बिलासपुर, रायपुर। मोहम्मद इसराइल
छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव अब केवल आंतरिक प्रक्रिया नहीं रह गए हैं, बल्कि कांग्रेस की भविष्य की युवा नेतृत्व राजनीति का सबसे बड़ा शक्ति परीक्षण बनते जा रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव से पहले जारी ‘हाई परफॉर्मर लिस्ट’ ने पूरे चुनावी समीकरण को नई दिशा दे दी है। सूची में शामिल नेताओं ने इसे शीर्ष नेतृत्व का विश्वास बताया है, वहीं राजनीतिक गलियारों में इसे चुनावी संदेश और संगठन के भीतर प्रभावशाली चेहरों की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

दिल्ली की नजर, छत्तीसगढ़ की सियासत
प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव इस बार सीधे-सीधे राष्ट्रीय नेतृत्व की निगरानी में हो रहा है। नामांकन, इंटरव्यू, डिजिटल सदस्यता और ऑनलाइन मतदान जैसी प्रक्रियाओं के जरिए संगठन नई टीम चुनने की तैयारी में है। इसी बीच जारी हुई ‘हाई परफॉर्मर लिस्ट फॉर स्टेट प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट्स’ ने यह संकेत दिया है कि राष्ट्रीय नेतृत्व किन सक्रिय चेहरों के कामकाज को गंभीरता से देख रहा है।
सूची में प्रदेश के विभिन्न सामाजिक वर्गों, महिलाओं, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, ओबीसी, अल्पसंख्यक और सामान्य वर्ग के नेताओं को स्थान दिया गया है। इसमें हनी परमीत बग्गा, अमित शर्मा, लोकेश वशिष्ठ, विनयशील गुप्ता, कापिल कांत, सतेंद्र चेलक, नजरूल इस्लाम, मृदुला बास्कर, गुलज़ेब अहमद, आशिका कुजूर, प्रीति वैष्णव, प्रीतिका विश्वकर्मा, गणेश दुगा, मनहरन वर्मा, शशांक साहू, सतीश ठाकुर, पुष्पेंद्र साहू, अनुप वर्मा, फहीम शेख, आकाश केसरवानी, अभिजीत तिवारी, पीतांबर नाग, आदित्य भगत, शिखा रॉय, शालिनी रामटेके, सागर वाघमारे, आस मोहम्मद, जुल्फेकार अहमद और निखिलकांत साहू जैसे नाम शामिल हैं।
पर्दे के पीछे सक्रिय दिग्गज, युवा चुनाव में बड़े नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर
प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव भले यूथ कांग्रेस का हो, लेकिन इसके राजनीतिक मायने कहीं बड़े हैं। कांग्रेस के भीतर यह चर्चा तेज है कि अलग-अलग खेमे अपने समर्थित चेहरों को मजबूत करने में जुटे हैं।
राजनीतिक हलकों में यह माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव और कांग्रेस नेता देवेंद्र यादव सहित कई वरिष्ठ नेता संगठन के भीतर अपने प्रभाव वाले उम्मीदवारों को मजबूत करने के लिए सक्रिय हैं। इसे आगामी विधानसभा और लोकसभा की राजनीति से पहले युवा संगठन में शक्ति संतुलन तय करने वाली प्रक्रिया के रूप में भी देखा जा रहा है।
‘हाई परफॉर्मर’ टैग से बदले समीकरण



सूची जारी होने के बाद जिन नेताओं के नाम शामिल हुए हैं, उन्होंने इसे राष्ट्रीय नेतृत्व का विश्वास बताया है। कई नेताओं ने सार्वजनिक रूप से राष्ट्रीय प्रभारी, राष्ट्रीय अध्यक्ष और चुनाव प्राधिकरण का आभार जताते हुए कहा है कि यह सम्मान संगठन के प्रति उनकी जिम्मेदारी और बढ़ाता है।
हालांकि, संगठन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि केवल इस सूची में शामिल होना प्रदेश अध्यक्ष बनने की दौड़ में कोई औपचारिक बढ़त देता है। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे संकेत चुनावी माहौल और समर्थकों के उत्साह को प्रभावित जरूर करते हैं।
डिजिटल वोटिंग से होगा फैसला, जमीनी नेटवर्क बनेगा सबसे बड़ा हथियार
यूथ कांग्रेस के चुनाव में इस बार सदस्यता और मतदान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित है। ऐसे में केवल राजनीतिक पहचान ही नहीं, बल्कि सक्रिय कार्यकर्ताओं का नेटवर्क, डिजिटल सदस्यता अभियान और बूथ स्तर तक संगठन की पकड़ निर्णायक मानी जा रही है।
यही वजह है कि प्रदेश अध्यक्ष पद के दावेदार लगातार जिलों का दौरा कर रहे हैं और समर्थकों के बीच अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं।
जिला स्तर पर भी बढ़ी हलचल
प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ ब्लॉक और जिला इकाइयों के चुनाव ने भी संगठन के भीतर प्रतिस्पर्धा बढ़ा दी है। बिलासपुर शहर और ग्रामीण अध्यक्ष पद के लिए बड़ी संख्या में दावेदार मैदान में हैं। वर्तमान पदाधिकारी, एनएसयूआई से जुड़े नेता, पूर्व अध्यक्ष, कांग्रेस नेताओं के परिजन और कई नए चेहरे भी चुनावी दौड़ में शामिल हैं।
कुछ दावेदार ऐसे भी हैं जिनका नाम पूर्व में विवादों और आपराधिक मामलों में सामने आ चुका है। चुनावी प्रक्रिया के तहत प्रत्याशियों से आपराधिक मामलों की जानकारी भी मांगी जा रही है, जिससे संगठन पारदर्शिता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है।

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युवा संगठन से भविष्य की राजनीति का रास्ता
कांग्रेस में लंबे समय से यूथ कांग्रेस को भविष्य के नेतृत्व की प्रयोगशाला माना जाता रहा है। प्रदेश अध्यक्ष का पद केवल संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं बल्कि भविष्य की मुख्यधारा राजनीति का प्रवेश द्वार भी माना जाता है। पिछले वर्षों में यूथ कांग्रेस से निकले कई नेता विधायक, सांसद और राष्ट्रीय स्तर के पदों तक पहुंचे हैं। यही वजह है कि इस चुनाव पर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की भी गहरी नजर बनी हुई है।



