Latest news

नन्हें फरिश्ते’ ने 211 बच्चों को परिवार से मिलाया, ‘ऑपरेशन अमानत’ से ₹1.58 करोड़ का सामान लौटाया: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे आरपीएफ की मानवीय पहल

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
4 Min Read


बिलासपुर | विशेष संवाददाता
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) केवल रेल यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में भी लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के आरपीएफ ने वर्ष 2026 में दो विशेष अभियानों—‘ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते’ और ‘ऑपरेशन अमानत’—के माध्यम से सैकड़ों परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई है।
1 जनवरी से 21 जुलाई 2026 के बीच आरपीएफ ने घर से भटके या परिजनों से बिछड़े 211 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर उनके परिवारों या बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया। वहीं, यात्रियों का ₹1.58 करोड़ से अधिक मूल्य का खोया सामान खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपा।
211 बच्चे सुरक्षित परिवारों तक पहुंचे
ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते‘ के तहत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के विभिन्न रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों से 211 बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इनमें 139 बालक और 72 बालिकाएं शामिल हैं।
आरपीएफ ने सभी बच्चों को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिजनों, संबंधित बाल कल्याण समिति (CWC) अथवा अधिकृत गैर-सरकारी संस्थाओं के सुपुर्द किया।
654 यात्रियों को वापस मिली उनकी अमानत
ऑपरेशन अमानत‘ के तहत आरपीएफ ने 654 खोए हुए कीमती सामान बरामद कर यात्रियों को लौटाए। इनमें बैग, मोबाइल फोन, लैपटॉप, पर्स और अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल थीं।
बरामद सामान का कुल अनुमानित मूल्य ₹1,58,01,814 बताया गया है। आरपीएफ का कहना है कि इस अभियान ने यात्रियों का रेलवे सुरक्षा बल की ईमानदारी, तत्परता और सेवा भावना पर भरोसा और मजबूत किया है।
महिला सुरक्षा से लेकर अपराध नियंत्रण तक लगातार निगरानी
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का आरपीएफ “सुरक्षा, सेवा और संवेदनशीलता” के सिद्धांत पर कार्य करते हुए यात्रियों को चौबीसों घंटे सहायता उपलब्ध करा रहा है।
महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में महिला आरपीएफ कर्मियों की तैनाती की गई है। वहीं सुरक्षा हेल्पलाइन और महिला हेल्पलाइन के माध्यम से भी तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
रात की ट्रेनों में विशेष एस्कॉर्टिंग, डिकॉय टीम भी सक्रिय
रेल यात्रियों की सुरक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए आरपीएफ द्वारा रात्रिकालीन और संवेदनशील ट्रेनों में नियमित एस्कॉर्टिंग की जा रही है।
इसके साथ ही संवेदनशील रेलखंडों और ट्रेनों में डिकॉय टास्क फोर्स की तैनाती कर सामान चोरी, नशाखोरी, पॉकेटमारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।
आरपीएफ की अपील—संदिग्ध गतिविधि या बिछड़ा बच्चा दिखे तो तुरंत दें सूचना
रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है कि यदि रेलवे स्टेशन या ट्रेन में कोई बच्चा अपने परिजनों से बिछड़ा हुआ, असहाय या संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दे, अथवा किसी यात्री का सामान लावारिस अवस्था में मिले या कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो इसकी सूचना तत्काल रेलवे हेल्पलाइन 139 या निकटतम आरपीएफ कर्मी को दें।
आरपीएफ का कहना है कि यात्रियों की सतर्कता किसी बच्चे को उसके परिवार से मिलाने, किसी यात्री की अमानत सुरक्षित लौटाने और रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

खबर को शेयर करने के लिए क्लिक करे।।