
निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा अनिवार्य करने पर जोर, जिला प्रशासन और नगरीय निकायों से 7 जुलाई तक मांगी कार्रवाई रिपोर्ट
रायपुर। बारिश के मौसम में खुले गड्ढों, निर्माणाधीन स्थलों और पानी से लबालब नालियों से बच्चों की सुरक्षा पर बढ़ते खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग सक्रिय हो गया है। आयोग ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, सभी जिला कलेक्टरों और नगरीय निकायों को बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश जारी किए हैं। आयोग का कहना है कि बारिश के दौरान खुले गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है और सबसे अधिक जोखिम बच्चों पर रहता है।
आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि खेलते समय या स्कूल आते-जाते बच्चों को पानी से भरे गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे गंभीर हादसे हो सकते हैं। इसे देखते हुए आयोग ने शहरी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर खुले गड्ढों, नालियों और निर्माणाधीन स्थलों की पहचान करने और वहां तत्काल सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।
आयोग ने अनुशंसा की है कि जहां भी निर्माण कार्य चल रहे हैं या गड्ढे खोदे गए हैं, वहां मजबूत बैरिकेडिंग और सुरक्षा घेरा लगाया जाए। साथ ही निर्माण एजेंसियों और आवासीय कॉलोनियों को भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि निर्माण कार्य के दौरान खोदे गए गड्ढे खुले न छोड़ें और उनके आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रहे।
संवेदनशील और निर्माणाधीन स्थलों पर आवश्यकता के अनुसार चौकीदार या सुरक्षाकर्मी तैनात करने की भी बात कही गई है, ताकि बच्चों की आवाजाही के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका को कम किया जा सके। आयोग ने जिला स्तर पर नियमित समीक्षा और सतत निगरानी पर भी विशेष जोर दिया है।
आयोग ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित निकायों से बारिश के मौसम में किए गए सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी 7 जुलाई 2026 तक उपलब्ध कराने को कहा है। इसमें खुले गड्ढों की पहचान, बैरिकेडिंग, सुरक्षा घेरा, निगरानी व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपायों से संबंधित कार्रवाई का विवरण शामिल रहेगा।



