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राजधानी से न्यायधानी तक ‘डबल नशे’ का जाल… शराब की रिकॉर्ड बिक्री के बीच सूखे नशे का विस्फोट, हर गिरफ्तारी के बाद खुल रहा नया नेटवर्क

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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रायपुर-बिलासपुर में लगातार एनडीपीएस कार्रवाई… टेबलेट, गांजा, पैडलर, सप्लायर और फाइनेंशियल नेटवर्क तक पहुंच रही जांच, दूसरे राज्यों से सप्लाई की भी पड़ताल

मोहम्मद इसराइल


बिलासपुर/रायपुर।
छत्तीसगढ़ में इन दिनों नशे की तस्वीर दो हिस्सों में दिखाई दे रही है। एक तरफ सरकारी शराब दुकानों से रिकॉर्ड स्तर पर शराब की बिक्री हो रही है। कई जिलों में हालात ऐसे हैं कि लोकप्रिय ब्रांड की शराब अक्सर उपलब्ध नहीं हो पाती, जबकि देसी शराब की बिक्री भी लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर प्रतिबंधित नशीली टेबलेट, गांजा और अन्य मादक पदार्थों का अवैध कारोबार भी तेजी से फैलता दिखाई दे रहा है। हाल के दिनों में रायपुर और बिलासपुर में हुई लगातार पुलिस कार्रवाई ने इस समानांतर चल रहे “सूखे नशे” के नेटवर्क की कई परतें खोल दी हैं।


