00 इस वर्ग के विधायक और मंत्री भी पार्टी के खूंटे से बंधे हुए हैं आरक्षण को लेकर कुछ कह नहीं पा रहे हैं।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को शून्य कर दिया गया है। जिन जातियों के दम पर सरकारें बनती है उसी जाति वर्ग के लोगों को दरकिनार किया जा रहा है। इस गंभीर मुद्दे पर सरकार बात करना नहीं चाहती। राज्य के 33 जिलों में एक भी जिले को आरक्षण का लाभ नहीं दिया गया है। आरक्षण की मांग को लेकर जगह-जगह आंदोलन किया जाएगा। जनता तक इस मुद्दे को लेकर जाएंगे। उक्त बातें छत्तीसगढिय़ा सर्व समाज महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश यदु ने कही। गुरुवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए रमेश यदु ने कहा कि यह पहली सरकार है जिन्होंने पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को शून्य घोषित कर दिया है। राज्य में पिछड़ा वर्ग के लोगों की संख्या 50 प्रतिशत है। नगर पालिका, नगर पंचायतों में संख्या होने के बाद भी ओबीसी वर्ग को इसका लाभ नहीं दिया गया। सुनियोजित ढंग से विधानसभा में भी आरक्षण के मुद्दे को दबाकर रखा गया। एसटी वर्ग भी आरक्षण विरोधी नीति को लेकर सरकार को कोस रही है। हाईकोर्ट से भी अधिसूचना जारी होने के बाद भी पिछड़ी जाति के लोगों को दर किनार किया जा रहा है। वनांचल बस्तर-सरगुजा जैसे क्षेत्रों में पिछड़ा वर्ग के लोगों की संख्या लगभग 54 प्रतिशत है। इसके बाद भी सरकार आरक्षण के मुद्दे पर चर्चा करने को तैयार नहीं है। इस वर्ग के विधायक और मंत्री भी पार्टी के खूंटे से बंधे हुए हैं, कुछ कह नहीं पा रहे हैं। आरक्षण की इस गंभीर समस्या को लेकर जन-जन तक आवाज उठाई जाएगी। जगह-जगह आंदोलन किया जाएगा।राज्य सरकार की नीति को रीति को लेकर आम जनता अब सोचने को मजबूर हो गई। समाज को जोडऩे का काम करने वाले ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय किया गया है। जबकि संविधान के पांचवी अनुसूची में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। इसके बाद भी राज्य की विष्णुदेव सरकार अपनी अलग नीति चलाकर मनामानी का परिचय दे रही है। सरकार अगर आरक्षण को लेकर नई व्यवस्था नहीं बनाएगी तो छत्तीसगढिय़ा सर्व समाज महासंघ हर लड़ाई लडऩे को तैयार है। श्री यदु ने भाजपा बिलासपुर की महापौर प्रत्याशी एल पद्मजा को लेकर भी आपत्ति जताई।उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ी ओबीसी की उपेक्षा करते हुए पार्टी ने जाति को लेकर विवादित प्रत्याशी को बिलासपुर का महापौर बनाने का प्रयास कर रही है। पत्रकार वार्ता के दौरान इंजीनियर लक्ष्मी कुमार गहवई,पूनाराम कश्यप, डॉ रघु साहू,चेतनदास महंत और शीतल दास मौजूद रहे।



