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भगवान श्रीराम के सम्मान में बिलासपुर उमड़ा, हाथों में नारियल, जयघोष से गूंजीं सड़कें, हजारों श्रद्धालु बने ‘श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा’ का हिस्सा

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर, 26 जुलाई। अयोध्या श्रीराम मंदिर में हुई चोरी की घटना के विरोध और भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए रविवार को बिलासपुर में आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ा। बेलतरा विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी के नेतृत्व में निकली “श्रीराम श्रद्धा आस्था यात्रा” के दूसरे दिन शहर और आसपास के गांवों से हजारों श्रद्धालु स्वतःस्फूर्त रूप से शामिल हुए। हाथों में श्रद्धा का नारियल, भगवा ध्वज और “जय श्रीराम” के जयघोष के बीच कई किलोमीटर लंबी पदयात्रा ने पूरे शहर को राममय बना दिया।
यात्रा में महिलाएं, बच्चे, युवा और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए। यात्रा जिस-जिस मोहल्ले, वार्ड और गांव से गुजरी, वहां लोगों ने घरों से निकलकर भगवान श्रीराम की आरती उतारी, पुष्पवर्षा की और श्रद्धा के नारियल समर्पित किए। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने यात्रा का भव्य स्वागत किया।
भावुक तस्वीरें: बच्चों के हाथों नारियल, बुजुर्गों की नम आंखें
यात्रा के दौरान कई भावुक दृश्य भी देखने को मिले। माताएं अपने बच्चों के हाथों से श्रद्धा का नारियल समर्पित कराती नजर आईं, वहीं बुजुर्ग श्रद्धालु नम आंखों से “जय श्रीराम” का उद्घोष करते रहे। श्रद्धालुओं का कहना था कि अयोध्या श्रीराम मंदिर में हुई चोरी केवल चोरी नहीं, बल्कि करोड़ों रामभक्तों की आस्था पर चोट है। इसी पीड़ा को श्रद्धा और समर्पण में बदलने के लिए वे यात्रा से जुड़े हैं।
महामाया मंदिर से शुरुआत, हर मंदिर में चढ़ाया श्रद्धा का नारियल
रविवार को यात्रा की शुरुआत महामाया मंदिर, बिजौर में पूजा-अर्चना और संकल्प के साथ हुई। विजय केशरवानी ने यात्रा मार्ग में आने वाले प्रत्येक मंदिर में भगवान के श्रीचरणों में पुष्प अर्पित किए और श्रद्धा का नारियल चढ़ाया। यात्रा के साथ चल रहे सुसज्जित रथ पर विराजमान भगवान श्रीराम, माता जानकी और पवनपुत्र हनुमान के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
राम भजन और जयघोष से गूंजता रहा पूरा मार्ग
पूरी यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, संकीर्तन और “जय श्रीराम”, “जय सियाराम” तथा “जय बजरंगबली” के गगनभेदी जयघोष लगातार गूंजते रहे। भजन मंडलियों की प्रस्तुतियों ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया।
आयोजकों ने बताया कि यात्रा में समर्पित प्रत्येक श्रद्धा का नारियल अयोध्या धाम ले जाकर भगवान श्रीरामलला के श्रीचरणों में अर्पित किया जाएगा। यह जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोगों ने श्रद्धा का नारियल समर्पित किया।
इन मार्गों से निकली यात्रा
महामाया मंदिर (बिजौर) से प्रारंभ होकर यात्रा बहतराई स्टेडियम, बहतराई बस्ती, नवधा रामायण चौक, अटल चौक, भक्त माता कर्मा चौक, सरकण्डा थाना, साइंस कॉलेज, बैमा-नगोई रोड, देवनंदन नगर, रामा ग्रीन सिटी, ड्रीम सिटी, खमतराई बस्ती, मुरूम खदान होते हुए अशोक नगर स्थित बगदाई मंदिर पहुंची। यहां भगवान श्रीराम की भव्य आरती, भजन और सामूहिक प्रार्थना के साथ दूसरे दिन की यात्रा का समापन हुआ।
विजय केशरवानी बोले- यह पीड़ा को श्रद्धा में बदलने का संकल्प
पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी ने कहा कि भगवान श्रीराम भारत की संस्कृति, मर्यादा और करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। माता कौशल्या की जन्मभूमि छत्तीसगढ़ होने के कारण यहां के लोग भगवान श्रीराम को अपना भांचा मानते हैं। अयोध्या श्रीराम मंदिर में हुई चोरी की घटना ने हर रामभक्त के हृदय को आहत किया है। यह यात्रा उसी वेदना को श्रद्धा, सम्मान और समर्पण में बदलने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के ननिहाल से समर्पित प्रत्येक श्रद्धा का नारियल अयोध्या धाम पहुंचाकर भगवान श्रीरामलला के श्रीचरणों में अर्पित किया जाएगा।
यात्रा में ये रहे शामिल
यात्रा में विधायक दिलीप लहरिया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, विजय पांडेय, विनोद साहू, महेश दुबे, संतोष गर्ग, हितेश देवांगन, पार्षद मनोज सोनकर, अर्चना सूर्यवंशी, हर्मेन्द्र शुक्ला, अजय यादव, रणजीत सिंह, पवन चंद्राकर, मनीष सेंगर, पुष्पेन्द्र साहू, बलचंद साहू, सुरेन्द्र तिवारी, विक्की यादव, चोटकू साहू, डॉ. संजय साहू, इंद्र कुमार साहू, मनोज छोटू यादव, दिलीप कौशिक, जय कुमार यादव, बिल्लू मिश्रा, पुष्पेन्द्र मिश्रा सहित सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी और हजारों रामभक्त मौजूद रहे।
कोनी से निकलेगी यात्रा, बैमा में होगा प्रथम चरण का समापन
तृतीय दिवस – सोमवार, 27 जुलाई
समय: दोपहर 12:00 बजे
प्रारंभ स्थल: कोनी
यात्रा मार्ग
कोनी → गुरु घासीदास विश्वविद्यालय → आईटीआई → इंजीनियरिंग कॉलेज → पं. सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय → बुढ़ादेव मंदिर (बिरकोना) → अटल चौक → श्रीराम चौरा (प्राथमिक स्कूल) → मां मावली देवी मंदिर (बिरकोना) → महामाया मंदिर (नगोई) → नगोई बस्ती → ग्राम बैमा स्थित वैष्णो देवी मंदिर।
यात्रा के प्रथम चरण का समापन ग्राम बैमा स्थित वैष्णो देवी मंदिर में भंडारे के साथ होगा।

‘श्रद्धा का एक नारियल… भांचा श्रीराम के श्रीचरणों में’
आयोजकों ने सभी रामभक्तों से अपील की है कि वे परिवार सहित यात्रा में शामिल होकर श्रद्धा का एक नारियल भगवान श्रीराम को समर्पित करें। यात्रा में प्राप्त सभी नारियल अयोध्या धाम ले जाकर भगवान श्रीरामलला के श्रीचरणों में अर्पित किए जाएंगे।

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