प्लास्टिक कार्रवाई से शुरू हुआ विवाद, निगम कर्मचारी बनाम पार्षद पक्ष आमने-सामने
बिलासपुर। बिलासपुर नगर निगम की स्वच्छता पेट्रोलिंग टीम और तिफरा क्षेत्र के जनप्रतिनिधि पक्ष के बीच विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ कार्रवाई के दौरान निगम कर्मचारियों से कथित अभद्रता और धमकी देने का आरोप लगाते हुए कर्मचारियों ने संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इसके साथ ही उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी तक काम बंद रखने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, वार्ड क्रमांक-6 के पार्षद पति ने पूरे घटनाक्रम को पुरानी रंजिश का परिणाम बताते हुए निगम के स्वास्थ्य अधिकारी पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्ती के दौरान शुरू हुआ विवाद
नगर निगम की स्वच्छता पेट्रोलिंग टीम शहर में प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ नियमित अभियान चला रही है। इसी अभियान के तहत टीम तिफरा क्षेत्र में जांच कर रही थी। कार्रवाई के दौरान एक दुकान से पांच किलो से अधिक प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया और संबंधित दुकानदार पर नियमानुसार जुर्माना लगाया गया।
इसी कार्रवाई के दौरान स्वच्छता पेट्रोलिंग टीम के सदस्य पवन चौहान के मोबाइल फोन पर वार्ड क्रमांक-6 के पार्षद पति के भाई मुन्ना सिंह का फोन आने का आरोप है। कर्मचारियों का कहना है कि बातचीत के दौरान उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और कथित रूप से धमकी भी दी गई। इस बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल बताया जा रहा है।
एफआईआर दर्ज, अजाक थाने में भी दी शिकायत
घटना के बाद निगम कर्मचारी सीधे सिरगिट्टी थाना पहुंचे और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। कर्मचारियों ने अजाक थाने में भी शिकायत प्रस्तुत की। मामले को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई।
विकास भवन पहुंचे कर्मचारी, गिरफ्तारी तक काम बंद करने की चेतावनी
शुक्रवार को नगर निगम के कर्मचारी विकास भवन पहुंचे और अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे काम नहीं करेंगे। कर्मचारियों की मांग के बाद निगम अधिकारियों ने उन्हें कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया और पूरे मामले में आवश्यक प्रक्रिया अपनाने का आश्वासन दिया।
पार्षद पति बोले- छोटे दुकानदारों के पक्ष में की थी बात
विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए वार्ड क्रमांक-6 के पार्षद पति संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने स्वच्छता टीम से केवल इतना आग्रह किया था कि छोटे दुकानदारों के खिलाफ अत्यधिक सख्ती न बरती जाए। उनके अनुसार बाद में उनके भाई और निगम कर्मचारियों के बीच कहासुनी हो गई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
निगम अधिकारी पर लगाए पुराने भ्रष्टाचार के आरोप
संजय सिंह ने नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी प्रवेश कश्यप पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जोन क्रमांक-2 में उनके कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार हुआ था। उनका दावा है कि इस संबंध में पहले भी शिकायत और जांच कराई जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसी पुराने विवाद और रंजिश के चलते वर्तमान मामला दर्ज कराया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी उठाई।
पुराने विवाद भी रहे हैं चर्चा में
नगर निगम की स्वच्छता पेट्रोलिंग टीम पहले भी विवादों में रही है। इससे पहले टीम के प्रभारी पर दुकानदारों से पैसे लेने के आरोप लगे थे, जिसके बाद महापौर द्वारा उन्हें निलंबित किया गया था। इसी वजह से मौजूदा विवाद ने भी शहर में चर्चा का विषय बना दिया है।
तिफरा में प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्ती के दौरान विवाद।
पांच किलो से अधिक प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त, दुकानदार पर जुर्माना।
निगम कर्मचारी से फोन पर कथित अभद्रता और धमकी का आरोप।
सिरगिट्टी थाने में एफआईआर, अजाक थाने में भी शिकायत।
आरोपी की गिरफ्तारी तक काम बंद करने की कर्मचारियों की चेतावनी।
पार्षद पति ने पुरानी रंजिश और निगम अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
स्वास्थ्य अधिकारी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग।
स्वच्छता पेट्रोलिंग टीम पहले भी विवादों में रह चुकी है।

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