छत्तीसगढ़ बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र का मामला
Bilaspur बिलासपुर।छत्तीसगढ़ के सकरी क्षेत्र में एक किसान की आत्महत्या ने कर्ज और सूदखोरी की समस्या को फिर उजागर कर दिया है। ग्राम भरनी के 56 वर्षीय किसान बृशभान सिंह ने सूदखोर के दबाव और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जान दे दी। सुसाइड नोट में खुलासा हुआ है कि उन्होंने कर्ज की पूरी राशि लौटा दी थी, लेकिन सूदखोर तीन लाख रुपए अतिरिक्त मांग रहा था। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
सकरी पुलिस ने बताया कि ग्राम भरनी निवासी बृशभान सिंह बिंझवार पिता स्व. दुलरराम सिंह (56) किसान था। 15 जनवरी को दोपहर 3 बजे वह अपने प्लॉट खेत के बोर को बंद करने गया था। इसके बाद वह लौटकर घर नहीं आया। करीब चार बजे परिवर के सदस्य प्लॉट पहुंचा। तब उन्होंने बृशभान सिंह को आवाज दिया, लेकिन वह नहीं उठा। इसके बाद उन्होंने अपने घर में जानकारी। परिवार के अन्य सदस्य भी खेत पहुंय गए। बगल के टेबल में सुसाइड नोट मिला है। इसके बाद परिजन ने बृशभान सिंह को बेहोशी की हालत में सिम्स लेकर गए। वहां के डॉक्टर ने जांच करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर सकरी पुलिस मौके पर पहुंची और सुसाइड नोट को जब्त किया। परिजन ने बताया कि सुसाइड नोट में लिखा है कि मृतक बृशभान सिंह ने ज्वाला खांडे नामक व्यक्ति से कर्ज लिया था और साल 2023 में 90 हजार रुपए वापस कर चुका था। इसके बाद भी ज्वाला खांडे द्वारा तीन लाख रुपए अतिरिक्त मांगा जा रहा था। इससे तंग आकर खुदकुशी कर ली। इसके अलावा सूदखोर ज्वाला ने मृतक की ऋण पुस्तिका को बंधक बनाकर रखा है। इस मामले में पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है।



