शराब व अवैध मादक पदार्थों एवं नशीले पदार्थों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही कराई जावे। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर शत-प्रतिशत रोक लाने हेतु मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन चेकिंग सुनिश्चित की जावे। कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों को चिन्हित किया जावे तथा इन पर निगाह रखते हुए विधिवत कार्यवाही सुनिश्चित की जावे। पुलिस महानिरीक्षक ने इस बात पर विशेष बल दिया कि पुलिसकर्मी पूर्ण अनुशासन में रहें, इसे सुनिश्चित किया जावे। किसी भी अनुशासहीनता के लिए संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार त्वरित अनुशासनात्मक कार्यवाही करें ताकि बल में अनुशासन का स्तर बना रहे। नगर पुलिस अधीक्षक/पुलिस अनुविभागीय अधिकारी को और अधिक जिम्मेदार बनाते हुए उन्हें नियमित टास्क दिया जाकर कार्यवाही सुनिश्चित करावें। पर्यवेक्षणकर्ता राजपत्रित अधिकारी अपने पर्यवेक्षणीय थाना के कार्यों की प्रतिदिन नियमित मॉनिटरिंग करें तथा अधीनस्थों को उचित दिशा-निर्देश व मार्गदर्शन करें। राजपत्रित अधिकारीगण वरिष्ठ कार्यालयों से प्राप्त सभी प्रकार के दिशा-निर्देशों को अधीनस्थों से साझा करें एवं दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करावें। समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह, पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री भोजराम पटेल, पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री दिव्यांग पटेल, पुलिस अधीक्षक कोरबा श्री सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक सारंगढ़-बिलाईगढ़ श्री अंजनेय वार्ष्णेय, पुलिस अधीक्षक सक्ती सुश्री अंकित शर्मा, पुलिस अधीक्षक जांॅजगीर-चाम्पा श्री विजय पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही श्री सुरजन राम भगत सहित पु.म.नि. रेंज कार्या. से अति.पुलिस अधीक्षक श्रीमती मधुलिका सिंह उपस्थित रहे।

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