बिलासपुर। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता अभय नारायण राय ने रेलवे की समयपालन रैंकिंग को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल के अधिकृत फेसबुक पेज पर जारी देश के सभी 70 रेल मंडलों की टाइम टेबल पंक्चुअलिटी (समयपालन) रैंकिंग में छत्तीसगढ़ के प्रमुख रेल मंडलों की स्थिति बेहद खराब है।
राय ने बताया कि रैंकिंग में रायपुर मंडल 61वें, नागपुर मंडल 57वें और बिलासपुर मंडल 68वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति बताती है कि छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के सबसे महत्वपूर्ण तथा सर्वाधिक आय अर्जित करने वाले रेल क्षेत्र के साथ रेलवे का रवैया कैसा है। रेलवे मंत्रालय इन क्षेत्रों का उपयोग मुख्य रूप से राजस्व अर्जित करने के लिए कर रहा है, जबकि यात्री सुविधाओं और समय पर ट्रेन संचालन के मामले में स्थिति लगातार खराब है।
हर साल 24 हजार करोड़ से ज्यादा मालभाड़ा
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के बिलासपुर रेलवे जोन से हर साल लगभग 24 हजार करोड़ रुपए से अधिक की आय केवल मालभाड़े से अर्जित करती है। इसके बावजूद जब यात्रियों को सुविधा देने और ट्रेनों को समय पर चलाने की बात आती है तो छत्तीसगढ़ की लगातार उपेक्षा की जाती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के सांसद भी दलगत राजनीति के कारण प्रदेश की इस उपेक्षा पर मौन हैं। राय ने कहा कि रेलवे को इन रेल मंडलों में रहने वाली बड़ी आबादी की यात्री सुविधाओं और उनकी परेशानियों से कोई सरोकार नहीं रह गया है।
तीसरी-चौथी लाइन के बाद भी लेटलतीफी क्यों?
अभय नारायण राय ने सवाल उठाया कि जब रेलवे में तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है, तो इसके बावजूद यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी क्यों जारी है? उन्होंने आरोप लगाया कि अडानी का कोयला ढोने के लिए यात्री ट्रेनों को रोका जाता है, जिसका सीधा खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि रेलवे की समयपालन रैंकिंग ने कांग्रेस के इस आरोप को सही साबित किया है कि छत्तीसगढ़ रेलवे से कमाई के मामले में आगे है, लेकिन यात्री सुविधाओं और ट्रेनों के समय पर संचालन के मामले में पीछे धकेला जा रहा है।
— अभय नारायण राय
वरिष्ठ प्रवक्ता, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी



