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क्यों डूबा बिलासपुर….?, 25-30 साल में पहली बार ऐसा जलप्रलय? क्या रिकॉर्ड बारिश ने डुबोया बिलासपुर ?, अब पुराने रिकॉर्ड खंगाल रहे विशेषज्ञ

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
3 Min Read

IMD के आंकड़ों और पुराने बारिश रिकॉर्ड की पड़ताल शुरू, क्या 1994, 2001, 2013 और 2020 के बाद 2026 सबसे बड़ा जलसंकट बना?
बिलासपुर। बिलासपुर में हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की तस्वीर बदल दी है। सड़कें नदी बन गईं, कॉलोनियां जलमग्न हो गईं और सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ। अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या पिछले 25 से 30 वर्षों में एक ही रात में बिलासपुर में इतनी बारिश कभी हुई थी? इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए मौसम विभाग के रिकॉर्ड, पुराने वर्षा आंकड़े और ऐतिहासिक बाढ़ की घटनाएं खंगाली जा रही हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 15 जुलाई से मध्य भारत और विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में सक्रिय हुए कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure System) के कारण वर्षा गतिविधियां अचानक बेहद तेज हुईं। विभाग ने पहले ही भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी जारी की थी।
IMD रायपुर के वर्षा बुलेटिन के अनुसार 17 जुलाई तक बिलासपुर जिले में 276.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य मानसूनी गतिविधियों की तुलना में बेहद अधिक मानी जा रही है।
पुराने रिकॉर्ड क्या कहते हैं?
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासनिक अभिलेखों के अनुसार बिलासपुर में पहले भी कई वर्षों में भारी बारिश और जलभराव की घटनाएं हुई हैं। इनमें विशेष रूप से 1994, 2001, 2013 और 2020 के दौरान शहर के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव दर्ज किया गया था। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 की बारिश को ऐतिहासिक घोषित करने के लिए आधिकारिक रिकॉर्ड का अंतिम सत्यापन अभी बाकी है।
शहर क्यों डूबा?
विशेषज्ञों के अनुसार केवल रिकॉर्ड बारिश ही वजह नहीं है। इसके पीछे कई कारण एक साथ सामने आए हैं—
कुछ घंटों में अत्यधिक वर्षा (Cloudburst जैसी तीव्रता)
अरपा नदी और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ना
शहरी नालों की सीमित निकासी क्षमता
निचले इलाकों में तेज जलभराव
लगातार बारिश के कारण पानी की निकासी प्रभावित होना
IMD क्या कह रहा है?
मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और सक्रिय मानसूनी तंत्र के कारण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का दौर बना हुआ है। अगले कुछ दिनों तक भी कई जिलों में भारी वर्षा और गरज-चमक की संभावना बनी रह सकती है।
अब नजर आधिकारिक रिकॉर्ड पर
बिलासपुर में हुई इस बारिश को लेकर मौसम विभाग अब दैनिक, मासिक और दीर्घकालिक वर्षा रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है। यदि अंतिम आंकड़ों में यह वर्षा पिछले तीन दशकों के अधिकतम स्तर को पार करती है, तो 2026 की बारिश बिलासपुर के मौसम इतिहास में एक नए रिकॉर्ड के रूप में दर्ज हो सकती है। फिलहाल इस संबंध में मौसम विभाग ने अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

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