



सरकार पर घोषणा पत्र के वादे पूरे नहीं करने का आरोप, डीए, एरियर, संविदा कर्मियों, दैनिक वेतनभोगियों और शिक्षाकर्मियों समेत कई मांगों पर आंदोलन का ऐलान
रायपुर, 2 अगस्त। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार को कर्मचारी हितों से जुड़े लंबित मुद्दों पर 30 सितंबर 2026 तक निर्णय लेने का अल्टीमेटम दिया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा तक मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन, रैली निकालकर मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
यह निर्णय रविवार को रायपुर के कलेक्टोरेट परिसर स्थित टाउन हॉल में आयोजित संघ की विशेष साधारण सभा की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। बैठक की जानकारी देते हुए प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा और महामंत्री संतोष वर्मा ने बताया कि नियमावली में संशोधन के बाद विशेष साधारण सभा आयोजित की गई, जिसमें नई प्रबंध कार्यकारिणी का गठन भी किया गया।
45 पदों पर नई प्रांतीय कार्यकारिणी का गठन
बैठक में नियमावली के अनुसार सर्वसम्मति से कुल 45 पदों पर मनोनयन किया गया। इनमें 1 प्रांतीय अध्यक्ष, 1 वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष, 10 प्रांतीय उपाध्यक्ष, 1 वरिष्ठ महामंत्री, 5 प्रदेश महामंत्री, 1 प्रांतीय कोषाध्यक्ष, 5 प्रदेश प्रवक्ता, 10 प्रांतीय सचिव तथा 11 कार्यकारिणी सदस्य शामिल हैं।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
संघ ने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए कर्मचारियों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की थीं। इनमें प्रमुख रूप से—
केंद्र सरकार के समान महंगाई भत्ता (डीए) देने का वादा।
लंबित महंगाई भत्ता एरियर की राशि कर्मचारियों के खातों में जमा कराने का आश्वासन।
अनियमित, संविदा एवं दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए 100 दिनों के भीतर समिति बनाकर कर्मचारी हित में निर्णय लेने का वादा।
शिक्षाकर्मियों की प्रथम नियुक्ति से सेवा अवधि की गणना सहित अन्य कर्मचारी हितैषी घोषणाएं।
संघ का कहना है कि सरकार बनने के लगभग दो वर्ष बाद भी इन घोषणाओं को लागू नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी और आक्रोश है।
30 सितंबर तक का अल्टीमेटम
प्रबंध कार्यकारिणी ने निर्णय लिया कि यदि 30 सितंबर 2026 तक सरकार इन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है, तो प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालयों में एक साथ एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन और रैली आयोजित की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार का ध्यान कर्मचारियों की मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा।
इनके नेतृत्व में हुई बैठक
विशेष साधारण सभा की बैठक का संचालन जिला अध्यक्ष किशोर शर्मा (बिलासपुर) तथा रायपुर अध्यक्ष रामचंद्र टांडी ने किया।
बैठक में बड़ी संख्या में कर्मचारी हुए शामिल
बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा, प्रदेश समन्वयक जी.आर. चंद्रा, संतोष पांडेय, बाबा चौहान, डी.के. मिश्रा, आलोक जाधव, विजय लहरे, आनंद यादव, संतोष वर्मा, हिमाचल साहू, टार्जन गुप्ता, उमेश मुदलियार, रामकुमार यादव, किशोर शर्मा, रामचंद्र टांडी, संजय चौहान, राधेलाल भारद्वाज, भानुप्रताप यादव, पीताम्बर पटेल, पूनम बघेल, मतीना बंजारे, आरती राय, सीमा वर्मा, गजेन्द्र साहू, आईटीआई के प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष (आईटीआई) विनोद साहू, संभागीय अध्यक्ष ओम त्रिपाठी, दुर्गेश साहू, प्रेम सोनी, जाहिद सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु
30 सितंबर तक मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन।
सभी संभागीय मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन और रैली।
मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
महंगाई भत्ता, एरियर, संविदा, दैनिक वेतनभोगी और शिक्षाकर्मियों के मुद्दे प्रमुख।
विशेष साधारण सभा में 45 सदस्यीय नई प्रांतीय कार्यकारिणी का गठन।



