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बिलासपुर में कबीरमय होगा रविवार, सम्मान, सत्संग, सूफी भजन और रक्तदान का महाआयोजन; कबीर पंथ समाज ने प्रकट उत्सव पर शराब-मांस बिक्री बंद कराने की उठाई मांग

Mohammed Israil
Mohammed Israil  - Editor
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उपमुख्यमंत्री अरुण साव होंगे मुख्य अतिथि, मेधावी छात्रों से लेकर वरिष्ठजनों और कला जगत की प्रतिभाओं का होगा सम्मान; दामाखेड़ा के महंत राजू दास और सूफी गायक डॉ. सुरेश ठाकुर देंगे भजनों की प्रस्तुति
बिलासपुर। सद्गुरु कबीर साहब के प्रकट उत्सव को लेकर बिलासपुर में व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। सद्गुरु कबीर नवयुवक मंडल मानिकपुरी (पनिका) एवं कबीर पंथ समाज बिलासपुर द्वारा 21 जून को स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल ऑडिटोरियम में एक दिवसीय भव्य प्रकट उत्सव, सम्मान समारोह, रक्तदान शिविर, सत्संग और सूफी भजन संध्या का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर समाज में उत्साह का माहौल है और बड़ी संख्या में समाजजनों की सहभागिता की तैयारी की जा रही है।


आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में शिक्षा, सेवा, सम्मान और सामाजिक जागरूकता के संदेश को भी आगे बढ़ाना है। इसी कड़ी में मेधावी छात्र-छात्राओं, वरिष्ठजनों, समाजसेवियों, कला और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाली विभूतियों का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा।

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उपमुख्यमंत्री अरुण साव की मौजूदगी में होगा आयोजन
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला, बिलासपुर विधायक एवं पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, महापौर पूजा विधानी, आयोजक समिति के संरक्षक महंत ईश्वर दास मानिकपुरी तथा एमआईसी सदस्य श्याम साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
इसके अलावा पार्षद मधुबाला अनुज टंडन और पूर्व पार्षद शैलेन्द्र यादव सहित कई सामाजिक और जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
गुरु महिमा पाठ से होगी शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे गुरु महिमा पाठ और दीप प्रज्ज्वलन के साथ होगी। इसके बाद सुबह 10 बजे से विभिन्न सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। इसमें समाज के वरिष्ठ नागरिकों, चयनित मेधावी छात्र-छात्राओं तथा समाज के विशिष्ट योगदानकर्ताओं को सम्मानित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ी सिनेमा और लोककला से जुड़ी हस्तियों का भी होगा सम्मान
आयोजन समिति ने इस वर्ष कला, साहित्य और सिनेमा जगत से जुड़ी कई प्रतिभाओं को भी सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
सुबह 11 बजे से आयोजित विशेष सम्मान समारोह में मानिकपुरी पनिका समाज के चर्चित छत्तीसगढ़ी कलाकार आनंद मानिकपुरी, कबीर भजन गायक नवल दास, हास्य कवि मजराज दास साहेब तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित फिल्म “आरजे बस्तर” के निर्देशक एवं बॉलीवुड फिल्म निर्देशक मनीष मानिकपुरी का सम्मान किया जाएगा।
रक्तदान महादान: समाज सेवा का संदेश
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर भी होगा। दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाले इस शिविर में युवाओं और समाजजनों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की गई है। आयोजन समिति ने इसे “रक्तदान महादान” की संकल्पना से जोड़ते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य में सहभागी बनने का आह्वान किया है।
सूफी भजनों और कबीर वाणी से गूंजेगा ऑडिटोरियम
दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक प्रसिद्ध सूफी भजन गायक डॉ. सुरेश ठाकुर कबीर साहब के भजनों की प्रस्तुति देंगे। इसके बाद धर्मनगर दामाखेड़ा से पधारने वाले महंत राजू दास साहेब अपने भजनों और आध्यात्मिक संदेशों से श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे।
आयोजन समिति का कहना है कि कबीर साहब की वाणी सामाजिक समरसता, भाईचारे और मानवता का संदेश देती है और इस कार्यक्रम के माध्यम से उसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
दिनभर चलेगा सद्गुरु भोजन भंडारा
आयोजन स्थल पर दोपहर से लेकर रात्रि 8 बजे तक सद्गुरु भोजन भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और आगंतुकों के शामिल होने की संभावना है।
कबीर पंथ समाज ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
इधर, सद्गुरु कबीर नवयुवक मंडल एवं कबीर पंथ समाज ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सद्गुरु कबीर साहब के प्रकट उत्सव के अवसर पर एक दिन के लिए शराब और मांस की बिक्री बंद रखने की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि कबीर साहब का प्रकट उत्सव समाज के लिए अत्यंत पवित्र और आस्था से जुड़ा अवसर है। समाज की भावनाओं तथा आयोजन की पवित्रता, शांति और सद्भाव को बनाए रखने के लिए उत्सव के दिन क्षेत्र में शराब एवं मांस विक्रय पर रोक लगाने की मांग की गई है।
समाज में उत्साह, तैयारियां अंतिम चरण में
आयोजन समिति के अध्यक्ष राकेश दास मानिकपुरी, कार्यकारिणी अध्यक्ष हस्दास मानिकपुरी एवं ईश्वर दास मानिकपुरी सहित पूरी टीम कार्यक्रम को सफल बनाने में जुटी हुई है। समाज के युवा, महिलाएं और वरिष्ठजन आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
कबीर पंथ समाज का मानना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि शिक्षा, सम्मान, सेवा, रक्तदान और सामाजिक एकता का भी एक बड़ा मंच बनेगा, जहां कबीर साहब के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

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