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बारिश के बाद बीमारी का खतरा बढ़ा… बिलासपुर में हेल्थ इमरजेंसी मोड, 45 कॉम्बेट टीमें 24×7 अलर्ट पर

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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जलभराव वाले इलाकों में विशेष निगरानी, दवा का पर्याप्त स्टॉक, क्लोरीनेशन-ब्लीचिंग के निर्देश, सड़ी-गली खाद्य सामग्री पर कार्रवाई होगी, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर


बिलासपुर, 17 जुलाई। पिछले 24 घंटे की रिकॉर्डतोड़ बारिश के बाद बिलासपुर में जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति के बीच अब स्वास्थ्य विभाग ने मौसमी और संक्रामक बीमारियों के खतरे को देखते हुए पूरी मशीनरी अलर्ट पर डाल दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शुभा गरेवाल ने शुक्रवार शाम आकस्मिक समीक्षा बैठक लेकर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पड़ताल की और सभी अधिकारियों एवं मैदानी अमले को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित बैठक में सभी खंड चिकित्सा अधिकारी, शहरी स्वास्थ्य अधिकारी तथा कॉम्बेट टीमों के सदस्य शामिल हुए। सीएमएचओ ने कहा कि जिन इलाकों में जलभराव हुआ है, वहां स्वास्थ्य कर्मी लगातार निगरानी रखें और जरूरत पड़ने पर तत्काल दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं।
जिले में 45 कॉम्बेट टीमें, हर समय कार्रवाई के लिए तैयार
बैठक में बताया गया कि जिला और विकासखंड स्तर पर कुल 45 कॉम्बेट टीमें गठित की गई हैं। सभी पीएचसी प्रभारियों और टीम सदस्यों को मोबाइल फोन चालू रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया कि आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
इन इलाकों पर सबसे ज्यादा नजर
भारी बारिश से प्रभावित जोरापारा, चिंगराजपारा, चचुहियापारा, बंधवापारा, बसंत विहार, तिफरा सहित अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों को विशेष निगरानी में रखा गया है। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार हालात पर नजर रखेंगी और जरूरत के अनुसार स्वास्थ्य सेवाएं एवं दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करेंगी।
पेयजल स्रोतों में क्लोरीनेशन और ब्लीचिंग के निर्देश
सीएमएचओ ने सभी पेयजल स्रोतों में क्लोरीनेशन और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मैदानी अमले को संक्रमण रोकने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है।
बारिश के मौसम में लोगों को सड़ी-गली सब्जियां, फल, मांस और मछली का सेवन नहीं करने के लिए जागरूक किया जाएगा। यदि कहीं ऐसे खाद्य पदार्थों की बिक्री होती पाई जाती है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई कर सामग्री नष्ट कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। दुकानदारों को खाद्य सामग्री ढंककर बेचने के लिए कहा गया है।
24×7 निगरानी, तुरंत देनी होगी सूचना
मैदानी स्वास्थ्य अमले को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपात स्थिति या बीमारी के संभावित प्रकोप की सूचना तत्काल नोडल अधिकारी, आईडीएसपी अथवा संबंधित टीम को मोबाइल के माध्यम से दें। शहर के जलभराव वाले इलाकों पर विशेष निगरानी रखने और त्वरित कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
नागरिकों से स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से कहा है कि बारिश के बाद केवल साफ और सुरक्षित पानी का उपयोग करें, भोजन एवं पेयजल की स्वच्छता बनाए रखें तथा बुखार, उल्टी-दस्त या अन्य मौसमी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
आपात स्थिति में यहां करें संपर्क
जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार तिवारी – 8770664365
बिलासपुर (बीएमओ) डॉ. रक्षित जोगी – 9009727934
बिल्हा डॉ. श्रीकेश गुप्ता – 9009731426
कोटा डॉ. निखिलेश गुप्ता – 9770146540
मस्तूरी डॉ. अनिल कुमार – 9827505957
तखतपुर डॉ. उमेश साहू – 9407728300
शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. टार्ज़न आदिले – 7241133198
डिस्ट्रिक्ट एपिडेमियोलॉजिस्ट पंकज सिंह – 7587038622
भारी बारिश के दौरान बुखार, उल्टी-दस्त अथवा अन्य मौसमी बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर तत्काल स्वास्थ्य सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

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