



एक ही दिन रायपुर कमिश्नरेट की दो बड़ी कार्रवाई—तेलघानी नाका से 20 लाख का MDMA बरामद, कारीगर बनकर 7.80 लाख का सोना उड़ाने वाला आरोपी 7 महीने बाद राजस्थान से गिरफ्तार
रायपुर | 10 अगस्त 2026
रायपुर में अपराधियों के इंटरस्टेट नेटवर्क पर पुलिस की कार्रवाई ने एक साथ दो बड़े मामलों का खुलासा किया है। एक मामले में राजस्थान का 22 वर्षीय युवक 106.19 ग्राम MDMA की खेप लेकर रायपुर में सप्लाई करने पहुंचा था, जिसे तेलघानी नाका ओवरब्रिज के नीचे से दबोच लिया गया। बरामद MDMA और आईफोन की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई गई है। दूसरे मामले में कारीगर बनकर ज्वेलरी दुकान से 60 ग्राम कच्चा सोना चोरी कर फरार हुआ आरोपी पश्चिम बंगाल से जोधपुर पहुंचा, जहां से रायपुर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 40 ग्राम कच्चा सोना और मोबाइल फोन, करीब 4.70 लाख रुपए का मशरूका, बरामद किया गया है।
दोनों मामलों में आरोपियों के तार रायपुर से बाहर के राज्यों से जुड़े मिले हैं। पुलिस अब एक मामले में MDMA के सप्लायर, खरीदार और पूरे सप्लाई नेटवर्क तथा दूसरे मामले में चोरी के बचे सोने और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका खंगाल रही है।
पहला केस: 20 लाख की MDMA खेप लेकर रायपुर पहुंचा राजस्थान का युवक
रायपुर कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और थाना गंज पुलिस की संयुक्त टीम ने 9 अगस्त को कार्रवाई की।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गंज थाना क्षेत्र के तेलघानी नाका ओवरब्रिज के नीचे बिजली ऑफिस के पास एक युवक MDMA लेकर बिक्री के लिए खड़ा है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त मध्य क्षेत्र तारकेश्वर पटेल की मॉनिटरिंग में टीम ने मौके पर निगरानी शुरू की। मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर संदिग्ध युवक की पहचान कर घेराबंदी की गई और उसे पकड़ लिया गया।
पूछताछ में उसकी पहचान रामनिवास माचरा, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम केरला नाडा बिकमकोर, थाना मतोडा, जिला फलोदी, राजस्थान के रूप में हुई।
बैग खुला तो निकली 106.19 ग्राम MDMA
पुलिस ने आरोपी के पास मौजूद बैग की तलाशी ली। इसमें 106.19 ग्राम MDMA बरामद हुई।
पुलिस के अनुसार आरोपी से मादक पदार्थ रखने और परिवहन करने से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका और पुलिस टीम को गुमराह करने का प्रयास करने लगा।
इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर 106.19 ग्राम MDMA और एक आईफोन जब्त किया गया। जब्त मशरूके की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई गई है।
आरोपी के खिलाफ थाना गंज में अपराध क्रमांक 243/26, धारा 22(ग) नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
‘साथियों के कहने पर’ रायपुर लाया था MDMA की खेप
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर MDMA की बिक्री करता है और उन्हीं के कहने पर MDMA की खेप लेकर रायपुर में सप्लाई करने आया था।
अब पुलिस आरोपी से MDMA कहां से मिली, सप्लायर कौन है, रायपुर में माल किसे देना था, उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हैं और पूरा सप्लाई नेटवर्क कैसे काम करता है, इन बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है।
आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर नशे के अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
दूसरा केस: कारीगर बना, 60 ग्राम सोना लेकर गायब हो गया
दूसरी कार्रवाई संपत्ति संबंधी अपराध में हुई। गोलबाजार थाना क्षेत्र के नयापारा शंकर चौक निवासी नंदकिशोर सोनी की एलजी डाई कटिंग की दुकान है, जहां सोने के आभूषण बनाने के लिए कारीगर राजू को काम पर रखा गया था।
प्रार्थी के अनुसार 11 जनवरी 2026 को उसने राजू को 60 ग्राम कच्चा सोना यानी 6 तोला, जिसकी कीमत करीब 7.80 लाख रुपए थी, आभूषण बनाने के लिए दिया था।
