






ED की रेड पर भड़की कांग्रेस, भूपेश बघेल बोले – “न कोई सूचना, न नोटिस, सीधा गिरफ्तार कर लिया”
रायपुर , बिलासपुर|
🔴 छत्तीसगढ़ की राजनीति शनिवार को उस वक्त गरमा गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को रायपुर स्थित आवास से बिना किसी पूर्व सूचना के गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस ने इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया है। अब पार्टी ने 22 जुलाई को प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी और चक्काजाम करने का ऐलान किया है। शनिवार को इसे लेकर प्रदेश भर में कांग्रेसियों ने ईडी का पुतला दहन भी किया। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस कार्रवाई को लेकर एक कार्टून जारी किया है।

⚖️ क्या है मामला?
प्रवर्तन निदेशालय ने चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़े ₹2100 करोड़ के कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया है। हालांकि, भूपेश बघेल और कांग्रेस का दावा है कि यह मामला जंगल कटाई घोटाले पर भाजपा को घेरे जाने की प्रतिक्रिया में राजनीतिक प्रतिशोध के तहत उठाया गया कदम है।
🗣️ भूपेश बघेल का बयान: “यह गिरफ्तारी नहीं, साजिश है”

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा:
“चैतन्य राजनीति में सक्रिय नहीं हैं। यह गिरफ्तारी मेरी आवाज दबाने की साजिश है। विधानसभा में जब हमने जंगल कटाई और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाया, उसी शाम मेरे बेटे को बिना नोटिस उठा लिया गया।”
बघेल ने यह भी कहा कि “हम डरने वाले नहीं हैं, भाजपा और केंद्र सरकार की यह तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
💬 कांग्रेस का पलटवार – सड़क से सदन तक विरोध
कांग्रेस की ओर से PCC अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में बड़ी बैठक ली और विरोध की रणनीति घोषित की: 📍 तारीख कार्यक्रम स्थान 20 जुलाई पुतला दहन सभी जिला मुख्यालयों में 22 जुलाई आर्थिक नाकेबंदी प्रमुख मार्गों और नेशनल हाइवे पर चक्काजाम
दीपक बैज ने कहा:
“22 जुलाई को दोपहर 12 बजे से प्रदेश की सभी प्रमुख सड़कें, टोल नाके और व्यावसायिक केंद्र कांग्रेस के विरोध के निशाने पर रहेंगे।”
🔥 नेता प्रतिपक्ष का आरोप – “ED बन गई है भाजपा की निजी सेना”
चरणदास महंत ने कहा कि यह गिरफ्तारी जनता का ध्यान अडानी जैसे उद्योगपतियों से हटाने की कोशिश है। उन्होंने ED को “राजनीतिक हथियार” बताते हुए कहा कि इससे कांग्रेस डरने वाली नहीं।
- रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, सरगुजा सहित सभी जिलों में ED और सरकार के पुतले फूंके गए।
- रायपुर के बूढ़ापारा, पाटन और अंबिकापुर में पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
- महिला कांग्रेस, NSUI, और युवक कांग्रेस ने अलग-अलग प्रदर्शन किए।
📌 क्या बोले राजनीतिक विश्लेषक?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह गिरफ्तारी विधानसभा सत्र और आगामी निकाय चुनावों को देखते हुए एक बड़ा सियासी दांव हो सकती है।
कुछ विश्लेषक इसे भाजपा की “काउंटर नैरेटिव” रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं, तो कुछ इसे कांग्रेस की संभावित सहानुभूति लहर की शुरुआत मानते हैं।
🔍 आगे की रणनीति क्या होगी?
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस 22 जुलाई की नाकेबंदी के बाद राजधानी में विशाल जनसभा का आयोजन कर सकती है, जिसमें देशभर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हो सकते हैं।
📢 ईडी बनाम विपक्ष
छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर ED बनाम विपक्ष की सीधी टकराहट सामने आई है। चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी कांग्रेस के लिए बड़ा भावनात्मक और राजनीतिक मुद्दा बन गई है। आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ की सड़कों से लेकर संसद तक यह मामला गूंजने की पूरी संभावना है।



