
बिलासपुर l ‘बोल बम समिति बिलासपुर’ के कांवड़िये आज बाबा बैजनाथ धाम की यात्रा पर रवाना हुए। यह यात्रा इस बार भी उसी जोश और श्रद्धा के साथ शुरू हुई है, जिसकी शुरुआत 27 साल पहले दुर्गम रास्तों में हुई थी। 1997 में शुरू किया गया l बोल बम समिति के सी ई ओ गुड्डा पाण्डेय ने बताया 1997 में जब पहली बार यह यात्रा की थी, तब सुल्तानगंज से देवघर बाबा बैजनाथ धाम तक की सड़कें बेहद खराब थीं। पहाड़ी इलाका होने के कारण ‘सूइया पहाड़’ का रास्ता काफ़ी दुर्गम था । वे बताते हैं, “जब हम पैदल चलते थे, तो सड़क पर नुकीले पत्थर पैरों में सुई की तरह चुभते थे।” 125 किलोमीटर की इस पैदल यात्रा में उस समय नदी-नालों पर पुल-पुलिया भी नहीं थे, जिसके कारण कांवड़ियों को गले तक पानी क़ो पार करके चलना पड़ता था।
सतीश सिंह का कहना है कि बाबा के आशीर्वाद से यह पदयात्रा तब से लेकर आज तक लगातार जारी है। सावन के महीने में बाबा धाम की यात्रा के लिए चार महीने पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं। अब ‘बोल बम समिति बिलासपुर’ में 52 से अधिक सदस्य शामिल हैं, जिनमें बिलासपुर के अलावा नागपुर, गोंदिया, रायपुर और रायगढ़ के भी कांवड़िये शामिल होते हैं।
‘बोल बम समिति बिलासपुर’ के कांवड़िये साउथ बिहार एक्सप्रेस से सुल्तानगंज पहुंच कर पानी उठा कर पदयात्रा शुरू कर दिए है l 12 जुलाई से उत्तर वाहिनी सुल्तानगंज में गंगा स्नान कर पैदल ही देवघर के लिए रवाना हो गए है l 16 जुलाई को कांवड़िये शिवजी को जल अर्पित करेंगे और 18 जुलाई को उनकी वापसी होगी।
इस यात्रा में शामिल होने वाले कांवड़ियों में सतीश सिंह, विकास शुक्ला, राजेंद्र भंडारी, अनुभव शुक्ला,संजय बहल,विवेक गुप्ता, हर्ष वर्धन सोनी,आशीष शुक्ला,सतीश यादव, दिनेश निर्मलकर, कृष्ण मोहन, शेखर पाल, रेजिन नायर, सतीश नादम, बंटी कटेलिया, रमेश शुक्ला, चंदू मिश्रा, राजकुमार तिवारी, मनीष सोनी, आशु वर्मा, शैलू मिश्रा, हरीश राठौर, बाला गुप्ता,लालू गुप्ता, अमित गुप्ता,जीतेंद्र गुप्ता, हरि केशरवानी जरवे, खड़गि बम नागपुर , दादा बम नागपुर, राकेश, और अन्य कई सदस्य शामिल हैं।



