
Bilaspur। नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ की सियासत का दिलचस्प मोड़ देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 17, छत्तीसगढ़ सदन में राज्य के सांसदों के साथ सौजन्य मुलाक़ात और रात्रिभोज का आयोजन किया। हालांकि यह बैठक ‘सौजन्य भेंट’ के रूप में पेश की गई, लेकिन इसे राजनीतिक दृष्टि से एक रणनीतिक संवाद के रूप में देखा जा रहा है।
इस ‘डिनर पॉलिटिक्स’ के केंद्र में राज्य की विकास योजनाएं, केंद्र-राज्य समन्वय और आगामी राजनीतिक दिशा जैसे विषय रहे। मुख्यमंत्री ने सांसदों से प्रदेश के जमीनी मुद्दों पर फीडबैक लिया और आगामी योजनाओं को लेकर सहयोग की अपेक्षा जताई।
सांसदों संग रात्रि-भोज की चर्चा के अहम बिंदु:
🔹 राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की मजबूती:
मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसदों की भागीदारी से राज्य की आवाज़ राष्ट्रीय मंच पर प्रभावशाली ढंग से पहुँचती है।
🔹 प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना:
देश में हो रहे व्यापक बदलावों को लेकर सांसदों ने प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण की सराहना की।
🔹 नीतिगत चर्चाएं:
▪ औद्योगिक नीति
▪ निवेश आकर्षण
▪ युवाओं के लिए नए अवसर
▪ किसानों की आमदनी बढ़ाने की योजना
▪ नक्सल क्षेत्र में विकास
🔹 सांसदों का फीडबैक:
सांसदों ने केंद्र की योजनाओं के ज़मीनी क्रियान्वयन पर अपने अनुभव साझा किए और सुझाव दिए।
मुख्यमंत्री का बयान

“छत्तीसगढ़ के समग्र विकास के लिए सांसदों की भूमिका निर्णायक है। केंद्र सरकार की योजनाओं को और प्रभावी बनाने में आपका सहयोग बेहद अहम है।”
— मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय



