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अंगूठा लगाइए, थैला रखिए… सेकंडों में निकलेगा राशन, बिलासपुर में शुरू हुआ ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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देश की आधुनिक राशन व्यवस्था की दिशा में छत्तीसगढ़ का बड़ा कदम; आधार-बायोमेट्रिक से पहचान, स्क्रीन पर दिखेगी मात्रा और मशीन खुद तौलेगी अनाज


बिलासपुर |
अब राशन लेने के लिए सिर्फ दुकान और वितरण व्यवस्था पर निर्भर रहने के बजाय तकनीक सीधे हितग्राही के सामने होगी। बिलासपुर के सरकंडा में ‘अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम’ की शुरुआत की गई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने इसका शुभारंभ किया। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े।
संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के सहयोग से राज्य शासन के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने यह व्यवस्था शुरू की है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और हितग्राही-केंद्रित बनाना है।
यह मशीन राशन वितरण की प्रक्रिया को तकनीक से जोड़ती है। हितग्राही की पहचान आधार आधारित बायोमेट्रिक यानी फिंगरप्रिंट से होगी। इसके बाद मशीन की स्क्रीन पर उपलब्ध राशन और उसकी मात्रा दिखाई देगी। पुष्टि के बाद थैला मशीन के नीचे रखना होगा और डिस्पेंस बटन दबाते ही निर्धारित मात्रा का खाद्यान्न स्वतः निकलकर थैले में भर जाएगा।
अंगूठे की पहचान से शुरू होगी पूरी प्रक्रिया
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की खासियत इसकी सरल प्रक्रिया है। हितग्राही मशीन के सामने निर्धारित स्थान पर खड़ा होकर फिंगरप्रिंट के जरिए आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करेगा।
पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्क्रीन पर उपलब्ध राशन और उसकी मात्रा प्रदर्शित होगी। हितग्राही इसकी पुष्टि करेगा।
इसके बाद खाली बैग या थैला डिस्पेंसर के नीचे रखना होगा। डिस्पेंस बटन दबाते ही मशीन कुछ ही सेकंड में निर्धारित मात्रा का खाद्यान्न थैले में भर देगी।
राशन मिलने के बाद स्क्रीन पर प्रदर्शित संदेश की पुष्टि के साथ प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
तौल से लेकर वितरण तक मशीन के भरोसे
नई व्यवस्था में राशन वितरण की प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाया गया है। मशीन के जरिए सटीक मात्रा में खाद्यान्न वितरण, समय की बचत और मानवीय त्रुटियों को कम करने की दिशा में काम होगा।
इससे हितग्राही को राशन लेने की प्रक्रिया में सरलता और पारदर्शिता मिलेगी। मशीन के शुभारंभ के दौरान खाद्यान्न वितरण की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी किया गया।
मशीन को काम करते देखकर कार्यक्रम में मौजूद राशन कार्डधारी हितग्राहियों और नागरिकों में खासा उत्साह नजर आया।
सरकंडा में पहली झलक, लोगों ने खुद देखी नई व्यवस्था
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम के शुभारंभ के मौके पर बड़ी संख्या में राशन कार्डधारी हितग्राही, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक मौजूद रहे।
मशीन के जरिए राशन वितरण का प्रदर्शन देखकर लोगों ने इसकी कार्यप्रणाली और सटीक तौल व्यवस्था की सराहना की। हितग्राहियों ने इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीक आधारित बदलाव की दिशा में सकारात्मक पहल बताया।
WFP के सहयोग से शुरू हुई पहल
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की स्थापना संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के सहयोग से खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा की गई है।
इस पहल के जरिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीकी नवाचार को शामिल किया गया है। व्यवस्था का केंद्र राशन कार्डधारी हितग्राही को रखते हुए वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने पर जोर है।
उप मुख्यमंत्री बोले—तकनीक से पारदर्शिता और सेवा वितरण को मिलेगी नई दिशा
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम को आम जनता को समर्पित करते हुए इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में तकनीकी नवाचार, पारदर्शिता और सुगम सेवा वितरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
शुभारंभ कार्यक्रम में विधायक सुशांत शुक्ला, महापौर पूजा विधानी और जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी भी मौजूद रहे।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, नान जिला प्रबंधक नितिन दीवान और WFP की नताशा कुमारी पनवार सहित जनप्रतिनिधि एवं खाद्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
अन्नपूर्ति ग्रेन एटीएम की शुरुआत के साथ बिलासपुर में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के उस मॉडल की शुरुआत हुई है, जिसमें पहचान बायोमेट्रिक से, मात्रा स्क्रीन पर और राशन का वितरण मशीन से होगा।

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