



बिलासपुर।सिंधी युवक समिति द्वारा आयोजित थैलेसीमिया नि:शुल्क जांच एवं रक्तदान शिविर में 300 से अधिक लोगों ने लाभ उठाया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू और अन्य प्रमुख अतिथियों ने बढ़ाई जागरूकता।
“थैलेसीमिया—a silent yet critical health concern affecting thousands across India. बिलासपुर में सिंधी युवक समिति ने समाजसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण पेश करते हुए थैलेसीमिया जांच एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया। कार्यक्रम में न केवल समाज को जागरूक किया गया, बल्कि 300 से अधिक लोगों ने इसका सीधा लाभ भी उठाया।”
हर साल 10,000-12,000 बच्चे भारत में थैलेसीमिया मेजर के साथ पैदा होते हैं।
भारत की लगभग 10% जनसंख्या थैलेसीमिया के वाहक हैं।
शादी से पहले और गर्भावस्था के दौरान जांच से इस बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।
भारत में थैलेसीमिया मेजर के रोगियों को हर 2-4 सप्ताह में रक्त चढ़ाने की जरूरत होती है।
“रक्तदान न केवल दूसरों के जीवन को बचाता है, बल्कि दाता के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।”
फायदे:
- आयरन लेवल बैलेंस: रक्तदान से आयरन का स्तर संतुलित रहता है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है।
- नई कोशिकाओं का निर्माण: रक्तदान के बाद शरीर नई रक्त कोशिकाएं बनाता है, जिससे स्वास्थ्य बेहतर होता है।
- जीवन बचाने का अवसर: एक यूनिट रक्तदान तीन लोगों की जान बचा सकता है।
- मनोवैज्ञानिक लाभ: दूसरों की मदद करने से मानसिक संतुष्टि और खुशी मिलती है।
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कार्यक्रम का समर्थन करने वाले संगठन:
- मर्चेंट एसोसिएशन व्यापार विहार
- पूज्य सिंधी बिरादरी समाज
- शाहेदा फाउंडेशन
- ख्वाब वेलफेयर फाउंडेशन
- थायरोकेयर टीम बिलासपुर
“सिंधी युवक समिति की यह पहल समाज को एकजुट करने और थैलेसीमिया मुक्त समाज की दिशा में बड़ा कदम है। यह हमें याद दिलाता है कि एक छोटी सी कोशिश कितने जीवन बदल सकती है।”



