


DGP अरुण देव गौतम ने किया लोकार्पण, पुलिस की आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने SSP रजनेश सिंह के प्रयासों को मिली गति; पुलिस महानिदेशक ने जिले के लिए और सुविधाएं उपलब्ध कराने का दिया आश्वासन
बिलासपुर, 26 अक्टूबर। पुलिस व्यवस्था को आधुनिक, व्यवस्थित और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में बिलासपुर जिले को नई आधारभूत सुविधाएं मिली हैं। छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने रतनपुर थाना निरीक्षण के दौरान नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) कार्यालय सिविल लाइन के नवीन भवन, पचपेड़ी के नए थाना भवन एवं ई-मालखाने तथा रतनपुर के ई-मालखाने का लोकार्पण किया। इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल मिलने के साथ जब्त संपत्ति के सुरक्षित संधारण, अभिलेखों के व्यवस्थित प्रबंधन और आम नागरिकों को पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
जिले में पुलिस अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके प्रयासों से पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रक्षित केंद्र, सीएसपी कार्यालय, आईयूसीए कार्यालय, बालक विरुद्ध अपराध अनुसंधान इकाई, पचपेड़ी थाना, केन्दा चौकी, एसडीओपी/सीएसपी आवासीय भवन और अधिकारी-कर्मचारी आवासीय भवन जैसी सुविधाओं को स्वीकृति, निर्माण और उपलब्धता की दिशा में आगे बढ़ाया गया है। इनमें कई कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि शेष कार्य प्रक्रियाधीन हैं।
तीन प्रमुख सुविधाओं का लोकार्पण
पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने जिले में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से तीन प्रमुख स्थानों पर नवीन भवनों एवं ई-मालखाना सुविधाओं का लोकार्पण किया।
सिविल लाइन: नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के नवीन भवन का लोकार्पण।
पचपेड़ी: नवीन थाना भवन और ई-मालखाने का लोकार्पण।
रतनपुर: नवीन ई-मालखाने का लोकार्पण।
नए भवनों के शुरू होने से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा। वहीं, थाना स्तर पर पुलिस कार्यों के संचालन, नागरिकों की शिकायतों की सुनवाई और समस्याओं के निराकरण में सुविधा बढ़ने की उम्मीद है।
ई-मालखाने से जब्त संपत्ति का होगा व्यवस्थित प्रबंधन
पुलिस व्यवस्था में ई-मालखाना महत्वपूर्ण सुविधा है। आपराधिक प्रकरणों में जब्त की गई तथा अन्य मामलों से संबंधित संपत्ति का सुरक्षित और व्यवस्थित संधारण पुलिस के लिए आवश्यक होता है। रतनपुर और पचपेड़ी में ई-मालखाने शुरू होने से इस प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।
इसके माध्यम से जब्त संपत्ति के प्रबंधन और संबंधित अभिलेखों को बेहतर ढंग से संधारित करने में सुविधा होगी। साथ ही, पुलिस की कार्यप्रणाली में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा और जवाबदेही सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
SSP रजनेश सिंह के प्रयासों से अधोसंरचना विकास को गति
बिलासपुर जिले में पुलिस सुविधाओं का विस्तार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। जिले की आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यालयों, थाना भवनों, चौकियों और आवासीय सुविधाओं को विकसित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रक्षित केंद्र, सीएसपी कार्यालय, आईयूसीए कार्यालय, बालक विरुद्ध अपराध अनुसंधान इकाई, पचपेड़ी थाना और केन्दा चौकी सहित विभिन्न संस्थागत सुविधाओं के विकास की दिशा में काम किया गया है। इसके अलावा एसडीओपी/सीएसपी के आवासीय भवनों तथा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के आवासीय भवनों की व्यवस्था भी इस प्रयास का हिस्सा है।
इनमें कई निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, जबकि अन्य कार्य प्रक्रियाधीन हैं। नवीन भवनों और सुविधाओं के उपलब्ध होने से पुलिसकर्मियों को कार्य करने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा और नागरिकों को पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
पुलिस महानिदेशक ने आगे भी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दिया आश्वासन
पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने जिला पुलिस के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना और सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में आगे भी सहयोग देने का आश्वासन दिया। पुलिस विभाग द्वारा अधोसंरचना विकास, आधुनिक तकनीक के समावेश और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच इन नवीन सुविधाओं का लोकार्पण महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुलिस विभाग का उद्देश्य कार्यप्रणाली को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के साथ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें।
लोकार्पण कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज, बिलासपुर राम गोपाल गर्ग, उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, एसडीओपी कोटा नुपुर उपाध्याय सहित अन्य थाना स्टाफ और विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकार उपस्थित रहे।
नवीन पुलिस भवनों और ई-मालखानों की शुरुआत को जिले में पुलिस अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में प्रक्रियाधीन निर्माण कार्य पूरे होने पर पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
