कांग्रेस नेता लक्ष्मीनाथ साहू बोले- चेकों में काट-छांट कर स्वीकृत राशि से अधिक निकाली गई रकम, निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो किसानों के साथ करेंगे उग्र आंदोलन
बिल्हा, 26 अक्टूबर। जिला सहकारी बैंक की बिल्हा शाखा के अंतर्गत गुमा सेवा सहकारी समिति में लाखों रुपए के कथित वित्तीय घोटाले और चेकों में कूटरचना का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी तिफरा के अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने इस मामले में बैंक शाखा प्रबंधक लक्ष्मण कौशिक और सुपरवाइजर हितेश सलूजा को तत्काल निलंबित करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि चेकों में काट-छांट और कूटरचना कर स्वीकृत राशि से अधिक रकम का अवैध आहरण किया गया। साहू ने मामले की निष्पक्ष आपराधिक जांच, कथित गबन की राशि की वसूली और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में साहू ने आरोप लगाया कि गुमा सेवा सहकारी समिति में शाखा प्रबंधक लक्ष्मण कौशिक, सुपरवाइजर हितेश सलूजा और तत्कालीन समिति प्रबंधक दिवंगत शरद कुमार कश्यप के बीच कथित सांठगांठ के जरिए चेकों में हेरफेर किया गया। उनके अनुसार, स्वीकृत राशि से अधिक रकम निकाली गई, जिससे शासन और किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने इसे किसानों की गाढ़ी कमाई से जुड़ा गंभीर वित्तीय मामला बताते हुए दोषियों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
एफआईआर के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप
लक्ष्मीनाथ साहू ने कहा कि गुमा सेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष राम कुमार बरगाहा ने इस मामले में बिल्हा थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बावजूद अब तक पुलिस और प्रशासन की ओर से ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं होने का आरोप उन्होंने लगाया है।
साहू ने दावा किया कि क्षेत्र के बड़े नेताओं के राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक दबाव के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित आरोपी अग्रिम जमानत लेकर दोबारा अपने पदों पर काम कर रहे हैं। उनके मुताबिक, आरोपियों के उन्हीं पदों पर बने रहने से निष्पक्ष जांच प्रभावित होने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका है।
हालांकि, ये आरोप कांग्रेस नेता की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए हैं। मामले में आरोपों की पुष्टि, संबंधित पक्षों का जवाब और जांच की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस ने रखीं तीन प्रमुख मांगें
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मीनाथ साहू ने मामले की निष्पक्ष जांच और किसानों के हितों की रक्षा के लिए तीन प्रमुख मांगें रखी हैं।
1. तत्काल निलंबन: जांच को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए जिला सहकारी बैंक की बिल्हा शाखा के प्रबंधक लक्ष्मण कौशिक और सुपरवाइजर हितेश सलूजा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
2. उच्चस्तरीय जांच: मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित की जाए। साथ ही, यदि आरोपी जमानत का दुरुपयोग कर जांच या साक्ष्यों को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
3. राशि की वसूली और आपराधिक कार्रवाई: कथित रूप से गबन की गई पूरी राशि की शीघ्र वसूली की जाए और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त आपराधिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो किसानों के साथ आंदोलन की चेतावनी
लक्ष्मीनाथ साहू ने शासन-प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि संबंधित अधिकारियों के निलंबन और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की मांग पर गंभीरता से कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस किसानों और सहकारी समितियों के पदाधिकारियों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन करेगी। उन्होंने धरना-प्रदर्शन सहित उग्र आंदोलन की चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
गुमा सेवा सहकारी समिति से जुड़ा यह मामला किसानों की राशि, सहकारी बैंकिंग व्यवस्था की पारदर्शिता और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच से जुड़ा है। कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
