Latest news

छत्तीसगढ़ में ‘वंदना-प्रीति’ पर वार या लोकतंत्र पर प्रहार? कांग्रेस का बीजेपी पर सीधा हमला

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
3 Min Read

Mohammed israil



बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो ईसाई ननों की गिरफ्तारी से सियासत गरमा गई है। अल्पसंख्यकों पर हमले के इस कथित मामले ने ना सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि दिल्ली तक राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। कांग्रेस नेताओं ने इसे न सिर्फ ‘लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला’ बताया बल्कि भाजपा सरकार पर अल्पसंख्यकों को टारगेट करने का आरोप लगाया है। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयानों ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस इस मुद्दे को छोड़ने के मूड में नहीं है।


📦  1: क्या है पूरा मामला?

  • दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो ईसाई ननों – सिस्टर वंदना और सिस्टर प्रीति – को झूठे आरोपों में हिरासत में लिया गया।
  • बिना किसी वैध कानूनी प्रक्रिया के गिरफ्तारी को लेकर भारी आपत्ति जताई गई।
  • सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद विपक्षी नेताओं ने सरकार को घेरा।

📦  2: कांग्रेस के तेवर
🔹 टी एस सिंहदेव (पूर्व डिप्टी सीएम, छत्तीसगढ़):
“यह घटना लोकतंत्र और मानवीय मूल्यों पर सीधा हमला है। अल्पसंख्यकों को योजनाबद्ध रूप से डराया जा रहा है।”
🔹 भूपेश बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री):
“भाजपा सरकार सीधे अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही है। हमारे महासचिव वेणुगोपाल जी ने गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है, और संसद में भी प्रदर्शन किया गया।”


📦  3: संसद से सड़क तक गूंजा मुद्दा

  • केरल के सांसदों ने संसद में किया प्रदर्शन।
  • राहुल गांधी ने ट्वीट कर इस मामले पर चिंता जताई।
  • कांग्रेस के बड़े नेता इसे ‘अल्पसंख्यकों की सुनियोजित प्रताड़ना’ बता रहे हैं।

🧠 सत्ता पक्ष की खामोशी
यह महज एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों की कसौटी पर खरा उतरने का सवाल बन गया है। छत्तीसगढ़ में विपक्ष इसे भाजपा सरकार की “धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति” करार दे रहा है, जबकि सत्ता पक्ष अब तक खामोश है।


📌 तूल पकड़ेगा मुद्दा
सवाल यही है – क्या यह केवल दो ननों की गिरफ्तारी है या फिर भारत के लोकतांत्रिक तानेबाने को चुनौती देने वाली एक घटना? राजनीतिक तूफान इस बात का संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ेगा।


खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।