


बिलासपुर। दो दिनों की लगातार बारिश के बाद शहर की सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े होने लगे हैं। मगरपारा रोड पर शनिवार को सड़क का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे करीब 150 मीटर तक सड़क में दरारें पड़ गईं और कई स्थानों पर तीन से पांच फीट गहरे गड्ढे बन गए। हादसे में एक इलेक्ट्रिक ऑटो पलट गया, जिसमें चालक घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में लंबा जाम लग गया और लोगों में दहशत का माहौल रहा।
घटना के विरोध में पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जावेद मेमन के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने धंसी सड़क के सामने बैठकर चक्का जाम किया और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन करीब तीन घंटे तक चलता रहा।
जावेद मेमन ने आरोप लगाया कि हाल ही में बनाई गई सड़क पहली ही तेज बारिश में धंस गई, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता और भ्रष्टाचार की पोल खुल गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश में “ट्रिपल इंजन” की सरकार होने के बावजूद विकास कार्यों में कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार चरम पर है। बारिश ने सड़क निर्माण में हुई कथित अनियमितताओं को उजागर कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सड़क धंसने से अंबेडकर स्कूल से आगे तक करीब 150 मीटर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे आवागमन बाधित हो गया। सड़क पर बने गहरे गड्ढे किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के कई घंटे बाद भी नगर निगम का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उनका कहना था कि यदि समय रहते मरम्मत और सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए तो आम लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
जावेद मेमन ने कहा कि शहरवासी नियमित रूप से संपत्ति कर, सफाई कर और अन्य करों का भुगतान करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सड़क, बिजली, पानी और सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने सड़क धंसने की घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस ने इस मामले को नगर निगम की कार्यशैली और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से जोड़ते हुए महापौर पूजा विधानी से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की।
धरना-प्रदर्शन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिवा मिश्रा, पार्षद प्रतिनिधि रमाशंकर बघेल, मोहम्मद अयाज खान, युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष रिजवान खान, हरीश चेलकर, रवि गेडाम, विनीत मेश्राम, राहुल रजक सहित वार्ड क्रमांक-23 के बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।



