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जब तिरंगे के साथ पत्रकारिता की विरासत को किया सलाम… बिलासपुर प्रेस क्लब में आजादी के जश्न में गूंजे देशभक्ति गीत, कलम की जिम्मेदारी पर हुआ आत्ममंथन

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। आजादी के जश्न के बीच शनिवार को राघवेंद्र राव सभा भवन पत्रकारिता के गौरव, राष्ट्रप्रेम और लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों का साक्षी बना। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिलासपुर प्रेस क्लब में गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी ने पदाधिकारियों और पत्रकार साथियों की मौजूदगी में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के बाद राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत से पूरा वातावरण देशभक्ति के भाव से भर गया।
इस बार समारोह सिर्फ औपचारिक भाषणों तक सीमित नहीं रहा। पत्रकारों ने स्वतंत्रता संग्राम के उस दौर को याद किया, जब देश गुलामी की बेड़ियों में जकड़ा था और पत्रकारों ने समाचार पत्रों तथा अपनी लेखनी के जरिए लोगों में चेतना, साहस और देशभक्ति जगाने का जोखिम उठाया था।
आजादी की लड़ाई से लोकतंत्र तक, कलम की भूमिका को किया याद
समारोह में पत्रकारिता की उस गौरवशाली विरासत को याद किया गया, जिसमें स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पत्रकारों ने अपनी कलम को जनजागरण का माध्यम बनाया। चर्चा का केंद्र यह भी रहा कि आजादी के बाद पत्रकारिता ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में जनहित के मुद्दों को सामने लाने और सत्ता से सवाल पूछने की जिम्मेदारी निभाई है।
पत्रकारों ने इस विरासत को याद करते हुए मौजूदा दौर में पत्रकारिता के दायित्वों पर भी आत्ममंथन किया। समारोह का माहौल यह संदेश देता नजर आया कि पत्रकारिता केवल खबरों तक सीमित पेशा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनहित और जवाबदेही से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी है।
देशभक्ति गीतों से दोपहर तक गूंजता रहा प्रेस क्लब
ध्वजारोहण के बाद बिलासपुर प्रेस क्लब में देशभक्ति गीत-संगीत का आयोजन किया गया। पत्रकार साथियों ने विभिन्न प्रस्तुतियों के जरिए समारोह के माहौल को भावनात्मक और उत्साहपूर्ण बना दिया। गीतों में देशप्रेम की भावना के साथ स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों की स्मृतियां भी झलकीं।
सुबह 9 बजे शुरू हुआ देशभक्ति गीत-संगीत का सिलसिला दोपहर 12 बजे तक चला। पत्रकारों की प्रस्तुतियों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह को अलग रंग दिया और कार्यक्रम यादगार बन गया।
इस बार बदली परंपरा, दोनों भवनों में हुआ ध्वजारोहण
स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार बिलासपुर प्रेस क्लब की परंपरा में भी बदलाव देखने को मिला। प्रेस क्लब की परंपरा के अनुसार ट्रस्ट भवन में सचिव और 26 प्रेस क्लब भवन में अध्यक्ष ध्वजारोहण करते हैं। इस बार कार्यकारिणी ने परंपरा से आगे बढ़ते हुए दोनों स्थानों पर अलग-अलग पदाधिकारियों के माध्यम से ध्वजारोहण कराया।
ट्रस्ट भवन में कोषाध्यक्ष किशोर कुमार सिंह ने और प्रेस क्लब भवन में उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी ने संयुक्त रूप से स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया। इसे पदाधिकारियों के बीच सम्मान, सहभागिता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना की पहल के रूप में देखा गया।
ये पत्रकार और पदाधिकारी रहे मौजूद
समारोह में प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा, कोषाध्यक्ष किशोर कुमार सिंह, सह सचिव हरिकिशन गंगवानी और कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव मौजूद रहे।
इस अवसर पर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष तिलक राज सलूजा और वीरेंद्र गहवई के साथ वरिष्ठ पत्रकार पीयूष कांत मुखर्जी, गणेश विश्वकर्मा, सैयद जफर, रुद्राक्ष गोस्वामी, रितु साहू, रवि शुक्ला, प्रियंका सिंह सहित बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए।
तिरंगा बना पत्रकारिता के संघर्ष और जिम्मेदारी का प्रतीक
स्वतंत्रता दिवस समारोह ने पत्रकारों को देश की आजादी के संघर्ष में कलम की भूमिका याद करने का अवसर दिया। तिरंगे के सामने जुटे पत्रकारों के बीच यह भाव भी दिखाई दिया कि राष्ट्रीय ध्वज सिर्फ गौरव और स्वतंत्रता का प्रतीक नहीं, बल्कि उन अनगिनत संघर्षों, त्याग और बलिदानों की स्मृति है, जिनमें पत्रकारिता और पत्रकारों की कलम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राघवेंद्र राव सभा भवन में आयोजित यह समारोह इसी गौरवशाली विरासत, राष्ट्रप्रेम और पत्रकारिता के लोकतांत्रिक दायित्वों को एक साथ महसूस कराने वाला अवसर बना।

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