राजधानी रायपुर से लेकर न्यायधानी बिलासपुर तक पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई बता रही है कि नशे का कारोबार अब केवल किसी एक मोहल्ले या एक जिले तक सीमित नहीं है। नदी किनारे, सुनसान घाट, कॉलोनियां, मंदिरों के आसपास के इलाके, खाली मैदान और सार्वजनिक स्थान तक इस अवैध कारोबार की गिरफ्त में आते दिख रहे हैं। प्रतिबंधित टेबलेट, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों की छोटी-छोटी खेप शहरों में पहुंचाकर पैडलरों के जरिए बिक्री की जा रही है।
सबसे बड़ा बदलाव पुलिस की जांच के तरीके में दिखाई दे रहा है। अब कार्रवाई केवल बरामदगी और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। हर केस में यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि माल कहां से आया, किसने भेजा, किसने पहुंचाया, किसने बेचा और इस कारोबार से होने वाली रकम आखिर किसके पास पहुंच रही है। एंड-टू-एंड विवेचना और फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के जरिए पूरे नेटवर्क की आर्थिक और आपराधिक कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
केस हिस्ट्री : एक गिरफ्तारी… फिर दूसरी… और खुलता गया पूरा नेटवर्क
केस-1 : ज्वाली नाला से खुला पहला सिरा
बिलासपुर के सिटी कोतवाली क्षेत्र में ज्वाली नाला के पास पुलिस ने निकेश कौशिक उर्फ वासू को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 55 Nitrazepam टेबलेट, बिक्री की नकदी और पल्सर मोटरसाइकिल जब्त हुई। यह कार्रवाई केवल एक आरोपी तक सीमित नहीं रही। पुलिस ने उसी समय आर्थिक लेन-देन और सप्लाई नेटवर्क की जांच भी शुरू कर दी।
केस-2 : पचरी घाट बना नशे का नया ठिकाना
कुछ ही दिनों बाद अरपा नदी के पचरी घाट से लक्की उर्फ लकेश्वर यादव 49 Nitrazepam टेबलेट के साथ गिरफ्तार हुआ। लगातार दूसरी कार्रवाई ने यह संकेत दिया कि नदी किनारे के इलाके नशे के कारोबारियों के लिए सक्रिय प्वाइंट बन रहे हैं, जहां ग्राहक बुलाकर सौदे किए जा रहे थे।
केस-3 : एक ही आरोपी के पास टेबलेट भी, गांजा भी
27 जुलाई को फिर पचरी घाट में पुलिस ने देवेन्द्र इंगले को गिरफ्तार किया। उसके पास से 139 प्रतिबंधित नशीली टेबलेट, 800 ग्राम गांजा, ₹1000 की बिक्री रकम और स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने केवल आरोपी नहीं, बल्कि पूरे सप्लाई नेटवर्क और आर्थिक ट्रेल की जांच शुरू की।
केस-4 : रायपुर में 50 किलो गांजा और छह आरोपियों तक पहुंची जांच
राजधानी रायपुर में 50 किलो गांजा पकड़े जाने के बाद पुलिस केवल मुख्य आरोपियों तक नहीं रुकी। पूछताछ में वाहन उपलब्ध कराने वाले, सप्लायर और कमीशन एजेंटों के नाम सामने आए। जांच आगे बढ़ी और कुल छह आरोपी गिरफ्तार किए गए। इससे स्पष्ट हुआ कि तस्करी कई स्तरों पर संचालित हो रही थी।
केस-5 : 444 प्रतिबंधित टेबलेट, स्कूटी और आईफोन बरामद
डी.डी. नगर क्षेत्र में पुलिस ने दो आरोपियों को 444 नाईट्रोसन-10 टेबलेट, बिक्री की रकम, स्कूटी, आईफोन और मोबाइल फोन के साथ पकड़ा। इस मामले ने यह संकेत दिया कि नशीली दवाइयों का कारोबार अब तकनीक और आधुनिक संचार माध्यमों के सहारे भी संचालित हो रहा है।
केस-6 : ओडिशा लिंक की जांच
खम्हारडीह में 459 प्रतिबंधित टेबलेट के साथ दो आरोपी पकड़े गए। पूछताछ में टेबलेट बस के जरिए ओडिशा से लाए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने अंतरराज्यीय सप्लाई रूट की जांच तेज कर दी।
केस-7 : 10 किलो से ज्यादा गांजा के साथ पुराना आरोपी गिरफ्तार
गुढ़ियारी पुलिस ने 10 किलो 345 ग्राम गांजा के साथ ऐसे आरोपी को पकड़ा, जिसके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस, आबकारी और जुआ एक्ट के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस उसके पुराने नेटवर्क और वर्तमान सप्लायरों की जांच में जुटी है।
केस-8 : नवापारा में मोहल्ला स्तर का नेटवर्क
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने नवापारा में तीन आरोपियों को 550 ग्राम गांजा, बिक्री की नकदी और मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर स्थानीय स्तर पर बिक्री की जा रही थी।
केस-9 : एक्टिवा पर चल रही थी गांजा सप्लाई
डी.डी. नगर क्षेत्र में तीन युवक एक्टिवा से गांजा लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। वाहन और गांजा जब्त कर सप्लाई चेन की जांच शुरू की गई।
केस-10 : अब पूरा नेटवर्क रडार पर
बिलासपुर और रायपुर पुलिस अब लगभग हर एनडीपीएस मामले में एक जैसी रणनीति अपना रही है। बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन, मोबाइल कॉल डिटेल, आर्थिक लेन-देन, वाहन, सप्लायर, पैडलर और खरीदार तक की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है ताकि केवल एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।
छत्तीसगढ़ में किन नशीले पदार्थों की सबसे ज्यादा बरामदगी
Nitrazepam Tablets
Nitrosun Tablets
Nitroson-10 Tablets
गांजा
प्रिस्क्रिप्शन आधारित प्रतिबंधित नशीली दवाइयां
कैसे काम करता है सूखे नशे का नेटवर्क
दूसरे राज्यों से सप्लाई
स्थानीय सप्लायर तक खेप पहुंचना
पैडलरों में छोटी मात्रा में वितरण
दोपहिया और चारपहिया वाहनों से डिलीवरी
नदी किनारे, सुनसान स्थान, कॉलोनियों और सार्वजनिक क्षेत्रों में बिक्री
नकद और अन्य माध्यमों से भुगतान
कमीशन आधारित नेटवर्क
पुलिस की जांच का फोकस
नशीले पदार्थों का मूल स्रोत
अंतरराज्यीय सप्लाई चेन
आर्थिक लेन-देन और फाइनेंशियल ट्रेल
सप्लायर, पैडलर और सहयोगियों की पहचान
परिवहन में प्रयुक्त वाहन
डिजिटल संचार और नेटवर्क
लगातार सामने आ रही कार्रवाइयों से यह तस्वीर उभरकर सामने आई है कि छत्तीसगढ़ में एक ओर वैध शराब की बिक्री बड़े पैमाने पर जारी है, वहीं दूसरी ओर प्रतिबंधित नशीली टेबलेट और गांजा जैसे “सूखे नशे” का अवैध कारोबार भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। रायपुर और बिलासपुर में हाल के मामलों में पुलिस केवल नशीला पदार्थ जब्त करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि सप्लाई चेन, आर्थिक नेटवर्क और पूरे गिरोह की संरचना को खंगालने की दिशा में जांच आगे बढ़ा रही है। इससे नशे के इस संगठित अवैध कारोबार की कई नई परतें लगातार सामने आ रही हैं।

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