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‘साइकिल वाला शिकारी’ बेनकाब, अकेली महिलाओं का पीछा, दुष्कर्म के बाद हत्या; 10 साल की सजा काट चुका आरोपी फिर निकला खूंखार

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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न्यू स्वागत विहार के खाली प्लॉट में मिला था महिला का शव, पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की पुष्टि; जांच में खुला खौफनाक राज
रायपुर। राजधानी में अकेली महिलाओं को निशाना बनाने वाला एक शातिर अपराधी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। थाना मुजगहन क्षेत्र में महिला की हत्या और दूसरी महिला से मारपीट की दो वारदातों की जांच में पुलिस ने देवेन्द्र कुमार साहू उर्फ राकेश उर्फ मंछला (29) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अकेली महिलाओं को देखकर उनका साइकिल से पीछा करता था और मौका पाकर उन्हें अपना निशाना बनाता था।


सबसे सनसनीखेज मामला 21 जुलाई का है। न्यू स्वागत विहार के पास एक खाली प्लॉट में भरे पानी से महिला का शव बरामद हुआ था। महिला की बाईं आंख के ऊपर चोट और शरीर के अन्य हिस्सों पर खरोंच के निशान मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पानी में डूबने से श्वास अवरुद्ध होने को मौत का कारण बताया गया। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने हत्या के पीछे की भयावह कहानी सामने आई। पुलिस के अनुसार आरोपी ने महिला को अकेले जाते देखा और साइकिल से उसका पीछा किया। उसे पकड़कर झूमाझटकी की और घटनास्थल के पास ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद गला दबाने के साथ महिला के मुंह और नाक को पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी मृतिका का मोबाइल अपने साथ लेकर साइकिल से फरार हो गया।
एक वारदात में हत्या, दूसरी में महिला को दबोचा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने दूसरी महिला को भी निशाना बनाया था। 5 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे सेजबहार क्षेत्र में एक महिला घर जा रही थी। बेकरी दुकान के पास पीछे से एक अज्ञात युवक पहुंचा। आरोप है कि उसने महिला को अश्लील गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी, फिर उसे नाली में धक्का देकर गिराया और दबोचकर मारपीट करने लगा। आरोपी महिला के ऊपर चढ़ गया।
महिला के जोर-जोर से चिल्लाने पर आरोपी मौके से भाग निकला। इस मामले में थाना मुजगहन में अपराध क्रमांक 188/26, धारा 115(2), 296 और 351(2) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया।
दोनों वारदातों ने पुलिस के सामने एक ही चुनौती खड़ी कर दी थी—अज्ञात हमलावर कौन है और क्या दोनों घटनाओं के पीछे एक ही चेहरा है?
8 से ज्यादा टीमें, सैकड़ों कैमरे और लगातार पीछा
मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम जोन) रॉबिन्सन गुड़िया ने अधीनस्थ अधिकारियों और थाना प्रभारियों को आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना मुजगहन पुलिस की 8 से अधिक अलग-अलग टीमों को जांच में लगाया गया। टीमों ने दोनों घटनास्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया।
हत्या के मामले में मृतिका के परिजनों से लंबी पूछताछ की गई। उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और आसपास के व्यक्तियों से जानकारी जुटाई गई। वहीं दूसरी पीड़िता से आरोपी के हुलिये, कपड़ों, घटनास्थल तक आने-जाने के तरीके और वारदात के दौरान उसकी गतिविधियों के बारे में बारीकी से जानकारी ली गई।
इसके बाद जांच का सबसे बड़ा हथियार बना सीसीटीवी नेटवर्क। दोनों घटनास्थलों और आसपास के संभावित रास्तों पर लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। संदिग्धों की पहचान, घटनाओं के समय उनकी गतिविधियां और आने-जाने के रास्तों को जोड़ा गया।
पुराने अपराधियों की कुंडली भी खंगाली
