Mohammed israil बिलासपुर,रायपुर/कोंडागांव।
छत्तीसगढ़ में इन दिनों “कुर्सी” न केवल सत्ता का प्रतीक बन गई है, बल्कि अब सोशल मीडिया पर व्यंग्य और ठगी दोनों का केंद्र बन चुकी है। एक ओर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के धान के खेत में कुर्सी पर बैठकर रोपा लगाने का फोटो और वीडियो वायरल हो गया है, तो दूसरी ओर भाजपा के वरिष्ठ नेता से खनिज निगम का चेयरमैन बनाने के नाम पर 41.30 लाख की ठगी का मामला सामने आया है।
🌾 कुर्सी में बैठकर खेती: प्रचार या प्रतीक?


छत्तीसगढ़ की कैबिनेट मंत्री मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े का खेत में रोपा लगाते हुए एक वीडियो और फोटोवायरल हुआ है, लेकिन खास बात यह रही कि वे धान की खेती कुर्सी पर बैठकर कर रही थीं। सोशल मीडिया पर इस पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई यूजर्स ने इसे “विकास की नई परिभाषा” बताया, तो कुछ ने तंज कसा कि अब “कुर्सी से ही खेत सींचे जाएंगे।”
हालांकि कुछ लोगों ने इसे स्वास्थ्य कारणों से किया गया कदम बताया, लेकिन राजनीतिक रंग भी कम नहीं चढ़ा। वीडियो ने दिखा दिया कि इस राज्य में अब “कुर्सी पर बैठकर भी ज़मीनी काम” किए जा सकते हैं।
🎯 खनिज निगम की कुर्सी के लिए 41 लाख की ठगी


दूसरी ओर, भाजपा कोर ग्रुप सदस्य और पूर्व जिला अध्यक्ष संतोष कटारिया के साथ बड़ा धोखा हुआ है। खनिज विकास निगम का चेयरमैन बनाने के नाम पर 41.30 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।
आरोपियों काजल जोशी उर्फ कोमल इंगुले और राजीव सोनी ने खुद को भाजपा और आरएसएस से जुड़ा रसूखदार बताया और तीन करोड़ रुपये में पद दिलाने का वादा किया। कटारिया ने अगस्त से अक्टूबर 2024 के बीच अलग-अलग किस्तों में नकद और ऑनलाइन पेमेंट किया:
20 लाख रुपए दिल्ली में नकद
1.30 लाख QR कोड से पेमेंट
20 लाख रायपुर के होटल में नकद
ठगी के इस मामले की रिपोर्ट केशकाल थाना में दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
🤔 कुर्सी का मोह: मजाक भी और मात भी
छत्तीसगढ़ में इस समय कुर्सी शब्द सबसे ज्यादा चर्चा में है — कहीं वह प्रचार की जमीन है तो कहीं धोखाधड़ी का माध्यम। एक तरफ मंत्री कुर्सी पर बैठकर खेत में “नमूना विकास” पेश कर रही हैं, तो दूसरी ओर सत्ता की कुर्सी के लालच में एक वरिष्ठ नेता लाखों गवां बैठे।
📌 : सोशल मीडिया पर खूब ले रहे चुटकी
कुर्सी चाहे खेत में हो या निगम में — छत्तीसगढ़ की राजनीति में अब यह सिर्फ सत्ता का प्रतीक नहीं, सोशल मीडिया व्यंग्य, ठगी और राजनीतिक तमाशे की पहचान बन चुकी है।



