

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार उजागर करना एक एलएलबी छात्र को भारी पड़ गया। ग्रामसभा में दस्तावेज़ों के साथ भ्रष्टाचार की पोल खोलने के बाद छात्र को भाजपा नेता के समर्थकों ने पहले पंचायत में और फिर थाने के बाहर जमकर पीटा। चौंकाने वाली बात यह रही कि मारपीट के शिकार छात्र पर ही पुलिस ने एट्रोसिटी समेत गंभीर धाराएं लगा दीं, जबकि हमलावरों पर सिर्फ मामूली धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। मामले को लेकर पूर्व मंत्री तक को दखल देना पड़ा।
📌 घटना:
📍स्थान: ग्राम मोहतरा, थाना – बिल्हा, जिला – बिलासपुर
🗓️ दिनांक: 29 जुलाई 2025
ग्रामसभा के दौरान एलएलबी छात्र रंजेश सिंह ने पिछले 10 वर्षों से पंचायत में जारी वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के दस्तावेज सामने रखे। रंजेश सभा में अध्यक्ष की भूमिका में मौजूद थे।
इस खुलासे से वर्तमान उपसरपंच और भाजयुमो मंडल अध्यक्ष इंद्रजीत क्षत्री बौखला गए और अपने समर्थकों के साथ मिलकर रंजेश सिंह पर उनके ही कार्यालय में हमला कर दिया।
🟥 आरोप 1: थाने के सामने दोबारा पिटाई, फिर भी पीड़ित ही आरोपी
घटना के बाद रंजेश सिंह बिल्हा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन वहां भी हमलावरों की भीड़ ने उनका पीछा किया और थाने के बाहर दूसरी बार छात्र के साथ मारपीट की गई।
पुलिस ने पीड़ित छात्र रंजेश सिंह पर ही गैर-जमानती धाराओं के साथ एट्रोसिटी एक्ट की धारा 3(1)(द), 3(1)(ध) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 391, 351, 115, 296 के तहत केस दर्ज किया है।
वहीं दूसरी ओर, हमलावरों पर गिने-चुने नामों में और वह भी केवल मामूली धाराएं लगाई गई हैं।
🟩 2: पूर्व मंत्री ने जताई नाराजगी, IG ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
पूर्व शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने मामले को लेकर IG डॉ. संजीव शुक्ला से फोन पर चर्चा की। उन्होंने कार्रवाई को एकतरफा बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। IG ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि
“मामले की निष्पक्ष जांच राजपत्रित अधिकारी से कराई जाएगी, किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।”
🟦 3: छात्र की पीड़ा – “मैंने सिर्फ भ्रष्टाचार उजागर किया”
पीड़ित छात्र रंजेश सिंह का कहना है:
“मैंने ग्रामसभा में दस्तावेजों के साथ भ्रष्टाचार का खुलासा किया, बदले में मुझ पर हमला हुआ और फिर पुलिस ने भी मुझे ही आरोपी बना दिया। अगर सच बोलने की ये कीमत है, तो यह लोकतंत्र की हत्या है।”



