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लाखों की धोखाधड़ी के मामले में सीपत पुलिस की बड़ी कार्रवाई, आरोपी पति-पत्नी गिरफ्तार

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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Bilaspur बिलासपुर (छत्तीसगढ़): थाना सीपत पुलिस ने धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सीसी रोड, नाली निर्माण, तालाब उत्खनन, और नल उत्खनन के नाम पर ग्रामीणों को झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी की। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के पास से करोड़ों की संपत्ति और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।

मामले का खुलासा:
प्रकरण का खुलासा तब हुआ जब ग्राम पोडी निवासी श्रीमती गायत्री सूर्यवंशी (35) ने थाना सीपत में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, आरोपी प्रमिल दास मानिकपुरी और उनकी पत्नी रंजना दास मानिकपुरी ने गांव के विकास कार्यों के नाम पर ग्रामीणों से विभिन्न बैंकों से कुल 51.87 लाख रुपये का लोन निकलवाया। आरोपियों ने ग्रामीणों से वादा किया था कि यह राशि नल उत्खनन, नाली निर्माण, सीसी रोड, और तालाब उत्खनन जैसे विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। लेकिन लोन का भुगतान करने के बजाय, आरोपियों ने यह राशि अपने निजी उपयोग के लिए खर्च कर दी और गांव से फरार हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई:
शिकायत के आधार पर थाना सीपत में अपराध क्रमांक 154/2025 धारा 420 और 34 भादवि के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई।
सायबर सेल की मदद से आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने बिलासपुर के सेंद्री बायपास पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया।
जब्त की गई सामग्री:
आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी की राशि से खरीदी गई करोड़ों की संपत्ति जप्त की। इसमें निम्नलिखित सामान शामिल है:
बुलेट मोटरसाइकिल (₹2,50,000)
कार (₹7,00,000)
टीवी (₹50,000)
आईफोन (₹75,000)
कुल संपत्ति मूल्य: ₹10,75,000
इसके अतिरिक्त, पुलिस ने आरोपियों के पास से 30 एटीएम कार्ड, पेन कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, आधार कार्ड की छायाप्रति, विभिन्न बैंकों की पासबुक और लोन से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए।
ग्रामीणों की मदद का झांसा देकर किया फर्जीवाड़ा:
आरोपियों ने गांव में अपनी विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए विकास कार्यों की आड़ में ग्रामीण महिलाओं से लोन निकलवाने का झांसा दिया। उन्होंने ग्रामीणों को यह भरोसा दिलाया कि लोन की राशि से पूरे गांव को फायदा होगा। लेकिन लोन की राशि को उन्होंने निजी संपत्ति खरीदने में खर्च कर दिया।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी:
गिरफ्तार आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर 21 मार्च 2025 को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया। पुलिस का कहना है कि मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान:
मामले को सुलझाने में थाना प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी, सउनि शिव सिंह बक्साल, सहेत्तर कुर्रे, प्रधान आरक्षक कौशल प्रसाद वस्त्रकार, परमेश्वर सिंह ठाकुर, आरक्षक शदर साहू, महिला आरक्षक ज्योति जगत और प्रियंका मिश्रा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समाज के लिए चेतावनी: थाना प्रभारी गोपाल सतपथी

कलेक्टर से भी मामले में हुई थी शिकायत।

थाना प्रभारी गोपाल सतपथी का कहना है की घटना ग्रामीणों के लिए एक चेतावनी है कि वे किसी भी प्रकार के वित्तीय लेन-देन में सतर्क रहें और बिना जानकारी के किसी पर भरोसा न करें। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अगर किसी प्रकार की धोखाधड़ी का संदेह हो, तो तत्काल संबंधित थाने में शिकायत करें।
सीपत पुलिस की इस तत्पर कार्रवाई से ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। मामले में आगे की जांच जारी है, और पुलिस आरोपियों से अन्य संभावित धोखाधड़ी के मामलों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

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