पुलिस टीम ने वारदात के तरीके का विश्लेषण किया। इसी तरह के अपराधों में पहले शामिल रहे आरोपियों और हाल में जेल से बाहर आए व्यक्तियों की गतिविधियों की भी तस्दीक की गई। मुखबिरों को सक्रिय किया गया और थाना क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में संदिग्धों के बारे में लगातार जानकारी जुटाई गई।
तकनीकी विश्लेषण के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों को भी जोड़ा गया। इसी दौरान पुलिस को एक संदिग्ध के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली और सेजबहार निवासी देवेन्द्र कुमार साहू को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का दावा है कि देवेन्द्र ने हत्या सहित दोनों घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया।
महिलाओं का पीछा करने की आदत, फिर बनाता था निशाना
पुलिस के मुताबिक आरोपी अविवाहित है और अक्सर अकेली महिलाओं को देखकर उनका साइकिल से पीछा करता था। 21 जुलाई की घटना में भी उसने महिला को अकेले जाते देखा और साइकिल से उसका पीछा किया।
महिला को पकड़ने के बाद झूमाझटकी हुई। आरोपी उसे घटनास्थल के पास ले गया। पुलिस के अनुसार वहीं उसने महिला के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। मृतिका का मोबाइल अपने पास रखकर वह साइकिल से मौके से भाग गया।
दूसरी घटना में भी आरोपी ने महिला को इसी तरह निशाना बनाने का प्रयास किया था, लेकिन महिला के चिल्लाने पर वह भाग निकला।
यह पहला अपराध नहीं: पहले भी जेल जा चुका है
जांच में आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार थाना मुजगहन के वर्ष 2017 के एक मामले में आरोपी को न्यायालय ने 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी। यह मामला दुष्कर्म, घर में घुसने, पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं से जुड़ा था।
यानी महिला संबंधी गंभीर अपराध में जेल और सजा काट चुका आरोपी बाहर आने के बाद फिर आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया।
इसके अलावा थाना टिकरापारा में भी उसके खिलाफ वर्ष 2025 में मारपीट, गाली-गलौज और महिला संबंधी अपराध की धाराओं में मामला दर्ज होना पुलिस रिकॉर्ड में सामने आया है।
पुलिस रिकॉर्ड में आरोपी के खिलाफ दर्ज मामले
1. थाना मुजगहन — अपराध क्रमांक 169/26
धारा 103(1), 64(2)(ड) बीएनएस — महिला की हत्या एवं दुष्कर्म से संबंधित मामला।
2. थाना मुजगहन — अपराध क्रमांक 188/26
धारा 115(2), 296, 351(2) बीएनएस — महिला से मारपीट, अश्लील गाली-गलौज और धमकी का मामला।
पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड
1. थाना मुजगहन — अपराध क्रमांक 60/17
धारा 376, 450 भादवि., 3(क), 4 पॉक्सो एक्ट तथा 3(1), 12, 3(2), 5 एससी/एसटी एक्ट।
इस मामले में आरोपी को न्यायालय द्वारा 10 वर्ष के कारावास की सजा से दंडित किया गया था।
2. थाना टिकरापारा — अपराध क्रमांक 37/25
धारा 115(2), 118(1), 296, 74 बीएनएस।
हत्या के बाद क्या-क्या बरामद हुआ
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात से जुड़ी सामग्री भी जब्त की है—
मृतिका का मोबाइल फोन
घटना में प्रयुक्त साइकिल
घटना के दौरान आरोपी द्वारा पहने गए कपड़े
पुलिस टीम की निगरानी में खुला केस
पूरी कार्रवाई पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले के मार्गदर्शन तथा पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम जोन) रॉबिन्सन गुड़िया की सतत मॉनिटरिंग में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना मुजगहन पुलिस की संयुक्त टीम ने की।
गिरफ्तार आरोपी:
देवेन्द्र कुमार साहू उर्फ राकेश उर्फ मंछला, पिता तुकाराम साहू, उम्र 29 वर्ष, निवासी सेजबहार आमहापारा, थाना मुजगहन, जिला रायपुर।
रायपुर पुलिस के अनुसार दोनों मामलों की जांच में सीसीटीवी फुटेज, पूछताछ, तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड को जोड़ते हुए संदिग्ध तक पहुंच बनाई गई।

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