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मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चला रहे हैं? बिलासपुर में 2,621 चालकों पर गिरी ट्रैफिक पुलिस की गाज, अब AI कैमरों की पैनी नजर

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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बिलासपुर। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करना या स्क्रीन देखने की आदत अब भारी पड़ सकती है। बिलासपुर यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान चलाते हुए मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाने वाले 2,621 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने साफ कर दिया है कि यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं, बल्कि अब लगातार अभियान के रूप में जारी रहेगी। शहर में लगे आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) कैमरों से ऐसे चालकों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में यातायात पुलिस लगातार नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई कर रही है। इसके साथ ही लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का अभियान भी चलाया जा रहा है।
युवाओं में बढ़ रही लापरवाही बनी चिंता
यातायात पुलिस के अनुसार सबसे अधिक चिंता युवाओं की उस प्रवृत्ति को लेकर है, जिसमें वे वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करते हैं, मैसेज देखते हैं या सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं। कई चालक कान में ईयरबड या ईयरफोन लगाकर वाहन चलाते हैं, जिससे उनका ध्यान सड़क से भटक जाता है और दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 21(25) के तहत वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित है। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई की जा रही है।
कैमरों से हो रही निगरानी, बचना मुश्किल
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे आईटीएमएस कैमरों के जरिए मोबाइल का उपयोग करते हुए वाहन चलाने वालों की लगातार निगरानी की जा रही है। कैमरों में नियम उल्लंघन कैद होते ही चालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जा रही है।
मोबाइल से भटकता है ध्यान, बढ़ता है हादसों का खतरा
यातायात पुलिस का कहना है कि वाहन चलाते समय मोबाइल के उपयोग से चालक का ध्यान सड़क से हट जाता है। इससे पीछे या आगे चल रहे वाहनों के संकेत, ब्रेकिंग, मोड़ और अचानक सामने आने वाली परिस्थितियों पर समय रहते प्रतिक्रिया नहीं हो पाती। यही लापरवाही कई बार गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनती है।
इमरजेंसी सेवाओं पर भी पड़ता है असर
पुलिस के मुताबिक मोबाइल में व्यस्त चालक कई बार एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, टोइंग वाहन, गैस, पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को रास्ता देने में भी देरी कर देते हैं, जिससे आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती हैं।
पीए सिस्टम से भी दी जा रही चेतावनी
यातायात पुलिस शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे सार्वजनिक उद्घोषणा (पीए) सिस्टम के माध्यम से लगातार लोगों को सचेत कर रही है कि वाहन चलाते समय मोबाइल, ईयरबड और ईयरफोन का उपयोग न करें। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
हर साल बढ़ रहे वाहन, अनुशासन की जरूरत
पुलिस ने बताया कि वर्ष 2025 में बिलासपुर में लगभग 63 हजार नए वाहन सड़कों पर जुड़े। लगातार बढ़ते वाहनों के कारण यातायात का दबाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में यदि चालक नियमों का पालन नहीं करेंगे तो जाम, अव्यवस्था और दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाएगी।
यातायात पुलिस की अपील
यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें और स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मोबाइल का उपयोग करते हुए वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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