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पहले बनी ‘युवक’, फिर दोस्ती… अश्लील वीडियो से 10 लाख की ब्लैकमेलिंग! रकम नहीं मिली तो परिवार को भेजा वीडियो, बिलासपुर में सनसनी

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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पहचान छिपाकर रची साजिश का आरोप, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी; परिजनों के व्हाट्सएप पर वीडियो भेजने के बाद तारबाहर थाने में केस दर्ज
बिलासपुर। बिलासपुर के तारबाहर थाना क्षेत्र में साइबर ब्लैकमेलिंग और डिजिटल शोषण का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवती ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर खुद को युवक बताकर दूसरी युवती से दोस्ती की। बातचीत का भरोसा बढ़ने के बाद उसने कथित तौर पर पीड़िता का अश्लील वीडियो हासिल कर लिया और उसी वीडियो को हथियार बनाकर 10 लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। जब रकम नहीं मिली तो कथित अश्लील वीडियो पीड़िता के परिजनों के व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया गया। मामले के सामने आने के बाद तारबाहर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, तारबाहर थाना क्षेत्र निवासी एक युवक ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी रिश्ते की बहन के साथ यह पूरा घटनाक्रम हुआ। शिकायत में बताया गया कि आरोपी युवती ने अपनी असली पहचान छिपाई और खुद को युवक बताकर पीड़िता से संपर्क किया। धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और इसी दौरान आरोपी ने कथित रूप से पीड़िता का अश्लील वीडियो अपने कब्जे में ले लिया।
शिकायत के मुताबिक, वीडियो मिलने के बाद आरोपी ने उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर 10 लाख रुपए की मांग की। लगातार ब्लैकमेलिंग के बावजूद जब पैसे नहीं मिले तो 7 फरवरी 2025 को कथित अश्लील वीडियो पीड़िता के एक परिजन के व्हाट्सएप नंबर पर भेज दिया गया।
परिजनों ने वीडियो देखते ही उसे तत्काल डिलीट कर दिया। हालांकि, मामले से जुड़े स्क्रीनशॉट सुरक्षित रख लिए गए और उन्हें पुलिस को साक्ष्य के रूप में सौंपा गया। इसके बाद पूरा मामला पुलिस तक पहुंचा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तारबाहर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67ए तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(3) और 79 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, सोशल मीडिया गतिविधियों और डिजिटल कम्युनिकेशन की पड़ताल की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि ब्लैकमेलिंग की इस कथित वारदात में केवल एक व्यक्ति शामिल था या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क भी सक्रिय था।

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