बिलासपुर।
संभाग के सबसे बड़े अस्पताल सिम्स (छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान) में मरीजों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अब सिम्स में आने वाले मरीजों को माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री एवं पैथोलॉजी विभागों की हस्ताक्षर युक्त कंप्यूटराइज्ड जांच रिपोर्ट दी जा रही है। यह सुविधा आज से औपचारिक रूप से शुरू कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि दिनांक 16 मई 2025 को बिलासपुर संभाग के आयुक्त श्री सुनील जैन एवं कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल द्वारा सिम्स का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर का भ्रमण करते हुए मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की थी। उन्होंने मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए रिपोर्ट प्रणाली को आधुनिक व पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए थे।
श्री जैन ने विशेष रूप से जोर दिया था कि डॉक्टरों द्वारा जारी जांच रिपोर्टें हस्ताक्षर युक्त और कंप्यूटर से जनरेटेड होनी चाहिए, ताकि रिपोर्ट की प्रमाणिकता सुनिश्चित हो सके और मरीजों को बेहतर सेवा मिल सके।
इस दिशा में सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. लखन सिंह, आईटी सेल प्रभारी डॉ. कमलजीत बाशन, डॉ. प्रशांत निगम, श्री अरुण मैरोलिया सहित अन्य तकनीकी स्टाफ द्वारा समन्वय कर कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया गया।
सिम्स अब छत्तीसगढ़ राज्य का पहला शासकीय मेडिकल कॉलेज बन गया है, जहाँ मरीजों को अब कंप्यूटराइज्ड, प्रमाणिक और डॉक्टर के हस्ताक्षर से युक्त जांच रिपोर्ट प्रदान की जा रही है।



