कोरिया/सोनहत। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र में आधी रात ऐसा खूनी खेल खेला गया, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। रेत कारोबार को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद मंगलवार देर रात हिंसा की उस भयावह तस्वीर में बदल गया, जिसमें एक लग्जरी फॉर्च्यूनर कार देखते ही देखते आग का गोला बन गई और उसके भीतर फंसे लोगों की जिंदगी मौत से जंग लड़ने लगी।
घटना सोनहत के नौगई गांव की है, जहां भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह का परिवार लंबे समय से रेत कारोबार से जुड़े विवादों के कारण चर्चा में था। बताया जाता है कि नौगई रेत घाट का ठेका भरत सिंह के रिश्तेदार शिक्षक नागेंद्र सिंह के बेटे ने लिया था। इसी रेत घाट को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से तनाव और टकराव की स्थिति बनी हुई थी।
आधी रात गांव में बढ़ा तनाव, फिर मचा कोहराम
ग्रामीणों के अनुसार सोमवार देर रात गांव का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि विवाद ने ऐसा रूप लिया कि भरत सिंह के घर के आसपास बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। देखते ही देखते कहासुनी और टकराव बढ़ गया।
इसी दौरान भरत सिंह जिस फॉर्च्यूनर वाहन में सवार थे, उसका रास्ता कथित रूप से एक भारी डंपर लगाकर रोक दिया गया। इसके बाद घटनाक्रम ने ऐसा मोड़ लिया जिसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया।
फॉर्च्यूनर पर पेट्रोल, फिर आग की लपटें
आरोप है कि वाहन पर पेट्रोल छिड़का गया और कुछ ही क्षणों में फॉर्च्यूनर आग की भयानक लपटों में घिर गई। रात के अंधेरे में उठती आग की ऊंची लपटें और चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा।
कार में भरत सिंह, उनके भाई एवं शिक्षक नागेंद्र सिंह, रायपुर निवासी वीरू सिंह तथा एक अन्य व्यक्ति सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ ही मिनटों में वाहन पूरी तरह आग की चपेट में आ गया।
बाहर निकलने का मौका नहीं मिला?
घटना को लेकर सबसे गंभीर आरोप यह सामने आया है कि वाहन में सवार लोगों को सुरक्षित बाहर निकलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाया। आग तेजी से फैलती चली गई और कार के भीतर मौजूद लोग बुरी तरह झुलस गए।
जब तक स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचती, तब तक हालात भयावह हो चुके थे। चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल था और गांव में दहशत फैल चुकी थी।
भाजपा नेता की मौके पर मौत
भीषण आग में झुलसे पूर्व जनपद पंचायत उपाध्यक्ष भरत सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। उनके शरीर का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया था। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया।
शिक्षक भाई ने भी तोड़ा दम
गंभीर रूप से झुलसे नागेंद्र सिंह समेत अन्य घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अंबिकापुर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान नागेंद्र सिंह ने भी दम तोड़ दिया।
वहीं वीरू सिंह और एक अन्य घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों को बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है।
रेत कारोबार का विवाद या सुनियोजित हमला?
घटना के पीछे रेत घाट को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद बताया जा रहा है। नौगई रेत घाट, अवैध खनन और कथित तस्करी को लेकर क्षेत्र में पहले भी तनाव की चर्चाएं होती रही हैं। इसी विवाद ने आखिरकार खूनी रूप ले लिया या इसके पीछे कोई और वजह है, यह जांच का विषय बना हुआ है।
गांव से राजधानी तक मचा हड़कंप
दो लोगों की मौत और दो लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की इस घटना ने स्थानीय राजनीति, रेत कारोबार और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग अस्पताल और घटनास्थल की ओर पहुंचने लगे।
पुलिस की जांच कई सवालों के जवाब तलाश रही
घटनास्थल से मिले साक्ष्य, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, वाहन की स्थिति और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां अब जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा विषय हैं। पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।



