

कोटा पुलिस की सजगता और त्वरित कार्रवाई के चलते थाना क्षेत्र में आपराधिक मामलों में अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी हो रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश और चेतना अभियान के अंतर्गत कोटा थाना पुलिस लगातार अपराधियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर अपराधों में भी तत्परता दिखा रही है। चाहे हत्या का मामला हो या शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसी घटनाएं—पुलिस द्वारा बिना समय गंवाए आरोपियों को पकड़कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। इससे आमजन में सुरक्षा की भावना और पुलिस पर भरोसा दोनों बढ़ा है।
कोटा, बिलासपुर:अपराधियों पर लगातार शिकंजा कसती कोटा पुलिस ने एक और गंभीर वारदात में तत्परता दिखाई है। चेतना अभियान के तहत सक्रिय कोटा थाना पुलिस ने शराब के नशे में भाई की हत्या करने वाले आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।

थाना कोटा क्षेत्र के ग्राम गनियारी में 28 जुलाई 2025 को एक दर्दनाक घटना हुई, जहां झंगल राम सूर्यवंशी (55 वर्ष) ने शराब के नशे में मामूली विवाद के चलते अपने बड़े भाई मंगली राम सूर्यवंशी की ईंट से वार कर हत्या कर दी। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए तत्काल धारा 103(1) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज किया गया।
एएसपी ग्रामीण श्रीमती अर्चना झा और एसडीओपी कोटा श्रीमती नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में कोटा पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह शराब के नशे में था और बहस के दौरान उसने ईंट से वार कर दिया। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक तोप सिंह नवरंग, प्रधान आरक्षक घनश्याम आडिल, आरक्षक जलेश्वर साहू, सोमेश्वर साहू सहित पुलिस टीम की विशेष भूमिका रही।
शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट करने वाले पांच फरार आरोपी गिरफ्तार, कोटा पुलिस की बड़ी कार्रवाई

कोटा, बिलासपुर:
अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही कोटा पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में फरार चल रहे पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
सेमरिया गांव में हुए एक मामले में आरोपी रामेश्वर बंजारे, प्रकाश मधुकर, पंकज खांडे, सनत मधुकर और धन्नू पाटले ने सरकारी कार्य में बाधा डाली, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इन सभी के खिलाफ थाना कोटा में धारा 121(1), 132, 221, 296, 351(2), 324(4), 191(2), 3(5) बी.एन.एस. के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
कोटा पुलिस ने तकनीकी और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर सभी आरोपियों को पकड़ने में सफलता पाई। सभी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें रिमांड पर भेज दिया गया।
कोटा थाना प्रभारी और उनकी टीम की यह कार्रवाई स्थानीय स्तर पर सराहना का विषय बनी हुई है।



