स्टेट से नेशनल और अब इंटरनेशनल गोल्ड; कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीतकर बढ़ाया भारत और छत्तीसगढ़ का मान
बिलासपुर। बिलासपुर के होनहार खिलाड़ी राजवीर शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत का तिरंगा बुलंद कर दिया है। नेपाल के पोखरा शहर में आयोजित प्रथम इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप-2026 में जूनियर बालक वर्ग में भाग लेते हुए राजवीर शर्मा ने स्वर्ण पदक जीतकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन किया है।




14 से 17 जून 2026 तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में नेपाल, बांग्लादेश और भारत सहित विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। बिलासपुर के इंदु इमैजिका हाईकोर्ट निवासी एवं एलसीआईटी पब्लिक स्कूल में कक्षा पांचवीं के छात्र राजवीर शर्मा (शुभ) ने अपने दमदार खेल प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया।
नेपाल और बांग्लादेश के खिलाड़ियों को हराकर जीता स्वर्ण
प्रतियोगिता के दौरान राजवीर ने लगातार शानदार मुकाबले खेले और नेपाल व बांग्लादेश के खिलाड़ियों को पराजित करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फाइनल मुकाबले में उनके आत्मविश्वास, तकनीक और आक्रामक खेल ने निर्णायकों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
इस जीत के साथ राजवीर शर्मा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाले बिलासपुर के सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं।
लगातार तीसरी बड़ी सफलता
राजवीर शर्मा की यह उपलब्धि किसी एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं है। उन्होंने पिछले वर्ष सितंबर में आयोजित राज्य स्तरीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता था। इसके बाद दिसंबर 2025 में आयोजित ओपन नेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप, छत्तीसगढ़ में भी उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया।
अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड जीतकर राजवीर ने उपलब्धियों की हैट्रिक पूरी कर ली है। स्टेट, नेशनल और इंटरनेशनल—तीनों स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने खेल करियर में एक नई मिसाल कायम की है।
कम उम्र में रचा इतिहास
खेल विशेषज्ञों के अनुसार इतनी कम उम्र में लगातार राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। राजवीर की इस सफलता को बिलासपुर के खेल जगत के लिए भी एक प्रेरणादायक उपलब्धि माना जा रहा है।
परिवार और कोच ने जताई खुशी
राजवीर की इस ऐतिहासिक सफलता पर परिवार में खुशी का माहौल है। दादी निर्मला पुरुषोत्तम शर्मा, पिता यत्नदीप शर्मा, माता भानुप्रिया शर्मा, बड़े पापा अरविंद शर्मा, बड़ी मम्मी आरती शर्मा, चाचा रोमहर्ष शर्मा, चाची कोमल शर्मा, दीदी आराध्या शर्मा, बहन स्तुति शर्मा तथा परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली कोच रिमझिम गुप्ता ने भी राजवीर के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने प्रतियोगिता में अनुशासन, मेहनत और आत्मविश्वास का शानदार परिचय दिया।
बिलासपुर के लिए गौरव का क्षण
नेपाल की धरती पर भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले राजवीर शर्मा आज बिलासपुर के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं। उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर छोटे शहरों के खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना सकते हैं।
राजवीर की इस सफलता पर खेल प्रेमियों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और शहरवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दी हैं।



