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अरपा पर दो फावड़ा :   हाई कोर्ट की तल्खी से जीवनदायिनी को क्या मिलेगा नया जीवन, जानिए क्यों सूख गई नदी….

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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00 रेत माफियाओं को है संरक्षण प्राप्त, पिछले 25 साल से नदी में बेतहाशा खुदाई हो रही

00 अवैध रेत घाटों की जानकारी होने के बाद भी क्यों चुप रहते हैं खनिज विभाग के उच्च अधिकारी

Bilaspur बिलासपुर। बिलासपुर की जीवनदायिनी अरपा नदी की दुर्दशा ने एक बार फिर सभी का ध्यान खींचा है। हाल ही में एक तस्वीर ने नदी की दयनीय स्थिति को उजागर किया, जिससे समाज में गुस्से और चिंता की लहर दौड़ गई। पिछले 25 वर्षों से अरपा नदी में अवैध रेत खनन बेतहाशा जारी है। स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग के अधिकारी इस गंभीर समस्या से वाकिफ होने के बावजूद कार्रवाई से कतराते नजर आते हैं।रेत माफियाओं को स्थानीय संरक्षण प्राप्त होने के कारण, नदी का अस्तित्व खतरे में है। हाई कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों से जवाब मांगा है। सवाल उठता है कि जीवनदायिनी अरपा को बचाने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाएंगे? क्या हाई कोर्ट के निर्देशों से नदी को नया जीवन मिलेगा, या फिर यह केवल कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगी? अरपा का सूखना न केवल पर्यावरणीय संकट है, बल्कि शहर के भविष्य को लेकर भी गंभीर चेतावनी है।

विश्व जल दिवस पर मीडिया में आई यह तस्वीर सुर्खियों में…

मीडिया को जारी प्रेस नोट में कहा गया कि बिलासपुर-अरपा के संवर्धन और सफाई के लिए विश्व जल दिवस के अवसर पर नगर निगम द्वारा छेड़े गए अभियान ” अरपा उत्थान” में अपनी अरपा को स्वच्छ करने आज पूरा बिलासपुर रामसेतु मार्ग में इकट्ठा हुआ और प्रशासन के साथ मिलकर सभी ने इंदिरा सेतु से रामसेतु तक श्रमदान कर नदी की सफाई की। इंदिरा सेतु से रामसेतु तक लगभग दो हजार से अधिक लोगों की उपस्थिति रही।

नगर निगम बिलासपुर द्वारा आयोजित एक दिवसीय “अरपा उत्थान” अभियान में आयोजन स्थल “रामसेतु मार्ग” में सुबह से लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो चुकी थी,सबका मकसद एक था अरपा नदी को स्वच्छ करना और उसके मूल स्वरूप में लाने के लिए प्रयास की शुरूआत करना । इसके लिए निगम प्रशासन द्वारा तैयारी की गई थी। जन सहयोग के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रशासन ने लोगों से अपील की थी,जिसके फलस्वरूप बिलासपुरियंस  इंदिरा सेतु से रामसेतु तक अरपा नदी की सफाई की और वहां मौजूद कचरा और गंदगी को निकाला। इस अभियान में विशेष रूप से अटल बिहारी वाजपेयी विवि के कुलपति श एडीएन वाजपेयी,महापौर श्रीमती पूजा विधानी, कलेक्टर अवनीश शरण,एसएसपी रजनेश सिंह, निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार उपस्थित रहें जिन्होंने श्रमदान भी किया। इस अवसर पर कुलपति श्री एडीएन वाजपेयी ने अपने संबोधन में कहा की अरपा के संवर्धन-सरंक्षण और जल को बचाने के लिए शुरू किया गया यह एक पुनीत अभियान है। अरपा बिलासपुर की जीवनदायिनी है और इसे संवारने हम सभी को अपने जीवन में एक सूत्र को अपनाना होगा,वह यह की अरपा नदी में हम वह ना फेंके या प्रवाहित ना करें जिसे हम ना खुद खा सकते है और ना पचा सकते हैं। अरपा नदी के संवर्धन के लिए और बिलासपुर को स्वच्छता में नंबर वन बनाने के लिए खुद से जागरूक होना होगा और दूसरों को भी करना होगा। महापौर श्रीमती पूजा विधानी ने कहा की अरपा हमारी मां है,उसकी सफाई के लिए उमड़ा यह जनसैलाब यह दिखलाता है की सभी शहरवासियों के दिल में अरपा बसी है। महापौर ने कहा की हम सभी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए अरपा नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने के लिए प्रयास करने की जरूरत है,इसके लिए आज हम सब यह प्रण लें की अरपा नदी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए हम सबका योगदान हो। शहर को भी स्वच्छ रखने में हर नागरिक की सहभागिता हो ताकि हमारा शहर नंबर वन बन सकें।
कलेक्टर अवनीश शरण ने कहा की अरपा नदी बिलासपुर की पहचान है और आज विश्व जल दिवस के अवसर पर इसे संवारने की शुरूआत की गई है,स्वच्छता को जब तक हम अपनी दिनचर्या में शामिल नहीं करेंगे और अपनी जिम्मेदारियों को नहीं समझेंगे तब तक किसी भी नदी को स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता,इसलिए जरूरी है की नदी के जतन के लिए सब मिलकर कार्य करें और इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें। 30 मार्च को मान.प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी बिलासपुर पधार रहे हैं,उनके आगमन के पूर्व पूरे जिले में स्वच्छता का अभियान चलाया जा रहा है। एसएसपी श्री रजनेश सिंह ने कहा की अरपा बिलासपुर की जीवनरेखा है,इसके उत्थान के लिए हम सबको अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी,स्वच्छता एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है। हमें अपने आस-पास स्वच्छता का वातावरण बनाए रखना होगा। निगम कमिश्नर श्री अमित कुमार ने अभियान के बारे में जानकारी देते हुए बताया की पीएम श्री मोदी के आगमन को लेकर पखवाड़े भर से स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है,अरपा नदी को संवारने अभियान की आज शुरूआत की गई है जो आगे भी जारी रहेगा। कार्य योजना तैयार कर अभियान को गति दी जाएगी। आमजन को इस कार्य में जोड़ने और प्रेरित करने के लिए आज अरपा उत्थान अभियान का शुभारंभ किया गया है। इस अभियान को सफल बनाने में सभी शासकीय विभाग के कर्मचारी,सामाजिक और राजनीतिक संगठन,एसईसीएल,सेंट्रल यूनिवर्सिटी,अटल बिहारी वाजपेयी विवि, समेत विभिन्न संस्था एवं आमजनों की सहभागिता रही। कार्यक्रम में सभी एमआईसी सदस्य और पार्षदों ने भी श्रमदान किया।

