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स्कूल बंद करने में लापरवाही  तो नपेंगे प्राचार्य… छुट्टी के बाद छात्र मिला तो होगी सीधी जवाबदेही

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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छत्तीसगढ़ में छात्र सुरक्षा पर बड़ा आदेश; हर दिन कक्षाओं, शौचालय, लैब और खेल मैदान की होगी जांच, दो शिक्षकों की मौजूदगी में होगी छात्रों की सुरक्षित निकासी
रायपुर, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूलों में छात्र सुरक्षा को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय ने सख्त रुख अपनाया है। स्कूल परिसर में हो रही दुर्घटनाओं और छुट्टी के बाद भी बच्चों के स्कूल में रह जाने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के लिए नया सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया गया है। अब स्कूल बंद करने से पहले हर कक्षा, शौचालय, प्रयोगशाला और खेल मैदान की अनिवार्य जांच होगी। यदि स्कूल बंद होने के बाद परिसर में कोई छात्र मिला या सुरक्षा में लापरवाही सामने आई तो इसकी सीधी जिम्मेदारी संस्था प्रमुख यानी प्राचार्य और हेडमास्टर की मानी जाएगी।
लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ ने 15 जुलाई 2026 को जारी आदेश में प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि विद्यालय संचालन और छुट्टी के समय छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जारी निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
आदेश में कहा गया है कि लगातार यह सामने आ रहा है कि पर्याप्त देखरेख के अभाव में स्कूलों में दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई बार विद्यालय बंद होने के बाद भी बच्चे कक्षाओं या शौचालयों में रह जाते हैं, जिससे अप्रिय घटनाएं होने का खतरा बढ़ जाता है। इसे गंभीर मानते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया गया है।
अब प्रत्येक दिन विद्यालय बंद होने से पहले प्राचार्य या हेडमास्टर स्वयं यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी कक्षाओं, शौचालयों, प्रयोगशालाओं और खेल मैदानों की पूरी जांच हो चुकी है और परिसर में कोई भी छात्र मौजूद नहीं है। इसके बाद ही कमरों और मुख्य द्वार पर ताला लगाया जाएगा।
संचालनालय ने प्रत्येक स्कूल में रोस्टर के आधार पर एक नोडल शिक्षक या कर्मचारी की ड्यूटी लगाने का भी आदेश दिया है। यह कर्मचारी छुट्टी के समय पूरे परिसर का निरीक्षण करेगा और व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित करेगा कि सभी कमरों और मुख्य द्वार पर ताला लगाया गया है।
छात्रों की सुरक्षित निकासी के लिए भी नई व्यवस्था लागू की गई है। छुट्टी के समय मुख्य द्वार पर दो शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी, ताकि भीड़ नियंत्रित रहे और सभी विद्यार्थी सुरक्षित बाहर निकल सकें।
आदेश में स्कूल परिसरों में मौजूद खुले बोरवेल और गड्ढों को तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही बारिश के मौसम को देखते हुए भवनों में करंट आने या विद्युत रिसाव की संभावना पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। सभी विद्युत कनेक्शनों की जांच कर कमियों को तत्काल दूर करने और किसी भी स्थिति में खुले बिजली के तार नहीं रहने देने के निर्देश दिए गए हैं।
यह आदेश क्रमांक क्र./विशा/19/छात्र सुरक्षा/2026/370, दिनांक 15 जुलाई 2026 के तहत जारी किया गया है। इसकी प्रतिलिपि स्कूल शिक्षा विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर को भी भेजी गई है।
आदेश के प्रमुख बिंदु
स्कूल बंद होने से पहले हर कक्षा, शौचालय, लैब और खेल मैदान की जांच अनिवार्य।
परिसर खाली होने के बाद ही कमरों और मुख्य गेट पर लगेगा ताला।
रोस्टर के आधार पर नोडल शिक्षक/कर्मचारी रहेगा जिम्मेदार।
छुट्टी के समय मुख्य द्वार पर दो शिक्षकों की अनिवार्य तैनाती।
खुले बोरवेल और गड्ढों को तत्काल बंद कराने के निर्देश।
बारिश में करंट और खुले बिजली तारों पर विशेष निगरानी।

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