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बोदरी में बाउंड्रीवॉल ढहाने पर बवाल : अध्यक्ष और पार्षदों ने शपथ ग्रहण के बहिष्कार की दी चेतावनी, सिंधी समाज में आक्रोश

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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सीएमओ के खिलाफ भी भड़का आक्रोश
बिलासपुर, 3 मार्च: बोदरी नगर पालिका परिषद द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के वार्ड क्रमांक 12 स्थित भवन के बाउंड्री वॉल में गई तोड़फोड़ ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। नगर पालिका की इस कार्रवाई ने आम जनता में आक्रोश फैला दिया है। सिंधी समाज के लोगों का कहना है कि उनके साथ अन्याय हुआ है। इस कार्रवाई को लेकर सीएमओ के खिलाफ नाराजगी फैल गई। नगर पालिका की निर्वाचित अध्यक्ष नीलम विजय वर्मा समेत कई पार्षदों ने शपथ ग्रहण समारोह के बहिष्कार तक की चेतावनी दे डाली है।


नगर पालिका के खिलाफ बढ़ा विरोध
तोड़फोड़ की इस घटना के बाद बोदरी नगर पालिका की अध्यक्ष नीलम और सभी पार्षदों ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार कर दिया है। उन्होंने यह ऐलान किया है कि जब तक इस मामले में दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे शपथ नहीं लेंगे। उनका कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से नियमों और प्रक्रिया का उल्लंघन है।


प्रभावित का आरोप
प्रभावित का आरोप है कि नगर पालिका ने उन्हें कोई पूर्व नोटिस नहीं दिया और अचानक जेसीबी मशीन लाकर भवन के बाउंड्रीवाल को को तोड़ दिया गया। प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा, “बिना किसी पूर्व सूचना के तोड़फोड़ किया जाना गलत है। हमारे सम्मान को भी ठेस पहुंचाई गई है।”
नगर पालिका की सफाई
इस मामले में नगर पालिका अधिकारियों का कहना है की सरकारी भूमि पर अवैध रूप से दीवार बनी हुई थीं। अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि कब्जाधारियों को पहले नोटिस दिया गया था, लेकिन उन्होंने इसे अनदेखा कर दिया।
विरोध प्रदर्शन और चकरभाठा बंद का आह्वान
तोड़फोड़ के विरोध में व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जब तक न्याय नहीं होगा, वे आंदोलन जारी रखेंगे। इसी क्रम में नगर पालिका अध्यक्ष और पार्षदों ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चकरभाठा बंद का आह्वान किया है।
प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति
यह विवाद नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। जनता और जनप्रतिनिधियों की नाराजगी को देखते हुए प्रशासन को अब यह तय करना होगा कि कैसे इस मामले को सुलझाया जाए।यह घटना स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है। व्यापारियों और जनता के बढ़ते आक्रोश के बीच प्रशासन पर दबाव है कि वह दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे। दूसरी ओर, नगर पालिका परिषद के प्रतिनिधियों का शपथ ग्रहण ठप होने से प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

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