प्रेस वार्ता में राज्य अध्यक्ष प्रवीण शर्मा, जिला अध्यक्ष त्रिलोचन साहू, जिला सचिव सूरज साहू, कोषाध्यक्ष जूही कैवर्त एवं अन्य सदस्य गण मौजूद थे।
Bilaspur Chhattisgarh बिलासपुर।जिला अध्यक्ष त्रिलोचन साहू ने बताया कि पूरे देश में शिक्षा की हालत बहुत खराब है। बिलासपुर जिला भी इस समस्या से बचा नही है।
यहां बिलासपुर जिले में 4 ही शासकीय कॉलेज है जिनमें दो कॉलेज ऑटोनॉमस है एक गर्ल्स कॉलेज है इनमें सीट की कमी है। कॉलेज की कमी के चलते हजारों हजार छात्र छात्राओं को प्रवेश नहीं मिल पाता है, पिछले वर्ष से कॉलेज में 4 वर्षीय स्नातक कोर्स सेमेस्टर सिस्टम लागू किया गया है, जिसके कारण छात्र जो कोर्स 3 साल में पूरा करते थे उनका 4 साल कर दिया गया और तीन बार जो परीक्षा फीस देनी पड़ती थी उसे आठ बार देना पड़ रहा है। यह छात्रों पर आर्थिक बोझ है हम जानते हैं एक सेमेस्टर परीक्षा आयोजित करने से पहले इंटरनल एग्जाम, पीपीटी, असाइनमेंट, प्रैक्टिकल एग्जाम होते हैं तब जाकर मेन सेमेस्टर एग्जाम होता है।
इस दौरान छात्रों को पढ़ाई भी पूरी करनी होती है क्योंकि 6 महीने के अंदर में यह होना संभव नहीं होता। छात्र मानसिक दबाव में हैं जो सही मायने में शिक्षा हासिल करने के रास्ते में रुकावट है।
साथ ही कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराए जाना चाहिए था लेकिन सरकार का इरादा साफ दिखाई दे रहा है कि अतिरिक्त व्यय के झूठे प्रचार के नाम पर सरकारी स्कूलों को बर्बाद और बचीखुची शिक्षा को भी खत्म कर आम छात्रों से दूर किया जा रहा है।
जिला सचिव सूरज साहू ने बताया की स्कूलों का युक्तियुक्तकरण करने, कॉलेजों को ऑटोनॉमस करने, चार वर्षीयस्नातक कोर्स लागू करने व कॉलेज में शिक्षकों एवं सीट संख्या की कमी के खिलाफ 10 जुलाई को छात्र संगठन AIDSO बिलासपुर जिला कमेटी विरोध प्रदर्शन करने जा रही है।
आगे उन्होंने कहा कि युक्तिकरण होने से 10,463 स्कूल प्रभावित होंगे। बिलासपुर में युक्तियुक्तकरण की संख्या 431 स्कूल है और पूरे छत्तीसगढ़ में 10,463 स्कूलों का युक्तिकरण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार यह कह रही है कि व्यय में कमी करने के लिए युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है, यह सिर्फ एक बहाना है बिलासपुर में 200 से 300 करोड रुपए खर्च कर ओवर ब्रिज बनाने की तैयारी चल रही है। पूरे छत्तीसगढ़ में सरकार द्वारा 67 नए शराब दुकान खोले जा रहे हैं साथ ही बिलासपुर में कोचिंग हब बनाने की तैयारी चल रही है, जो सिर्फ शिक्षा का निजीकरण की ओर धकेलना है, छत्तीसगढ़ में 5000 स्कूलों में केवल एक शिक्षक है 300 स्कूल में एक भी नहीं है ऐसी स्थिति में युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है यह होने से 44,000 शिक्षक के पद खत्म कर दिए जाएंगे। सरकार की शिक्षा विरोधी नीतियों का हम विरोध करते हैं और छात्र हित में यह मांग करते हैं कि
हमारी मांगे –
- बिलासपुर में 10 नए शासकीय कॉलेज एवं 20 नए शासकीय स्कूल खोले जाएं।
- युक्तियुक्तकरण के नाम पर सरकारी स्कूलों को बंद करने की नीति वापस ली जाए।
- जिन स्कूलों में दसवीं तक कक्षाएं संचालित है वहां 12वीं तक कक्षाओं का संचालन प्रारंभ किया जाए।
- स्कूलों एवं कॉलेजों में पर्याप्त मात्रा में शिक्षक, प्रोफेसर ,लैब, वाचनालय, कैंटीन, आदि मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- प्रत्येक शासकीय कॉलेजों में ऑनलाइन कंप्यूटर फोटोकॉपी सर्विस उपलब्ध कराई जाए।
- कॉलेज को ऑटोनॉमस करने का निर्णय वापस लो ।
- 4 वर्षीय स्नातक कोर्स, सेमेस्टर प्रणाली वापस लो।
- शिक्षा की पूरी व्यवस्था सरकार द्वारा हो, केंद्रीय बजट का 10% एवं राज्य बजट का 30% शिक्षा पर खर्च किया जाए।
- समस्त शासकीय कॉलेजों में सीट की संख्या दोगुनी बढ़ाई जाए।
- शिक्षकों के नए सेटप को रद्द कर पुराने सेटप को लागू किया जाए।