राजू ने सोना दुकान की कारीगर आलमारी में रखा था। इसके बाद वह अचानक काम पर आना बंद हो गया। उसके निवास पर भी पता नहीं चला।
जब 15 जनवरी 2026 को आलमारी चेक की गई तो 60 ग्राम सोना गायब था।
जांच में सामने आया कि आरोपी राजू सोना चोरी कर फरार हो गया था। शिकायत पर थाना गोलबाजार में अपराध क्रमांक 16/26, धारा 306 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
रायपुर से फरार होकर राजस्थान पहुंचा आरोपी
लंबित संपत्ति संबंधी मामलों की समीक्षा के दौरान पुलिस उपायुक्त क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त मध्य क्षेत्र तारकेश्वर पटेल ने ऐसे मामलों को प्राथमिकता से निकालने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना गोलबाजार पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले की दोबारा पड़ताल शुरू की।
प्रार्थी से घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ के बाद आरोपी से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले। आरोपी घटना के बाद लगातार अपना ठिकाना बदलकर फरार था। पुलिस ने उसके संबंध में उपलब्ध दस्तावेजों और तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण शुरू किया।
तकनीकी विश्लेषण के दौरान आरोपी की लोकेशन राजस्थान के जोधपुर में मिली। जानकारी की पुष्टि के बाद पुलिस टीम राजस्थान रवाना हुई।
जोधपुर में निगरानी, फिर गिरफ्तारी
रायपुर पुलिस की टीम ने जोधपुर पहुंचकर स्थानीय स्तर पर आरोपी की तलाश शुरू की। उसके संभावित ठिकानों पर निगरानी रखी गई।
तकनीकी सहायता और लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी को चिन्हित कर पकड़ लिया। पूछताछ में उसने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजू डोलाई, पिता प्रहलाद चंद्रा डोलाई, उम्र 35 वर्ष, निवासी जायरम चाक, पूरबा मेदिनीपुर, थाना पासकूड़ा, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई।
40 ग्राम सोना बरामद, 20 ग्राम अभी बाकी
पुलिस ने आरोपी राजू डोलाई के कब्जे से 40 ग्राम कच्चा सोना और घटना से संबंधित एक मोबाइल फोन बरामद किया है। जब्त मशरूके की कुल कीमत करीब 4.70 लाख रुपए है।
पुलिस अब चोरी किए गए शेष सोने, घटना में शामिल अन्य लोगों और चोरी के माल से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।
NDPS मामलों में 163 आरोपी गिरफ्तार, 5.47 करोड़ का माल जब्त
रायपुर कमिश्नरेट की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, NDPS एक्ट के 73 मामलों में कुल 163 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इन मामलों में कुल 5 करोड़ 47 लाख 4 हजार 290 रुपए कीमत का माल जब्त किया गया है।
जब्ती में 588.97 किलोग्राम गांजा, 2.5 ग्राम ओसियन ग्रो गांजा, 27,875 प्रतिबंधित नशीली टैबलेट, 173 ग्राम MDMA, 8 पार्टी पिल्स, 4.55 ग्राम कोकीन, 251 सिरप की शीशियां, 0.547 ग्राम डोडा, 20.740 ग्राम हेरोइन (चिट्टा), 0.80 ग्राम ब्राउन शुगर और 71 ग्राम अफीम शामिल हैं।
इसके अलावा 13,55,830 रुपए नकद, 8 चारपहिया वाहन, 11 दोपहिया वाहन और 81 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। इन मामलों में एक कट्टा और दो चाकू भी जब्त किए गए हैं।
दो कार्रवाई, दो राज्य, एक पैटर्न—रायपुर में बाहर से पहुंच रहे अपराधियों पर नजर
रायपुर कमिश्नरेट की इन दोनों कार्रवाइयों में आरोपियों की कड़ियां दूसरे राज्यों से जुड़ी मिलीं। MDMA मामले में आरोपी राजस्थान का निवासी है और नशे की खेप लेकर रायपुर पहुंचा था, जबकि सोना चोरी मामले का आरोपी पश्चिम बंगाल का रहने वाला है और वारदात के बाद राजस्थान के जोधपुर में ठिकाना बदलकर रह रहा था।
एक मामले में पुलिस नशे की खेप के स्रोत से लेकर सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने की जांच कर रही है, जबकि दूसरे मामले में चोरी के शेष सोने और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका खंगाली जा रही है। दोनों मामलों में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई जारी है।



