एक साल से लंबित प्रकरण जल्द निपटाने के निर्देश, नक्शा बटांकन और सीमांकन को दी सर्वोच्च प्राथमिकता
बिलासपुर | जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों के तेजी से निराकरण और तहसील कार्यालयों की कार्यप्रणाली सुधारने के उद्देश्य से कलेक्टर संजय अग्रवाल ने शुक्रवार को बिलासपुर और सकरी तहसील का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण किया जाए।



कलेक्टर ने तहसीलों में चल रहे विभिन्न राजस्व प्रकरणों की फाइलें खुद देखकर उनकी प्रगति और निराकरण की गुणवत्ता का परीक्षण किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक प्रकरण लंबित रहने से आम लोगों को बार-बार तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, इसलिए नियमित पेशियां तय कर मामलों का जल्द निपटारा सुनिश्चित किया जाए।
नक्शा बटांकन और सीमांकन पर सबसे ज्यादा जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नक्शा बटांकन और सीमांकन के लंबित मामलों को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में देरी होने से भूमि विवाद बढ़ते हैं और नागरिकों को नामांतरण, निर्माण अनुमति सहित कई शासकीय कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
अभिलेखों के रखरखाव की भी जांच
कलेक्टर ने तहसील कार्यालय में रखे गए राजस्व अभिलेखों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी रिकॉर्ड सुरक्षित, अद्यतन और व्यवस्थित रखें ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जा सके।
पक्षकारों और अधिवक्ताओं से भी की चर्चा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसील कार्यालय पहुंचे राजस्व प्रकरणों के पक्षकारों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिवक्ताओं से भी चर्चा कर राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित और प्रभावी निराकरण को लेकर सुझाव लिए।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर शिवकुमार बनर्जी सहित राजस्व विभाग के अधिकारी और तहसील का अमला मौजूद रहा।
मुख्य बातें
बिलासपुर और सकरी तहसील का कलेक्टर ने किया औचक निरीक्षण।
एक साल से लंबित राजस्व मामलों के जल्द निराकरण के निर्देश।
नक्शा बटांकन और सीमांकन को दी सर्वोच्च प्राथमिकता।
राजस्व अभिलेखों को व्यवस्थित और अद्यतन रखने पर जोर।
पक्षकारों और अधिवक्ताओं से सीधे चर्चा कर लिए सुझाव।



