4C श्रेणी में अपग्रेड करने की मांग, 1500 से 2800 मीटर रनवे विस्तार और नए टर्मिनल का प्रस्ताव; कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
बिलासपुर। बिलासपुर को बड़े शहरों से सीधी हवाई सेवा से जोड़ने की मांग सात साल बाद भी पूरी नहीं हुई है। इसी नाराजगी को जाहिर करने हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने सोमवार को अनूठे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। समिति के सदस्यों ने राघवेंद्र राव परिसर स्थित धरना स्थल से कलेक्ट्रेट तक उल्टा मार्च निकाला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। समिति ने बिलासपुर एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड करने के लिए केंद्र सरकार से 300 करोड़ रुपए का विशेष अनुदान देने की मांग की है। वैकल्पिक रूप से छत्तीसगढ़ सरकार को दो साल के भीतर एयरपोर्ट के उन्नयन की कार्रवाई पूरी करने के निर्देश देने का आग्रह किया गया है।
समिति का कहना है कि देश में हवाई सेवाओं का विस्तार हो रहा है, लेकिन बिलासपुर अब भी सीमित उड़ानों और छोटे विमानों तक सिमटा हुआ है। उल्टा मार्च के जरिए आंदोलनकारियों ने संदेश दिया कि जब देश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब बिलासपुर की हवाई सुविधा पीछे जा रही है। इस मार्च में प्रमुख रूप से कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेश पांडे, जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के पूर्व अध्यक्ष विजय केशरवानी, शहर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष विजय पांडे, योग आयोग के पूर्व सदस्य रविंद्र सिंह, अभय नारायण राय, महेश दुबे, समीर अहमद, शिबली मेराज, जावेद मेमन, डब्बू साहू आदि मौजूद थे।





हाईकोर्ट, रेलवे जोन और एसईसीएल का मुख्यालय, फिर भी सीमित हवाई सुविधा
प्रधानमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में समिति ने बिलासपुर के महत्व का उल्लेख किया है। बिलासपुर संभागीय मुख्यालय होने के साथ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन, केंद्रीय विश्वविद्यालय और एसईसीएल का मुख्यालय भी है। शहर में प्रधानमंत्री निधि से निर्मित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल सहित कई महत्वपूर्ण संस्थान हैं। ऊर्जा और कोयला उद्योग के कारण भी यह क्षेत्र आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
समिति का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण संस्थानों और गतिविधियों वाले शहर को बेहतर हवाई संपर्क मिलना चाहिए। बिलासपुर से देश के चारों दिशाओं के प्रमुख महानगरों तक सीधी उड़ानें शुरू होने से व्यापार, चिकित्सा, शिक्षा और औद्योगिक गतिविधियों को लाभ मिल सकता है।






1500 मीटर का रनवे बढ़ाकर 2800 मीटर करने की मांग
समिति ने एयरपोर्ट के विकास के लिए तीन प्रमुख जरूरतें बताई हैं। इनमें रनवे की लंबाई 1500 मीटर से बढ़ाकर 2800 मीटर करना, स्थायी एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) टावर स्थापित करना और नया टर्मिनल भवन बनाना शामिल है। ज्ञापन के अनुसार, इन कार्यों के लिए लगभग 300 करोड़ रुपए की आवश्यकता है। समिति का दावा है कि रनवे विस्तार के लिए जरूरी भूमि उपलब्ध है।
वर्तमान में बिलासपुर एयरपोर्ट 3C श्रेणी का है, जहां एटीआर जैसे छोटे विमानों का संचालन होता है। समिति इसे 4C श्रेणी में अपग्रेड कर बड़े विमानों के संचालन योग्य बनाने की मांग कर रही है। इससे एयरबस और बोइंग श्रेणी के विमानों के संचालन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
राज्य का बजट 1.76 लाख करोड़, बिलासपुर के लिए 300 करोड़ की मांग
ज्ञापन में समिति ने छत्तीसगढ़ सरकार के लगभग 1.76 लाख करोड़ रुपए के वार्षिक बजट का उल्लेख करते हुए कहा है कि बिलासपुर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए आवश्यक राशि का आवंटन नहीं हो रहा है। समिति ने केंद्र सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि कोयले की रॉयल्टी, ऊर्जा संस्थानों और रेलवे में बड़े पैमाने पर माल ढुलाई से केंद्र तथा राज्य को राजस्व मिलता है, लेकिन बिलासपुर के एयरपोर्ट विकास के लिए विशेष आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है।
समिति के मुताबिक, उड़ान योजना के तहत मिलने वाली सीमित सहायता से एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में विकसित करने की जरूरत पूरी नहीं होगी। इसलिए प्रधानमंत्री से सीधे हस्तक्षेप कर विशेष अनुदान स्वीकृत कराने की मांग की गई है।
प्रधानमंत्री के सामने दो विकल्प रखे
समिति ने ज्ञापन में प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि बिलासपुर एयरपोर्ट के लिए केंद्र सरकार 300 करोड़ रुपए का विशेष अनुदान जारी करे। यदि केंद्र से यह राशि उपलब्ध नहीं कराई जाती है, तो छत्तीसगढ़ सरकार को निर्देश दिया जाए कि वह दो साल की समय-सीमा में एयरपोर्ट को 4C श्रेणी में अपग्रेड करने की कार्रवाई पूरी करे।
समिति ने स्पष्ट किया है कि मांग केवल एयरपोर्ट के ढांचागत विकास तक सीमित नहीं है। बिलासपुर से प्रमुख महानगरों तक सीधी उड़ानों की उपलब्धता और हवाई सेवाओं का विस्तार भी जरूरी है।
सात साल के आंदोलन के बाद भी मांग अधूरी
हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति पिछले सात वर्षों से बिलासपुर में पूर्ण विकसित हवाई सेवा की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है। सोमवार को आंदोलन की सातवीं वर्षगांठ पर निकाला गया उल्टा मार्च इसी नाराजगी का प्रतीक रहा। समिति ने रनवे विस्तार, नए टर्मिनल, स्थायी एटीसी टावर, बड़े विमानों के संचालन और महानगरों तक सीधी उड़ानें शुरू करने की मांग फिर दोहराई।
प्रधानमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन के जरिए समिति ने उम्मीद जताई है कि अब बिलासपुर की हवाई सुविधा के विस्तार पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
