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22 कैरेट सोने के कड़े को 20 कैरेट बताने पर मालाबार ज्वैलर्स में बवाल, बड़ी संख्या में सराफा कारोबारी पहुंचे; पुलिस ने मशीन-DVR जब्त किया

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। शहर के सराफा कारोबार में 15 अगस्त को उस वक्त बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब एक ही सोने के कड़े की जांच में अलग-अलग परिणाम सामने आने का मामला मालाबार ज्वैलर्स तक पहुंच गया। सदर बाजार से खरीदे गए कड़े को बिक्री से पहले जांच कराने पहुंचे ग्राहक को मालाबार ज्वैलर्स की मशीन पर कथित तौर पर 22 कैरेट के कड़े को 20 कैरेट बताया गया। ग्राहक ने इसकी जानकारी उस दुकान के संचालक को दी, जहां से कड़ा खरीदा गया था। इसके बाद दुकानदार स्वयं ग्राहक के साथ मालाबार ज्वैलर्स पहुंचा। दोबारा जांच हुई तो कड़ा 22 कैरेट निकला। एक ही कड़े की जांच में अलग-अलग परिणाम सामने आने से मामला गरमा गया और देखते ही देखते सराफा कारोबारियों के बीच विवाद का रूप ले लिया। मामला बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच मशीन व DVR को कब्जे में लेने की कार्रवाई की।


ग्राहक की जांच से शुरू हुआ पूरा विवाद


बताया जा रहा है कि सदर बाजार स्थित एसके ज्वैलर्स से एक ग्राहक ने सोने का कड़ा खरीदा था। ग्राहक किसी दूसरे कारोबारी को ज्वैलरी देने अथवा बिक्री करने से पहले उसकी शुद्धता की जांच कराना चाहता था।
इसी सिलसिले में वह श्रीकांत वर्मा स्थित मालाबार ज्वैलर्स के शोरूम पहुंचा। वहां उपलब्ध कैरेटोमीटर मशीन से कड़े की जांच की गई।


आरोप है कि मशीन की जांच में 22 कैरेट का बताया गया कड़ा 20 कैरेट का बताया गया। ग्राहक ने जब इस बारे में उस दुकानदार को बताया, जहां से उसने कड़ा खरीदा था, तो एसके ज्वैलर्स के संचालक सागर सोनी ग्राहक के साथ मालाबार ज्वैलर्स पहुंचे।
दूसरी बार मशीन में आया 22 कैरेट का परिणाम
मालाबार ज्वैलर्स पहुंचने के बाद कड़े की दोबारा मशीन से जांच कराई गई। सराफा संघ की ओर से सामने आए दावे के अनुसार, दूसरी जांच में वही कड़ा 22 कैरेट निकला।
एक ही आभूषण की जांच में पहले 20 कैरेट और बाद में 22 कैरेट का परिणाम सामने आने के बाद मौके पर विवाद बढ़ गया। एसके ज्वैलर्स के संचालक ने इस पर नाराजगी जताई और पूरे घटनाक्रम की जानकारी सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों को दी।
मामला सिर्फ मशीन की रीडिंग तक सीमित नहीं रहा। आरोप है कि इस दौरान शोरूम में मौजूद एक कर्मचारी ने एसके ज्वैलर्स के संचालक के साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इसके बाद सराफा कारोबारियों में नाराजगी और बढ़ गई।
15 अगस्त को बड़ी संख्या में सराफा कारोबारी मालाबार ज्वैलर्स पहुंचे
विवाद की जानकारी सराफा एसोसिएशन तक पहुंचने के बाद 15 अगस्त को प्रदेश सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सराफा कारोबारी और संघ के पदाधिकारी मालाबार ज्वैलर्स के शोरूम पहुंचे।
व्यापारियों ने शोरूम के बाहर विरोध दर्ज कराया और प्रबंधन से पूरे मामले को लेकर जवाब मांगा। इस दौरान मामला गर्मा गया और मौके पर काफी देर तक गहमागहमी की स्थिति बनी रही।
सराफा कारोबारियों की नाराजगी का एक बड़ा मुद्दा कथित अभद्र व्यवहार और छोटे सराफा कारोबारियों की कारोबारी साख से जुड़ा रहा।
संघ का कहना है कि हर कारोबारी को अपना व्यवसाय करने का अधिकार है, लेकिन किसी दूसरे कारोबारी की ज्वैलरी की गुणवत्ता, उत्पाद या प्रतिष्ठा पर बिना पर्याप्त आधार के सवाल उठाना उचित नहीं है।
पुलिस पहुंची, मशीन और DVR कब्जे में
मालाबार ज्वैलर्स में विवाद बढ़ने की जानकारी मिलने के बाद बिलासपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को संभाला गया और मामले से जुड़े साक्ष्यों को सुरक्षित करने की कार्रवाई की गई।
सराफा संघ की ओर से शिकायत किए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने सोने की जांच में इस्तेमाल की गई कैरेटोमीटर मशीन और DVR को जब्त किया है।
अब पुलिस जांच में DVR की रिकॉर्डिंग और मशीन की जांच प्रक्रिया अहम साक्ष्य मानी जा रही है। पुलिस यह भी देखेगी कि कड़े की पहली जांच के दौरान मशीन पर क्या रीडिंग आई थी और दोबारा जांच में 22 कैरेट का परिणाम किस तरह सामने आया।
जांच मशीन की रिकॉर्डिंग भी अहम
सराफा संघ की ओर से संबंधित जांच प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद होने का दावा किया गया है। ऐसे में पुलिस के कब्जे में लिया गया DVR पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकता है।
जांच में मशीन की तकनीकी स्थिति, उसकी कैलिब्रेशन, जांच की प्रक्रिया और उस समय सामने आई रीडिंग जैसे पहलुओं को भी देखा जाना महत्वपूर्ण होगा।
हालांकि, किसी आभूषण की वास्तविक शुद्धता की अंतिम पुष्टि अधिकृत जांच प्रक्रिया से ही हो सकेगी। फिलहाल अलग-अलग मशीन रीडिंग को लेकर विवाद सामने आया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।


