00 सौदागरों की चेन तोड़ने राज्य स्तर पर 1 साल में नहीं हुई कोई बड़ी कार्रवाई
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में नशे के कारोबार ने गहरी जड़ें जमा ली हैं। शहरों से लेकर गांवों तक नशे के सौदागरों का नेटवर्क इतना मजबूत हो चुका है कि पुलिस की तमाम कोशिशें उनके सामने बेअसर साबित हो रही हैं। हालात यह हैं कि नशे के कारोबार का यह अंधकार प्रदेश के युवाओं और समाज को भीतर से खोखला कर रहा है। बिलासपुर पुलिस के हाथ भी केवल फरार ड्रग सप्लायर ही लग रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों में नशे से जुड़ी घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि देखने को मिली है। मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री खुलेआम हो रही है, जबकि पुलिस का खुफिया तंत्र इन अपराधियों तक पहुंचने में विफल रहा है। जानकारों का कहना है कि नशे का यह व्यापार अब सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े अंतरराज्यीय गिरोह इसमें शामिल हैं। बावजूद इसके पुलिस इन अपराधियों तक पहुंचने के बजाय छोटे-मोटे विक्रेताओं को पकड़कर अपनी पीठ थपथपाने में लगी है।
छात्रों में नशे की लाज तेजी से बढ़ रही
छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में नशा युवाओं के भविष्य को तबाह कर रहा है। खासकर शहरी क्षेत्रों में स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों के बीच नशे की लत तेजी से बढ़ रही है। इसके पीछे बड़े सौदागरों का नेटवर्क काम कर रहा है, जो पुलिस की आंखों में धूल झोंककर नशे के इस गंदे खेल को संचालित कर रहे हैं।
पुलिस की नाकामी ने न केवल प्रशासन की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज में भी आक्रोश पैदा किया है। कई सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
समाजशास्त्रियों और विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक नशे के इस कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक रणनीति नहीं अपनाई जाएगी और पुलिस प्रशासन सख्त रुख नहीं दिखाएगा, तब तक प्रदेश इस गंभीर समस्या से उबर नहीं पाएगा।
सरकार और पुलिस प्रशासन के सामने यह एक गंभीर चुनौती बन चुकी है कि वे नशे के सौदागरों के खिलाफ कब और कैसे निर्णायक कदम उठाएंगे। सवाल यह है कि क्या छत्तीसगढ़ पुलिस इस चुनौती को स्वीकार कर समाज को इस जहर से बचा पाएगी, या फिर नशे के सौदागरों का यह साम्राज्य यूं ही फलता-फूलता रहेगा?
नशे के सौदागर पर बिलासपुर पुलिस का प्रहार का दावा
नशीले इंजेक्शन एवं टेबलेट के अंतर्राज्यीय सप्लायर संजीव उर्फ सुच्चा सिंह के साथ करने वाला बृजलाल उर्फ बुगाला पुलिस के गिरफ्त मे।
रजनेश सिंह (भा0पु0से0) पुलिस अधीक्षक बिलासपुर के नेतृत्व मे नशे के अवैध कारोबारियों की जड़ तक पहुंचकर की जा रही है इण्ड टु इण्ड कार्यवाही।
नशीले कारोबार का तस्कर आरोपी बृजलाल उर्फ बुगाला भाटापारा मे रहकर नशीले दवाईयो का सप्लाई करता था।
फरार था यह आरोपी

नाम आरोपी- बृजलाल उर्फ बुगाला पिता बेदराम उम्र 39 वर्ष साकिन मिनीबस्ती जरहाभाठा थाना
सिविल लाईन जिला बिलासपुर छ.ग. वर्तमान पता गुरूनानक वार्ड नंबर 20 भाठापारा जिला बलौदा बाजार
जप्ती रकम – नगदी 18000 रूपये।
आपराधिक रिकॉर्ड – जिला बिलासपुर एवं बलौदा बाजार के विभिन्न थानो मे दर्ज है आरोपी बुगाला के विरूद्ध विभिन्न मामले दर्ज हैं।
दर्ज मामले
01 भाटापारा सिटी 259/2020 34(2) आबकारी एक्ट
02 भाटापारा सिटी 183/2020 294, 506, 34 भादवि
03 सिविल लाईन 455/2010 20 बी एनडीपीएस एक्ट
04 सिविल लाईन 162/2023 21, 22, 29 एनडीपीएस एक्ट
क्या है मामला
मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि अपराध क्रमांक 1004/2024 धारा 21, 22, 29 एनडीपीएस एक्ट के आरोपीया सृष्टि कुर्रे अपने मेमोरेण्डम मे नशीली दवाई इंजेक्शन को विक्रान्त सरकार, बुगाला, काजल कुर्रे एवं पल्लवी जांगडे से खरीदना एवं अवैध रूप से बिक्री करना बतायी थी। आरोपी बुगाला फरार होकर नशीली दवाई इंजेक्शन का सप्लाई कर रहा था। श्रीमान् पुलिस अधीक्षक महोदय श्री रजनेश सिंह के द्वारा नशे के सरगना को पकडने के लिए निर्देशित किया गया। श्रीमान् नगर पुलिस अधीक्षक श्री राजेन्द्र जायसवाल, नगर पुलिस अधीक्षक श्री निमितेश सिंह के नेतृत्व मे आरोपी बृजलाल उर्फ बुगाला भाठापारा गुरूनानक नगर वार्ड मे होने की पुष्टि पर पुलिस टीम भेजकर दबिश देकर भाठापारा मे पकडा गया। आरोपी बुगाला पिछले 12-15 वर्षो से भाठापारा मे छिपकर गुप्त रूप से नशे व्यापार मे संलिप्त था। उक्त कार्यवाही मे श्रीमान् नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह के नेतृत्व मे सउनि0 चंद्रकांत डहरिया, प्रआर0 266 बलवीर सिंह, आर0 सरफराज खान, आर0 विरेन्द्र राजपूत एवं महिला आर0 सुनीता मण्डावी की विशेष भूमिका रही।