*हाईकोर्ट ने भी दिए है निर्देश*

अरपा नदी के संरक्षण और संवर्धन के लिए समय समय पर उच्च न्यायालय द्वारा भी निर्देश दिए गए है,जिसके परिपालन में प्रशासन द्वारा कार्य किया जा रहा है।

*अरपा को प्रदूषण से बचाने निगम बना रही कार्य योजना*

अरपा नदी को दूषित होने से बचाने और उसके संवर्धन के लिए नगर निगम द्वारा विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है जिसमें सबसे पहला नदी में नाला के गंदे पानी को रोकने के लिए चार एसटीपी निर्माणाधीन है जिसका अंतिम चरण चल रहा है। इसके अलावा निगम द्वारा शनिचरी,तिलक नगर और चिंगराजपारा में अलग से तीन नए एसटीपी का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

*बड़ी संख्या में मशीनरी लगी थी*

सफाई अभियान के दौरान जलकुंभी,कचरा को हटाने के लिए निगम द्वारा 6 जेसीबी,9 ट्रैक्टर 2 कांपेक्टर,1 डोजर, 5 टिपर इंतजाम किया गया था,जिसमें जन सहयोग से कचरा और जलकुंभियों को निकाला गया।

*जनप्रतिनिधि अधिकारी हुए शामिल*

जन सहयोग से किए जाने वाले इस कार्यक्रम में शहर के लगभग सभी जनप्रतिनिधी और अधिकारियों ने अरपा नदी में उतर कर सफाई किया। इस अभियान में एयू के कुलपति  एडीएन वाजपेयी,महापौर श्रीमती पूजा विधानी,कलेक्टर  अवनीश शरण,एसएसपी रजनेश सिंह,निगम कमिश्नर अमित कुमार एसडीएम श्री मनीष साहू समेत पार्षद उपस्थित थे।

अरपा नदी के संरक्षण पर हाईकोर्ट की चिंता, अवैध उत्खनन पर कार्रवाई के निर्देश, जिला प्रशासन के अफसर को लगाई फटकार

बिलासपुर: अरपा नदी के संरक्षण और सफाई से संबंधित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नदी के सूखने और अवैध गतिविधियों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने सवाल किया कि केवल दो फावड़े चलाने से क्या नदी की सफाई संभव है। अदालत ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि अवैध खनन और परिवहन रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।

नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय प्रशासन ने कई कंपनियों से प्रोजेक्ट रिपोर्ट मंगवाई है। हालांकि, अदालत ने इन रिपोर्ट्स को अधूरी बताते हुए और अधिक स्पष्टता की मांग की है। साथ ही अवैध खनन रोकने के लिए संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले अदालत ने कहा था कि नदी के पुनर्जीवन के लिए सरकारी विभागों को प्रभावी योजना बनानी होगी। प्रशासन को 30 दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया गया है।

स्थानीय लोगों और पर्यावरणविदों ने भी अरपा नदी के संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। अवैध गतिविधियों को रोकने और नदी की सफाई को सुनिश्चित करने के लिए सरकार से ठोस प्रयासों की अपेक्षा की जा रही है।

हाईकोर्ट का निर्देश:
अवैध खनन में लिप्त अधिकारियों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि यह प्रक्रिया जारी रहती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेही का सामना करना पड़ेगा।

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