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बीजापुर पत्रकार हत्या कांड: मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर हैदराबाद से गिरफ्तार

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट : सिर पर 15 फ्रैक्चर, लीवर के 4 टुकड़े, गर्दन टूटी, दिल फटा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए चर्चित पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को विशेष जांच दल (एसआईटी) ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पहले से तीन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हत्या के बाद से फरार चल रहे सुरेश को अब बीजापुर लाया गया है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। यह मामला पत्रकारों की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी रविवार देर रात हैदराबाद से हुई। सुरेश हत्या के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे बीजापुर लाकर पूछताछ शुरू कर दी है।

क्या था मामला

1 जनवरी 2025 को पत्रकार मुकेश चंद्राकर लापता हो गए थे। दो दिन बाद, 3 जनवरी को उनका शव बीजापुर के चट्टानपारा क्षेत्र में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की संपत्ति के सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया।

घटना के दिन रात करीब 8 बजे मुकेश और सुरेश के भाई रितेश चंद्राकर के बीच फोन पर बातचीत हुई। इसके बाद दोनों चट्टानपारा स्थित बाड़ा में मिले, जहां सड़क निर्माण से जुड़े एक मामले को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया।

विवाद के दौरान, सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके ने पीछे से रॉड से मुकेश पर हमला कर दिया। हमले के कारण 20 मिनट के भीतर ही मुकेश की मौत हो गई। घटना के बाद शव को छिपाने के लिए उसे सुरेश चंद्राकर की संपत्ति के सेप्टिक टैंक में डाल दिया गया।

फरार आरोपी की गिरफ्तारी

हत्या के बाद सुरेश चंद्राकर फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश में छत्तीसगढ़ से लेकर देश के अन्य राज्यों तक खोजबीन की। एसआईटी को जानकारी मिली कि सुरेश हैदराबाद में छिपा हुआ है। इसके बाद एक टीम को वहां भेजा गया और उसे रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया।

पहले से गिरफ्तार आरोपी:

इस हत्याकांड में तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें सुरेश के भाई रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके शामिल हैं।

रितेश चंद्राकर: घटना के बाद रितेश दिल्ली भाग गया था। पुलिस ने उसे रायपुर एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया।

दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके: दोनों को पुलिस ने शुरुआती जांच के दौरान गिरफ्तार किया था।

यह है पोस्टमार्टम रिपोर्ट

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या में क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं. मुकेश चंद्राकर के सिर पर चोट के 15 निशान मिले हैं. इसके अलावा लीवर के चार टुकड़े और पांच पसलियों को तोड़ा गया. इतना ही नहीं उसकी गर्दन टूटी और हार्ट फटा हुआ पाया गया है.जिस डॉक्टर ने पत्रकार मुकेश चंद्राकर की बॉडी का पोस्टमार्टम किया, उन्होंने कहा कि मैंने अपने 12 साल के करियर में ऐसा केस नहीं देखा, जिसकी इतनी बेरहमी से हत्या की गई हो. उन्होंने ये भी दावा किया है कि पत्रकार की हत्या करने वाले दो या दो से ज्यादा हमलावर हैं.

3 जनवरी को सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ था शव –

बता दें कि मुकेश चंद्राकर का शव तीन जनवरी को ठेकेदार सुरेश चंद्राकर की प्रॉपर्टी पर स्थित सेप्टिक टैंक से बरामद हुआ था. मुकेश एक जनवरी से लापता थे. पुलिस ने मुकेश की तलाश के लिए सुरेश चंद्राकर के घर पर छापा मारा था. जांच के दौरान वहां सेप्टिक टैंक से एक शव बरामद हुआ. शव की हालत काफी खराब थी, लेकिन कपड़ों से उसकी पहचान पत्रकार मुकेश चंद्राकर के रूप में हुई.

ठेकेदार का करप्शन लाए थे सामने –

पत्रकार मुकेश चंद्राकर ने ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के करप्शन को उजागर किया था. ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को बस्तर में 120 करोड़ की सड़क बनाने का ठेका मिला था. पत्रकार मुकेश की हत्या की खबर के बाद ठेकेदार के खिलाफ जांच का आदेश दिया गया था. इसके बाद एक जनवरी से मुकेश चंद्राकर का कुछ भी पता नहीं चल रहा था.

ये भी सामने आया है कि मुकेश को आखिरी बार कॉल ठेकेदार सुरेश चंद्रकार के भाई रितेश ने मुकेश को कॉल किया था. इसके बाद एक जनवरी से ही मुकेश चंद्राकर का फोन स्विच ऑफ आता रहा. दावा है कि टैंक में शव को डालकर उसके ऊपर प्लास्टर कर दिया गया था, जिसके बाद पुलिस को शक हुआ.

पुलिस ने क्या कहा

बस्तर रेंज के आईजी ने बताया कि हत्या के मामले की जांच तेजी से की जा रही है। घटना के पीछे का पूरा सच जानने के लिए सुरेश चंद्राकर से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, अन्य संभावित साजिशकर्ताओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, यह मामला पेशेवर विवाद और व्यक्तिगत दुश्मनी का प्रतीक है। घटना में शामिल सभी आरोपियों को सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल:

मुकेश चंद्राकर की हत्या ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय पत्रकार संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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