विवाद ने उठाया बड़ा सवाल—एक ही कड़े की दो अलग रीडिंग कैसे?
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस सोने के कड़े को पहली जांच में 20 कैरेट बताया गया, वही कड़ा दोबारा जांच में 22 कैरेट कैसे निकला।
यही सवाल ग्राहक से लेकर खरीदार दुकानदार और सराफा एसोसिएशन तक के विवाद का केंद्र बन गया है।
मामले की जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि पहली जांच किस परिस्थिति में हुई, मशीन की रीडिंग क्या थी, दूसरी जांच किस तरह की गई और दोनों जांचों के बीच परिणाम में अंतर क्यों आया।
कारोबारी साख को लेकर आमने-सामने सराफा कारोबारी
सराफा एसोसिएशन ने इस पूरे घटनाक्रम को केवल एक ग्राहक की शिकायत नहीं माना है। संघ की ओर से कारोबारी प्रतिष्ठा और व्यापारियों की साख का मुद्दा भी उठाया गया है।
व्यापारियों का कहना है कि सराफा कारोबार में ग्राहक का भरोसा सबसे महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में सोने की शुद्धता से जुड़ा कोई भी विवाद सीधे कारोबारी की प्रतिष्ठा से जुड़ जाता है।
इसी वजह से 15 अगस्त को बड़ी संख्या में कारोबारी मालाबार ज्वैलर्स पहुंचे और प्रबंधन से मामले पर जवाब मांगा।

सुनिए क्या कहा कमल सोनी  ने….कारोबारी की साख से समझौता नहीं
प्रदेश सराफा एसोसिएशन अध्यक्ष कमल सोनी के नेतृत्व में व्यापारियों ने मालाबार ज्वैलर्स पहुंचकर पूरे मामले पर जवाब मांगा।
सराफा संघ की ओर से कहा गया कि प्रत्येक व्यापारी को व्यापार करने का अधिकार है, लेकिन किसी दूसरे कारोबारी के उत्पाद, गुणवत्ता अथवा प्रतिष्ठा पर पर्याप्त आधार के बिना सवाल उठाना उचित नहीं है।
कमल सोनी ने कथित अभद्र व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई और संबंधित पक्ष से माफी की मांग की।
उन्होंने ग्राहकों से भी सोने के आभूषण खरीदते समय हॉलमार्क, बिल, प्रमाणिक दस्तावेज और गुणवत्ता संबंधी जानकारी की जांच करने की अपील की।
पुलिस जांच में अब इन बिंदुओं पर नजर
कड़े की पहली जांच में मशीन पर क्या रीडिंग आई थी।
दूसरी जांच में वही कड़ा 22 कैरेट कैसे बताया गया।
जांच मशीन की तकनीकी स्थिति और कैलिब्रेशन क्या थी।
DVR में पूरे घटनाक्रम की क्या रिकॉर्डिंग मौजूद है।
जांच के दौरान कौन-कौन लोग मौके पर मौजूद थे।
कथित अभद्र व्यवहार की शिकायत में कितनी सच्चाई है।
विवाद के दौरान दोनों पक्षों की क्या भूमिका रही।
आभूषण की वास्तविक शुद्धता अधिकृत जांच में क्या सामने आती है।
ग्राहकों के लिए भी अहम है मामला
इस विवाद के बाद सोने के आभूषणों की खरीद-बिक्री और शुद्धता की जांच को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। सराफा एसोसिएशन ने ग्राहकों से खरीदारी के दौरान हॉलमार्क, बिल, प्रमाणिक दस्तावेज और आभूषण की गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखने की अपील की है।
फिलहाल मालाबार ज्वैलर्स में हुए इस विवाद की जांच पुलिस के स्तर पर जारी है। मशीन और DVR जब्त होने के बाद अब रिकॉर्डिंग और जांच प्रक्रिया से जुड़े तथ्य पूरे मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पुलिस की जांच और अधिकृत जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि एक ही सोने के कड़े की जांच में अलग-अलग परिणाम सामने आने की वास्तविक वजह क्या थी।

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