बिलासपुर, छत्तीसगढ़। बुरी आदतों, पैसों की लालच और पारिवारिक कलह में आरोपी भतीजे ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर बुआ की हत्या कर दी। बिलासपुर जिले के पौसरी गांव में 55 वर्षीय जामफुल यादव की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। घटना में मुख्य आरोपी और तीन विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त हथियार, मृतिका के गहने और मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। जिसे एक अन्य आरोपी ने खरीदा था।
गुमशुदगी से हत्या तक की कहानी
जामफुल यादव की गुमशुदगी की रिपोर्ट उनके भाई बलदाऊ यादव ने 9 फरवरी 2025 को थाना बिल्हा में दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के दौरान 11 फरवरी को उनके घर से दुर्गंध आने की सूचना मिली। पुलिस ने जब घटनास्थल पर जांच की, तो कोठी में रेत के नीचे उनका शव दबा हुआ पाया। परिजनों ने शव की पहचान जामफुल यादव के रूप में की।
हत्या का खुलासा
पुलिस ने जब संदिग्धों से पूछताछ की, तो मृतिका का भतीजा (विधि से संघर्षरत बालक) लगातार गुमराह करता रहा। लेकिन वैज्ञानिक तरीके से पूछताछ और सबूतों के आधार पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बालक ने बताया कि बुआ द्वारा छोटी-छोटी बातों पर डांट-फटकार और पैसों की जरूरत के चलते उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर यह घातक कदम उठाया।
हत्या की योजना और वारदात
वारदात की रात करीब 11 बजे बालक ने सोते समय जामफुल यादव के सिर पर रपली से प्राणघातक वार किया। इसके बाद उसने गले से तीन पत्ती सोने की माला उतारकर 8000 रुपये में देवकुमार रात्रे को बेच दी। आरोपियों ने शव को कोठी में छुपाया और सबूत मिटाने के लिए घर में आग लगाने की भी कोशिश की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल रपली, सोने की माला और मोटरसाइकिल बरामद की। देवकुमार रात्रे और तीन विधि से संघर्षरत बालकों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।इस जघन्य अपराध की गुत्थी सुलझाने में पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनुज कुमार और नगर पुलिस अधीक्षक डी.आर. टंडन के मार्गदर्शन में बिल्हा थाना पुलिस और ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



