
रायपुर। छत्तीसगढ़ में लंबे इंतजार के बाद मानसून की गतिविधियां धीरे-धीरे तेज होती नजर आ रही हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर मौसम केंद्र द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार 23 जून को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कई जिलों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, वहीं 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मानसून पहले ही प्रदेश के कुछ हिस्सों में दस्तक दे चुका है और अगले 24 घंटे के दौरान इसके और क्षेत्रों में विस्तार करने की संभावना है। इससे आने वाले दिनों में वर्षा गतिविधियों में और वृद्धि हो सकती है।
बिलासपुर संभाग में बारिश की संभावना
बिलासपुर संभाग के अधिकांश जिलों में मंगलवार को बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है।
स्थानीय स्तर पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम को देखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं और बिजली गिरने की स्थिति में खुले मैदानों से दूर रहें।
सरगुजा संभाग में सक्रिय रहेगा मौसम
उत्तर छत्तीसगढ़ के सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया तथा एमसीबी जिले में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। पहाड़ी और वन क्षेत्रों में कहीं-कहीं अच्छी वर्षा होने की संभावना है। मौसम विभाग का मानना है कि मानसूनी प्रभाव सबसे पहले इन्हीं क्षेत्रों में अधिक दिखाई देगा।
रायपुर सहित मध्य छत्तीसगढ़ में राहत के संकेत
राजधानी रायपुर समेत धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार और बालोद जिले में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश हो सकती है। रायपुर में अधिकतम तापमान लगभग 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बारिश की संभावना के बावजूद उमस का असर बना रह सकता है। हालांकि वर्षा होने पर लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
बस्तर अंचल में भी बदलेगा मौसम
जगदलपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर सहित बस्तर संभाग के जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं। पिछले कुछ दिनों से इस क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं, जिसके चलते कई स्थानों पर पहले ही अच्छी वर्षा दर्ज की जा चुकी है।
वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्षा के साथ कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
क्या करें, क्या न करें
गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में न रहें।
पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
मोबाइल और धातु की वस्तुओं का खुले क्षेत्र में उपयोग न करें।
किसान खेतों में काम करते समय मौसम की जानकारी लेते रहें।
तेज हवा के दौरान कमजोर संरचनाओं और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
मानसून की रफ्तार बढ़ने के संकेत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त नमी मिलने और अनुकूल वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण मानसून की प्रगति में तेजी आने की संभावना है। यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं तो अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में नियमित मानसूनी वर्षा शुरू हो सकती है।
प्रदेशवासियों के लिए राहत की बात यह है कि भीषण गर्मी और उमस के बीच अब मानसून सक्रिय होने लगा है। आने वाले 48 से 72 घंटे छत्तीसगढ़ के मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।



