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दिल्ली में पत्रकारों पर हमले के खिलाफ छत्तीसगढ़ के प्रेस क्लब एकजुट,जंतर-मंतर घटना की कड़ी निंदा, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर ,कोरबा।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर में कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ हुई हिंसा के विरोध में छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रेस क्लब एकजुट हो गए हैं। कोरबा प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान आयोजित बैठक में रायपुर, बिलासपुर और कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्षों ने पत्रकारों पर हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की मांग की। बाद में भिलाई, दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर और जगदलपुर प्रेस क्लबों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया।
बैठक में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने पत्रकारों पर हो रहे हमलों के विरोध में निंदा प्रस्ताव रखा, जिसका बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा और कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष नौशाद खान ने समर्थन किया। बैठक में मौजूद वरिष्ठ पत्रकारों और प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ हुई हिंसा को गंभीर और चिंताजनक बताते हुए सर्वसम्मति से इसकी निंदा का प्रस्ताव पारित करने पर सहमति जताई।
‘पत्रकारों के साथ मारपीट लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला’
बैठक में वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि जंतर-मंतर में कवरेज के दौरान वरिष्ठ पत्रकार रोहित रंजन, देव कोटक, शेफाली, आर्यन आनंद, लोकेश ठाकुर सहित अन्य मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट, मोबाइल और घड़ी छीनने, कपड़े फाड़ने तथा पत्रकारिता के उपकरणों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं केवल पत्रकारों पर हमला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा आघात हैं।
बैठक में इस बात पर भी चिंता जताई गई कि देशभर में पत्रकारों के साथ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका समाज तक सत्य पहुंचाने की होती है और अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे पत्रकारों पर हमला किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता।
‘चौथे स्तंभ को कमजोर करने की कोशिश’
रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि पत्रकारों पर हमला किसी व्यक्ति विशेष पर नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी पत्रकारों को डराने या सच की आवाज दबाने का प्रयास न कर सके।
प्रदेशभर के प्रेस क्लबों ने दिया समर्थन
बैठक में पारित निंदा प्रस्ताव की जानकारी भिलाई प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल गुप्ता, राजनांदगांव प्रेस क्लब के अध्यक्ष सचिन अग्रहरि, दुर्ग प्रेस क्लब के अध्यक्ष संतोष मिश्रा, जगदलपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनोज गर्ग तथा कांकेर प्रेस क्लब के अध्यक्ष योगेश सिन्हा को भी दी गई। सभी ने प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
सभी प्रेस क्लबों ने अपने-अपने संगठन में भी इस संबंध में निंदा प्रस्ताव पारित करने की बात कही।
‘पत्रकारों की सुरक्षा, लोकतंत्र की सुरक्षा’
बैठक में शामिल प्रेस क्लब अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा लोकतंत्र की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। पत्रकारों के साथ हिंसा, धमकी और भय का माहौल किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख प्रेस क्लब पीड़ित पत्रकारों के साथ मजबूती से खड़े हैं और केंद्र सरकार तथा दिल्ली प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं कठोर कार्रवाई की मांग करते हैं।
वरिष्ठ पत्रकार और पदाधिकारी रहे मौजूद
कोरबा में आयोजित बैठक में कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष नौशाद खान, रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा, वरिष्ठ पत्रकार सैयद जफर बिलासपुर, रायपुर प्रेस क्लब के कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव भूपेश जांगड़े, कोरबा प्रेस क्लब के संरक्षक कमलेश यादव, वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार शाह, राकेश श्रीवास्तव, रमेश राठौड़, दिनेश राज, कृष्णा राठौर, ई. जयंत, सादिक शेख, आकाश शर्मा, बिलासपुर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र गहवाई, निर्मल माणिक, उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, सचिव संदीप करिहार, कोषाध्यक्ष किशोर कुमार सिंह, सह सचिव हरिकृष्ण गंगवानी और कैलाश यादव सहित बड़ी संख्या में पत्रकार एवं प्रेस क्लब पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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